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पर्यावरण प्रदूषण रोकना हम सबकी साझी जिम्मेदारी : उपायुक्त
Wed, 17 Sep 2025 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:25 AM IST
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कैथल। उपायुक्त प्रीति ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। सभी संबंधित अधिकारी गंभीरता से अपनी ड्यूटी निभाएं और पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएं। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। यह बात उन्होंने लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में अधिकारियों की बैठक में कही।
उपायुक्त ने कहा कि किसान पराली में आग न लगाएं, बल्कि इसका सही तरीके से प्रबंधन करके आय का साधन बनाएं। पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं जमीन की उर्वरा शक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पराली प्रबंधन के लिए सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि जो किसान पराली प्रबंधन करता है, उसे सरकार 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देती है।
उन्होंने कहा कि जिले में गठित कमेटियां निरंतर क्षेत्र में रहकर आग
लगाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएं, वहीं किसानों को निरंतर जागरूक भी करते रहे।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नॉन बासमती की फसल लगी है, वहां पर विशेष निगरानी रखी जाए, क्योंकि उन्हीं क्षेत्रों में पराली में आग लगाने की घटना का अंदेशा बना रहता है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि विभाग द्वारा लघु सचिवालय के रूम नंबर 308 में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। कोई भी व्यक्ति कंट्रोल रूम 01746-235756 पर कॉल करके आगजनी की सूचना दे सकते है। उन्होंने कहा कि किसान अपने फसलों की कटाई के बाद अवशेषों में आग न लगाएं, बल्कि उन अवशेषों को अपनी आय का साधन बनाएं।
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उपायुक्त ने कहा कि किसान पराली में आग न लगाएं, बल्कि इसका सही तरीके से प्रबंधन करके आय का साधन बनाएं। पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं जमीन की उर्वरा शक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पराली प्रबंधन के लिए सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि जो किसान पराली प्रबंधन करता है, उसे सरकार 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देती है।
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उन्होंने कहा कि जिले में गठित कमेटियां निरंतर क्षेत्र में रहकर आग
लगाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएं, वहीं किसानों को निरंतर जागरूक भी करते रहे।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नॉन बासमती की फसल लगी है, वहां पर विशेष निगरानी रखी जाए, क्योंकि उन्हीं क्षेत्रों में पराली में आग लगाने की घटना का अंदेशा बना रहता है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि विभाग द्वारा लघु सचिवालय के रूम नंबर 308 में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। कोई भी व्यक्ति कंट्रोल रूम 01746-235756 पर कॉल करके आगजनी की सूचना दे सकते है। उन्होंने कहा कि किसान अपने फसलों की कटाई के बाद अवशेषों में आग न लगाएं, बल्कि उन अवशेषों को अपनी आय का साधन बनाएं।
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