फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Stop diarrhea campaign started to reduce infant mortality rate

Kaithal News: शिशु मृत्यु दर कम करने को दस्त रोको अभियान शुरू

Tue, 02 Jul 2024 06:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 02 Jul 2024 06:05 AM IST
विज्ञापन
Stop diarrhea campaign started to reduce infant mortality rate
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में सोमवार को शिशु मृत्यु दर रोकने के लिए दस्त रोको अभियान की शुरुआत की। इसके तहत सिविल सर्जन डाॅ. रेनू चावला ने पूंडरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाए गए ओआरटी कॉर्नर से ओआरएस पैकेट वितरित किए। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बीमार बच्चों को चिह्नित करेंगी। इसके बाद इन बच्चों को सरकारी अस्पताल से उपचार उपलब्ध कराया जायेगा।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवराज सिंह ने बताया कि डायरिया से होने वाले शिशु मृत्यु की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जिला कैथल में एक जुलाई से लेकर 30 अगस्त तक दस्त रोको अभियान चलाया जा रहा है। इस के दौरान जिले में आशा वर्कर तथा एएनएम की ओर से शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को घर घर जाकर ओआरएस पैकेट वितरित करते हुए बच्चों के अभिभावकों को ओआरएस व जिंक के प्रयोग की जानकारी दी जाएगी, ताकि डायरिया होने की स्थिति में तुरंत ओआरएस पैकेट प्रयोग हो सके और जिन बच्चों में डायरिया के लक्षण मिलेंगे, उन्हें जिंक उपलब्ध करवाया जाएगा।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित टीमों को सभी स्कूलों में जाकर हाथ धोने की विधि को विस्तार से बताया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी स्वास्थ्य केंद्रों / उपस्वास्थ्य केंद्राें पर ओआरटी कॉर्नर बनाए गए हैं। इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डाॅ. महेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सभी जिलावासियों से अपील है कि वे अपने बच्चों को डायरिया होने की स्थिति में ओआरएस व जिंक देने के साथ अधिक से अधिक तरल पदार्थ दें। गंभीर डायरिया होने की स्थिति में बच्चों को तुरंत अस्पताल में दाखिल करवाएं, ताकि बच्चों को इस जानलेवा बीमारी से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त हमेशा स्वच्छ व ताजा फल-सब्जियां उपयोग में लाएं। - डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।

डायरिया के कारण

n
बच्चे को स्तनपान न कराना ।

n
बार बार पतले मल के कारण गंभीर निर्जलीकरण।

n
मल में खून, बुखार होना या ठंडा लगना।

n
हथेलियों और तलवे पीले होना।

n
उल्टी कर देना।

ऐसे करें बचाव

n
पीने का पानी साफा एवं सुरक्षित उपयोग करें।

n
आस-पास हमेशा सफाई का ध्यान रखें।

n
हमेशा शौचालय का ही इस्तेमाल करें।

n
बच्चों को छह महीनों तक केवल स्तनपान।

n
पूर्ण आहार और विटामिन ए की खुराक

n
रोटा वायरस और खसरे का टीकाकरण।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed