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Kaithal News: अनाज मंडी में खरीद प्रभावित, केवल 13 हजार एमटी की खरीद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:22 PM IST
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Procurement in the grain market affected; only 13,000 MT procured.
कैथल की नई मंडी में फसल सुखाता किसान। संवाद
कैथल। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण अनाज मंडियों में धान की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई है। मंडियों में बदइंतजामी और फसल के भीगने के कारण खरीद की रफ्तार धीमी पड़ गई है। शुक्रवार शाम चार बजे तक केवल 13 हजार मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो सकी। इसके पीछे धान में नमी की मात्रा बढ़ने का कारण बताया जा रहा है। खुले आसमान के नीचे पड़े धान के भीग जाने से अब किसानों और आढ़तियों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
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बारिश के कारण मंडियों में भारी मात्रा में धान की फसल भीगी है। भीगे हुए धान को सुखाने के लिए आढ़तियों और किसानों के पास मंडी परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हैं। मंडी के अधिकांश हिस्सों में पहले से ही धान के कट्टे और ढेरियां लगी हुई हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से उठान की गति को थोड़ा तेज किए जाने के बाद मंडियों में खाली जगह बनने की उम्मीद जरूर जगी है।
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दाना काला पड़ने की आशंका
लगातार पानी के संपर्क में रहने और नमी का स्तर बढ़ने से मंडियों में पड़े धान की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। आढ़तियों व किसानों में सुनील, महेंद्र का कहना है कि धान अधिक समय तक गीला रहने के कारण उसका दाना काला पड़ने की आशंका है। मिलिंग के समय चावल की गुणवत्ता प्रभावित होगी जिससे बाजार में इसके सही दाम नहीं मिल पाएंगे। नमी के इस विवाद के कारण खरीद एजेंसियां भी फसल पास करने में आनाकानी कर रही हैं।
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आवक, खरीद और उठान की स्थिति
मंडियों से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम चार बजे तक कुल 4.33 लाख मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की जा चुकी है। इसमें से अब तक विभिन्न सरकारी और निजी एजेंसियों की ओर से कुल 3.21 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं मंडी को खाली करने के लिए तेजी से किए जा रहे प्रयासों के तहत अब तक 2.10 लाख मीट्रिक टन फसल का उठान सुनिश्चित किया गया है। सरकार की ओर से किसानों को फसल का उचित मूल्य देने की प्रक्रिया भी जारी है जिसके तहत अब तक 456 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जा चुका है।

कैथल की नई मंडी में फसल सुखाता किसान। संवाद

कैथल की नई मंडी में फसल सुखाता किसान। संवाद

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