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Kaithal News: चहेतों की गणना ड्यूटी काटी, दूसरों को भेजा 35 किमी दूर
Wed, 06 May 2026 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 06 May 2026 02:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जनगणना कार्य अव्यवस्था और भेदभाव के आरोपों के बीच घिरता नजर आ रहा है। प्रगणकों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। प्रभावशाली लोगों के करीबियों की ड्यूटी काटकर उन्हें घर के नजदीक तैनात किया गया, जबकि अन्य को 30 से 35 किलोमीटर दूर क्षेत्रों में भेज दिया गया।
कुछ मामलों में प्रगणकों को पंजाब बॉर्डर तक ड्यूटी पर भेजने की बात भी सामने आई है। हसला प्रधान राजीव मलिक ने आरोप लगाया कि चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि कई प्रगणकों को अब तक किट और पहचान पत्र नहीं मिले हैं, जबकि कुछ स्थानों पर स्कूल प्रिंसिपल शिक्षकों को गणना कार्य के लिए कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं।
महिला प्रगणकों के सामने विशेष कठिनाइयां हैं। उन्हें दूर-दराज के गांवों में बिना परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था के भेजा गया है, जिससे उन्हें मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रगणकों का कहना है कि बिना नियुक्ति पत्र के फील्ड में काम करना जोखिम भरा है। किसी अनहोनी की स्थिति में उनके पास यह साबित करने का भी कोई प्रमाण नहीं होगा कि वे सरकारी ड्यूटी पर थे। इस अव्यवस्था का असर स्कूलों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है, जहां शिक्षकों की अनुपस्थिति से सिलेबस प्रभावित हो रहा है।
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उधर, एसडीएम कैथल संजय कुमार ने कहा कि 30 अप्रैल को सभी आवश्यक सामग्री वितरित कर दी गई थी। यदि किसी प्रगणक को परेशानी है तो वह सीधे उनसे संपर्क करे, समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्यूटी नियमानुसार लगाई गई है, फिर भी शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।
प्रिंसिपल और प्रशासन आमने-सामने
कैथल और पूंडरी खंड में स्थिति और भी विकट है। एक ओर प्रशासन ने शिक्षकों की ड्यूटी गणना में लगा दी है, तो दूसरी ओर स्कूलों के प्रिंसिपल उन्हें कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं। इस प्रशासनिक खींचतान में शिक्षक बीच में पिस रहे हैं। विशेषकर महिला प्रगणकों के लिए यह स्थिति मानसिक प्रताड़ना जैसी बन गई है, जिन्हें दूर-दराज के गांवों में पहुंचने के लिए न तो परिवहन की सुविधा दी गई है और न ही सुरक्षा का कोई आश्वासन।
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कैथल। जनगणना कार्य अव्यवस्था और भेदभाव के आरोपों के बीच घिरता नजर आ रहा है। प्रगणकों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। प्रभावशाली लोगों के करीबियों की ड्यूटी काटकर उन्हें घर के नजदीक तैनात किया गया, जबकि अन्य को 30 से 35 किलोमीटर दूर क्षेत्रों में भेज दिया गया।
कुछ मामलों में प्रगणकों को पंजाब बॉर्डर तक ड्यूटी पर भेजने की बात भी सामने आई है। हसला प्रधान राजीव मलिक ने आरोप लगाया कि चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि कई प्रगणकों को अब तक किट और पहचान पत्र नहीं मिले हैं, जबकि कुछ स्थानों पर स्कूल प्रिंसिपल शिक्षकों को गणना कार्य के लिए कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं।
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महिला प्रगणकों के सामने विशेष कठिनाइयां हैं। उन्हें दूर-दराज के गांवों में बिना परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था के भेजा गया है, जिससे उन्हें मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रगणकों का कहना है कि बिना नियुक्ति पत्र के फील्ड में काम करना जोखिम भरा है। किसी अनहोनी की स्थिति में उनके पास यह साबित करने का भी कोई प्रमाण नहीं होगा कि वे सरकारी ड्यूटी पर थे। इस अव्यवस्था का असर स्कूलों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है, जहां शिक्षकों की अनुपस्थिति से सिलेबस प्रभावित हो रहा है।
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उधर, एसडीएम कैथल संजय कुमार ने कहा कि 30 अप्रैल को सभी आवश्यक सामग्री वितरित कर दी गई थी। यदि किसी प्रगणक को परेशानी है तो वह सीधे उनसे संपर्क करे, समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्यूटी नियमानुसार लगाई गई है, फिर भी शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।
प्रिंसिपल और प्रशासन आमने-सामने
कैथल और पूंडरी खंड में स्थिति और भी विकट है। एक ओर प्रशासन ने शिक्षकों की ड्यूटी गणना में लगा दी है, तो दूसरी ओर स्कूलों के प्रिंसिपल उन्हें कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं। इस प्रशासनिक खींचतान में शिक्षक बीच में पिस रहे हैं। विशेषकर महिला प्रगणकों के लिए यह स्थिति मानसिक प्रताड़ना जैसी बन गई है, जिन्हें दूर-दराज के गांवों में पहुंचने के लिए न तो परिवहन की सुविधा दी गई है और न ही सुरक्षा का कोई आश्वासन।