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लड़कियों की संख्या स्कूलों में लड़कों की अपेक्षा ज्यादा
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कोरोना काल समाप्ति की ओर जाने से विद्यार्थी अब स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं लगाने के लिए पहुंचने लगे हैं। राजकीय और निजी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 80 प्रतिशत के से ज्यादा हो गई है। परीक्षाएं होने के कारण कुछ कक्षाओं के विद्यार्थियों का अवकाश जारी है, लेकिन अन्य विद्यार्थी स्कूलों में शिक्षा के लिए पहुंच रहे हैं। कोरोना काल की बात करें तो बीते दो वर्षों में कुछ विद्यार्थियों ने अपनी पारिवारिक स्थिति को देखते हुए पढ़ाई छोडक़र काम शुरू कर दिया, लेकिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या पर इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। इसका कारण ये है कि नए विद्यार्थियों ने स्कूलों में प्रवेश लिया है।
स्कूलों में पहुंचने वाले विद्यार्थियों में इस समय लड़कियों की संख्या लड़कों की अपेक्षा ज्यादा है। कुल विद्यार्थियों में से 70 प्रतिशत के करीब लड़के व 80 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियां पहुंच रही हैं। शिक्षकों का कहना है कि कुछ विद्यार्थी भले ही पढ़ाई छोड़ गए, लेकिन स्कूलों में नए विद्यार्थी आने से संख्या पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। जल्द ही शत-प्रतिशत उपस्थिति की उम्मीद है।
पट्टी अफगान स्थित राजकीय स्कूल के प्रिंसिपल विनय गुलाटी ने बताया कि उनके स्कूल में 870 के करीब विद्यार्थी हैं। साढ़े 600 से ज्यादा स्कूल में आ रहे हैं। लड़कियां ज्यादा आ रही हैं। कुछ लड़कों ने कोरोना काल में काम शुरू कर दिया, वे स्कूल में नहीं आ रहे। संपर्क कर बच्चों का स्कूल भी बुलाया गया, लेकिन बच्चों ने मना कर दिया।
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जाखौली अड्डा स्कूल के प्रिंसिपल पवन धीमान ने कहा कि उनके स्कूल में 1700 के करीब विद्यार्थी हैं। जिनकी छुट्टी हो चुकी है, वे ही घर पर रह रहे हैं। ज्यादातर विद्यार्थी स्कूल में पहुंचकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकरीबन सभी स्कूलों में फिलहाल छात्राओं की संख्या ज्यादा है। नए सत्र से सभी विद्यार्थियों के स्कूल में पहुंचने की उम्मीद है।
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स्कूलों में पहुंचने वाले विद्यार्थियों में इस समय लड़कियों की संख्या लड़कों की अपेक्षा ज्यादा है। कुल विद्यार्थियों में से 70 प्रतिशत के करीब लड़के व 80 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियां पहुंच रही हैं। शिक्षकों का कहना है कि कुछ विद्यार्थी भले ही पढ़ाई छोड़ गए, लेकिन स्कूलों में नए विद्यार्थी आने से संख्या पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। जल्द ही शत-प्रतिशत उपस्थिति की उम्मीद है।
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पट्टी अफगान स्थित राजकीय स्कूल के प्रिंसिपल विनय गुलाटी ने बताया कि उनके स्कूल में 870 के करीब विद्यार्थी हैं। साढ़े 600 से ज्यादा स्कूल में आ रहे हैं। लड़कियां ज्यादा आ रही हैं। कुछ लड़कों ने कोरोना काल में काम शुरू कर दिया, वे स्कूल में नहीं आ रहे। संपर्क कर बच्चों का स्कूल भी बुलाया गया, लेकिन बच्चों ने मना कर दिया।
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जाखौली अड्डा स्कूल के प्रिंसिपल पवन धीमान ने कहा कि उनके स्कूल में 1700 के करीब विद्यार्थी हैं। जिनकी छुट्टी हो चुकी है, वे ही घर पर रह रहे हैं। ज्यादातर विद्यार्थी स्कूल में पहुंचकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकरीबन सभी स्कूलों में फिलहाल छात्राओं की संख्या ज्यादा है। नए सत्र से सभी विद्यार्थियों के स्कूल में पहुंचने की उम्मीद है।