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Kaithal News: टेंडर लेने वाली एजेंसी हो सकती ब्लैकलिस्ट
Thu, 27 Apr 2023 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 27 Apr 2023 12:07 AM IST
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कैथल। शहर में पुराने बस अड्डे की जगह में बन रहे सिटी स्क्वेयर के मामले में नगर परिषद प्रशासन ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जल्द ही हाउस की बैठक बुलाकर इसका टेंडर लेकर काम न करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
गौरतलब है कि सात से आठ सालों से यह प्रोजेक्ट अधूरा है। कांग्रेस सरकार में शुरू हुए प्रोजेक्ट पर कई बार आरोपों के चलते कई बार राजनीतिक समीकरणों के चलते काम प्रभावित हुआ। बंद हुआ और फिर शुरू हुआ।
पिछले साल के अंत तक किसी तरह से इसका काम सुचारू रूप से चलवाया गया था। इसके बाद फरवरी माह में अचानक से फर्म ने काम बंद कर दिया। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने अब तक दो बार फर्म को नोटिस जारी किया है। इसमें काम न करने पर पांच करोड़ रुपये तक के जुर्माने के प्रावधान के बारे में जानकारी दी है। इससे भी आगे बढ़कर अब इस फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है ताकि इसका टेंडर रद्द करके किसी अन्य एजेंसी को काम दिया जा सके।
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प्रोजेक्ट 32 से बढ़कर 54 करोड़ का हो गया
यह प्रोजेक्ट जब बना था, उस समय इसकी लागत 32 करोड़ रुपये आंकी थी। इसके बाद से रिवाइज एस्टीमेट तैयार हुआ। इसमें इसकी लागत बढ़कर 54 करोड़ रुपये हो गई है। अब फिर से काम बंद होने के कारण इसकी लागत के भी बढ़ने का अनुमान है।
नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि काम लेने के बावजूद काम न करने के कारण सिटी स्क्वेयर का काम लेने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए जल्द ही हाउस की बैठक बुलाई जाएगी ताकि टेंडर रद्द करके किसी अन्य एजेंसी को काम देकर इसका काम पूरा करवाया जा सके। अब तक दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है।
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गौरतलब है कि सात से आठ सालों से यह प्रोजेक्ट अधूरा है। कांग्रेस सरकार में शुरू हुए प्रोजेक्ट पर कई बार आरोपों के चलते कई बार राजनीतिक समीकरणों के चलते काम प्रभावित हुआ। बंद हुआ और फिर शुरू हुआ।
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पिछले साल के अंत तक किसी तरह से इसका काम सुचारू रूप से चलवाया गया था। इसके बाद फरवरी माह में अचानक से फर्म ने काम बंद कर दिया। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने अब तक दो बार फर्म को नोटिस जारी किया है। इसमें काम न करने पर पांच करोड़ रुपये तक के जुर्माने के प्रावधान के बारे में जानकारी दी है। इससे भी आगे बढ़कर अब इस फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है ताकि इसका टेंडर रद्द करके किसी अन्य एजेंसी को काम दिया जा सके।
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प्रोजेक्ट 32 से बढ़कर 54 करोड़ का हो गया
यह प्रोजेक्ट जब बना था, उस समय इसकी लागत 32 करोड़ रुपये आंकी थी। इसके बाद से रिवाइज एस्टीमेट तैयार हुआ। इसमें इसकी लागत बढ़कर 54 करोड़ रुपये हो गई है। अब फिर से काम बंद होने के कारण इसकी लागत के भी बढ़ने का अनुमान है।
नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि काम लेने के बावजूद काम न करने के कारण सिटी स्क्वेयर का काम लेने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए जल्द ही हाउस की बैठक बुलाई जाएगी ताकि टेंडर रद्द करके किसी अन्य एजेंसी को काम देकर इसका काम पूरा करवाया जा सके। अब तक दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है।