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Kaithal News: श्रीमद्भागवत का एकमात्र लक्ष्य हरिनाम का प्रचार
Tue, 02 Jul 2024 06:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 02 Jul 2024 06:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इस्कॉन समिति की ओर से हिंदू कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर जयकारे लगे। अंतिम दिन कथा व्यास साक्षी गोपाल दास प्रभु ने कर्म पर जोर देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत का एकमात्र लक्ष्य हरिनाम का प्रचार करना है।
उन्होंने बताया कि जब सारा संसार साथ छोड़ देगा तो हरिनाम ही काम आएगा, जो हमें शांति प्रदान करता है। हमारी आत्मा की खुराक हरिनाम है। जब तक हमारी आत्मा को भोजन नहीं मिलेगा, तब तक हम संसार के किसी भी वैभव द्वारा सुखी नहीं हो सकते। जिस तरह एक शीशे पर धूल जमा हो जाती है उसी प्रकार हमारी आत्मा रूपी शीशे पर काम, क्रोध, लोभ, मोह एवं मद की धूल जमा हुई है और यह केवल हरिनाम के जल से ही साफ होगी।
प्रभु ने हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे! हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे! महामंत्र की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि जो कोई भी व्यक्ति इस हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करेगा, उसे सभी मंत्र के जाप करने का लाभ मिल जाएगा। जिस प्रकार एक वृक्ष की जड़ों में पानी देने से सारा वृक्ष हरा भरा हो जाता है, पेट में भोजन डालने से शरीर की सभी इंद्रियां तृप्त हो जाती हैं, उसी प्रकार इस महामंत्र का जाप करने से सभी मंत्रों के जाप का लाभ मिल जाता है।
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अध्यात्म ही हमारी आत्मा का भोजन है और भगवान के पवित्र नाम का जाप, उनके गुणों का चिंतन, उनकी लीलाएं और भगवान के शुद्ध भक्तों का संग ये सभी अध्यात्म में ही गिने जाते हैं।
प्रभु ने कथा में बताया कि श्रीमद्भगवत गीता में भगवान स्वयं कहते हैं कि मनुष्य योनि में आकर जीव को अपनी आत्मा का उद्धार करना चाहिए।
नाम जाप की महिमा को बताते हुए प्रभु जी ने सभी श्रोताओं से दक्षिणा के रूप में नित्य दो माला महामंत्र का जाप का वचन लिया। माला करने की सही विधि बताकर सभी भक्तों को माला अपने कर-कमलों से प्रसाद रूप में दी। समिति के प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि इस्कॉन द्वारा आयोजित 17वीं भागवत कथा के सप्तम दिवस पर कथा के यजमान डॉ डीपी गुप्ता, मनदीप सिंह जी (वरिष्ठ एडवोकेट), डॉ प्रतीक जिंदल, विनोद भल्ला जी सहित इस्कॉन प्रचार समिति के सभी सदस्यों ने कथा को विश्राम दिया।
कथा पंडाल में समिति के प्रधान दीपक अग्रवाल, राज गुलाटी, आशीष गर्ग, रामनिवास, संजय वाही, अमित गर्ग, संजीव धीमान, श्याम लाल वर्मा, रमेश कुमार, बलविंदर, नीरज गर्ग, रमेश चंद, सुमित ओबराय मौजूद रहे।
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कैथल। इस्कॉन समिति की ओर से हिंदू कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर जयकारे लगे। अंतिम दिन कथा व्यास साक्षी गोपाल दास प्रभु ने कर्म पर जोर देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत का एकमात्र लक्ष्य हरिनाम का प्रचार करना है।
उन्होंने बताया कि जब सारा संसार साथ छोड़ देगा तो हरिनाम ही काम आएगा, जो हमें शांति प्रदान करता है। हमारी आत्मा की खुराक हरिनाम है। जब तक हमारी आत्मा को भोजन नहीं मिलेगा, तब तक हम संसार के किसी भी वैभव द्वारा सुखी नहीं हो सकते। जिस तरह एक शीशे पर धूल जमा हो जाती है उसी प्रकार हमारी आत्मा रूपी शीशे पर काम, क्रोध, लोभ, मोह एवं मद की धूल जमा हुई है और यह केवल हरिनाम के जल से ही साफ होगी।
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प्रभु ने हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे! हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे! महामंत्र की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि जो कोई भी व्यक्ति इस हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करेगा, उसे सभी मंत्र के जाप करने का लाभ मिल जाएगा। जिस प्रकार एक वृक्ष की जड़ों में पानी देने से सारा वृक्ष हरा भरा हो जाता है, पेट में भोजन डालने से शरीर की सभी इंद्रियां तृप्त हो जाती हैं, उसी प्रकार इस महामंत्र का जाप करने से सभी मंत्रों के जाप का लाभ मिल जाता है।
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अध्यात्म ही हमारी आत्मा का भोजन है और भगवान के पवित्र नाम का जाप, उनके गुणों का चिंतन, उनकी लीलाएं और भगवान के शुद्ध भक्तों का संग ये सभी अध्यात्म में ही गिने जाते हैं।
प्रभु ने कथा में बताया कि श्रीमद्भगवत गीता में भगवान स्वयं कहते हैं कि मनुष्य योनि में आकर जीव को अपनी आत्मा का उद्धार करना चाहिए।
नाम जाप की महिमा को बताते हुए प्रभु जी ने सभी श्रोताओं से दक्षिणा के रूप में नित्य दो माला महामंत्र का जाप का वचन लिया। माला करने की सही विधि बताकर सभी भक्तों को माला अपने कर-कमलों से प्रसाद रूप में दी। समिति के प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि इस्कॉन द्वारा आयोजित 17वीं भागवत कथा के सप्तम दिवस पर कथा के यजमान डॉ डीपी गुप्ता, मनदीप सिंह जी (वरिष्ठ एडवोकेट), डॉ प्रतीक जिंदल, विनोद भल्ला जी सहित इस्कॉन प्रचार समिति के सभी सदस्यों ने कथा को विश्राम दिया।
कथा पंडाल में समिति के प्रधान दीपक अग्रवाल, राज गुलाटी, आशीष गर्ग, रामनिवास, संजय वाही, अमित गर्ग, संजीव धीमान, श्याम लाल वर्मा, रमेश कुमार, बलविंदर, नीरज गर्ग, रमेश चंद, सुमित ओबराय मौजूद रहे।