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Kaithal News: बेड़े में बीएस-6 तकनीक की छह बसें शामिल

Thu, 18 Sep 2025 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 18 Sep 2025 02:10 AM IST
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Six BS-6 technology buses added to the fleet
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। कैथल डिपो के बेड़े में इस माह बीएस-6 तकनीक की छह नई बसें शामिल होने से यात्रियों को कुछ राहत मिली है। वर्तमान में कैथल रोडवेज के पास 196 बसें हैं, जबकि जनसंख्या के हिसाब से यहां 250 बसों की आवश्यकता है। यानी डिपो को अभी भी 54 अतिरिक्त बसों की जरूरत है।

वर्कशॉप मैनेजर अनिल चोपड़ा ने बताया कि कैथल डिपो की ओर से 10 बसों की मांग की गई थी, जिनमें से अभी तक छह ही आई हैं। बहुत जल्द चार और बसें मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि नई बीएस-6 बसें मिलने से ग्रामीण और लंबी दूरी के रूटों पर यात्रियों को राहत मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि नई बसों का चेसिस नंबर पहले ही जारी हो चुका है और डिपो में कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। बसें मिलते ही उन रूटों पर संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जहां अब तक कमी के कारण सेवाएं प्रभावित थीं।
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वर्ष 2018 तक आठ वर्ष पूरी करने वाली रोडवेज बसों को जर्जर मानकर रूटों से हटा दिया गया। दिसंबर 2024 तक लगभग 40 बसें इस श्रेणी में आ चुकी थीं, जिससे लोकल रूटों पर सेवाएं बाधित थीं। नई बीएस-6 बसों के आने से यह कमी काफी हद तक दूर होने की संभावना है।

जिले का परिवहन विभाग नई एसी बसों का इंतजार लंबे समय से कर रहा है। अब तक डिपो को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली है और केवल पुरानी व खटारा बसें ही भेजी जा रही हैं। इससे यात्रियों को लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अगस्त के अंत तक बीएस-6 तकनीक की 10 नई बसें डिपो में शामिल होनी थीं, लेकिन सितंबर माह की शुरुआत में केवल छह बसें आईं। इससे रोडवेज में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी कई यात्रियों को पुराने वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। खराब सड़क और मौसम की स्थिति के कारण इन बसों की संचालन क्षमता भी प्रभावित होती रही है।


कैथल डिपो में 10 बीएस-6 बसों की मांग काफी पहले की गई थी। ये बसें अगस्त में शामिल होनी थीं, लेकिन अब तक छह ही आई हैं। बाकी चार भी माह के अंत तक आ जाएंगी। नई बसों के आने के बाद यह जरूरी है कि पुरानी बसें हटाई जाएं, ताकि बेड़े में संख्या और गुणवत्ता दोनों बनी रहे। -कमलजीत चहल, जीएम रोडवेज
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