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युवकों में नहीं दिखा पुलिस का खौफ, थाने के बाहर एक दूसरे के ऊपर करते रहे फायरिंग
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The fear of the police was not seen in the youth, they kept firing on each other outside the police station.
- फोटो : Kaithal
कैथल। तितरम पुलिस थाने में शनिवार दोपहर पंचायत के तुरंत बाद 10 से 15 राउंड फायरिंग के बाद पुलिस अलर्ट हुई और युवकों की धरपकड़ शुरू कर दी, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पुलिस थाने में पंचायत में या फिर थाने के आसपास असलहा लेकर युवक कैसे घूम सकते हैं? जिस तरह से फायरिंग हुई, उसे देखते हुए नहीं लग रहा कि फायरिंग करने वाले युवकों में पुलिस का कोई खौफ हो। जिस जगह पर फायरिंग हुई है, उस जगह पर कई गांवों में आने-जाने के लिए सवारियां बैठती हैं। गनीमत यह रही कि किसी यात्री को गोली नहीं लगी।
घटना थाना तितरम के गेट के बिल्कुल सामने सड़क के दूसरी ओर हुई है। जहां फलों की रेहड़ी भी लगी है। यहां एक महिला ने कहा कि झगड़े के दौरान उसे गोलियों की आवाज सुनाई दी तो वह रेहड़ी से दूर भागी। यहां मौके पर खून ही खून बिखरा नजर आया। वहीं एक गाड़ी जो, पुलिस थाने के बाहर खड़ी थी। उसके शीशे तोड़े हुए थे। यहां एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक युवक पर उन्हें भागते हुए फायरिंग की आवाज सुनाई दी। एक युवक को पुलिस ने मौके से हिरासत में भी लिया है।
अस्पताल में भी हुआ विवाद
अस्पताल में एक युवक ने कहा कि उनके लाला से रंगदारी वसूली का खेल चल रहा है। वे अपने लाला के साथ पंचायत के बाद गुलमोहर सिटी आ गए थे। बाद में पता चला कि मीत्ता व प्रदीप को गोली लगी है तो वे मौके पर पहुंचे। वे इससे पहले से एक लाइसेंसी रिवाल्वर वहां से ले आए थे, ताकि कोई विवाद न हो। लेकिन दूसरे पक्ष ने उनके साथियों पर गोलियां चला दीं। इतना ही नहीं, जिला अस्पताल में एक युवक असलहा लिए हुए था। जिसे उसने एक पुलिस कर्मचारी को भी दिखाया, लेकिन बाद में पुलिस का कहना है कि कोई असलहा नहीं है।
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घटना के चश्मदीद पार्षद प्रतिनिधि बिल्लू चंदाना ने कहा कि लाला हरीश के पक्ष में पंचायत में वे भी गए थे। पंचायत के बाद उन्हें अंदेशा हुआ कि कुछ युवक गड़बड़ी में आए हुए हैं। उन्होंने पुलिस से भी अपनी आशंका जता दी। इसके बाद थाने के बाहर से गोलियों की आवाज सुनाई दी। उनका सवाल है कि आखिर पुलिस थाने के आसपास युवक असलहा कैसे लिए हुए थे? पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। थाना सिविल लाइन प्रभारी ने कहा कि अस्पताल में युवक के पास से असलहा बरामद नहीं हुआ है। यदि होगा तो इसका पता लगा लिया जाएगा।
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घटना थाना तितरम के गेट के बिल्कुल सामने सड़क के दूसरी ओर हुई है। जहां फलों की रेहड़ी भी लगी है। यहां एक महिला ने कहा कि झगड़े के दौरान उसे गोलियों की आवाज सुनाई दी तो वह रेहड़ी से दूर भागी। यहां मौके पर खून ही खून बिखरा नजर आया। वहीं एक गाड़ी जो, पुलिस थाने के बाहर खड़ी थी। उसके शीशे तोड़े हुए थे। यहां एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक युवक पर उन्हें भागते हुए फायरिंग की आवाज सुनाई दी। एक युवक को पुलिस ने मौके से हिरासत में भी लिया है।
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अस्पताल में भी हुआ विवाद
अस्पताल में एक युवक ने कहा कि उनके लाला से रंगदारी वसूली का खेल चल रहा है। वे अपने लाला के साथ पंचायत के बाद गुलमोहर सिटी आ गए थे। बाद में पता चला कि मीत्ता व प्रदीप को गोली लगी है तो वे मौके पर पहुंचे। वे इससे पहले से एक लाइसेंसी रिवाल्वर वहां से ले आए थे, ताकि कोई विवाद न हो। लेकिन दूसरे पक्ष ने उनके साथियों पर गोलियां चला दीं। इतना ही नहीं, जिला अस्पताल में एक युवक असलहा लिए हुए था। जिसे उसने एक पुलिस कर्मचारी को भी दिखाया, लेकिन बाद में पुलिस का कहना है कि कोई असलहा नहीं है।
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घटना के चश्मदीद पार्षद प्रतिनिधि बिल्लू चंदाना ने कहा कि लाला हरीश के पक्ष में पंचायत में वे भी गए थे। पंचायत के बाद उन्हें अंदेशा हुआ कि कुछ युवक गड़बड़ी में आए हुए हैं। उन्होंने पुलिस से भी अपनी आशंका जता दी। इसके बाद थाने के बाहर से गोलियों की आवाज सुनाई दी। उनका सवाल है कि आखिर पुलिस थाने के आसपास युवक असलहा कैसे लिए हुए थे? पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। थाना सिविल लाइन प्रभारी ने कहा कि अस्पताल में युवक के पास से असलहा बरामद नहीं हुआ है। यदि होगा तो इसका पता लगा लिया जाएगा।