{"_id":"66ef3fc03fa7305d180b2d64","slug":"polling-parties-should-understand-the-rules-closely-kaithal-news-c-18-1-knl1004-481248-2024-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: बारीकी से नियमों को समझ लें पोलिंग पार्टियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: बारीकी से नियमों को समझ लें पोलिंग पार्टियां
Sun, 22 Sep 2024 03:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 22 Sep 2024 03:20 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आईजी कॉलेज व आरकेएसडी स्कूल में ईवीएम हैंड ऑन ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि सभी पोलिंग पार्टियां प्रशिक्षण के दौरान हर एक नियम को बारीकी से समझें ताकि उन्हें दिक्कत न हो।
उन्होंने कहा कि साथ ही पीओ हैंडबुक को गहनता से पढ़ें। प्री-पोल डे से लेकर क्लोजिंग पोल तक की पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग की हिदायतानुसार ही संपन्न करवाएं। डीसी ने कहा कि चुनाव का कार्य बड़ा ही जिम्मेदारी का कार्य हैं, इसे हलके में नहीं लें। पोलिंग पार्टियां के सभी सदस्य आपस में एक दूसरे से परिचित हो जाएं, ताकि मतदान की प्रक्रिया का कार्य समुचित प्रकार से किया जा सके।
इस मौके पर सामान्य पर्यवेक्षक वीजे राजपूत व पुष्पांजलि दास, कलायत आरओ सत्यवान सिंह मान व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि चुनाव प्रणाली को समझने और त्रुटि मुक्त चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
चुनाव में डयूटी कर रहे सभी अधिकारी व कर्मचारी फार्म 12 जरूर भरें और अपना मतदान करें। पोलिंग पार्टियों अपने-अपने बूथों पर जाकर व्यवस्था को अच्छी से जांच लें, यदि कोई कमी महसूस है तो संबंधित उच्च अधिकारी के संज्ञान में लेकर आए। पोलिंग प्रक्रिया के दौरान ईवीएम मशीन खराब होने पर घबराए नहीं, बल्कि संयम में काम लेते हुए संबंधित सेक्टर ऑफिसर को सूचित करें, ताकि समय पर व्यवस्था की जा सके।
मास्टर ट्रेनरों ने टेंडर वोट, चेलेंजड वोट, टैस्ट वोट, रिफ्यूज वोट, फार्म, पोस्टल वोट, माइक्रो पर्यवेक्षक, पोलिंग बूथ के अंदर प्रवेश करने वाले अधिकृत लोगों सहित अन्य चुनावी संबंधी जितने भी पहलू हैं, उन सभी के बारे में गहनता से जानकारी दी। इस दौरान मास्टर ट्रेनर ने पोलिंग पार्टियों से चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल जवाब करते हुए॒ प्रशिक्षण को रूचिकर बनाया।
मास्टर ट्रेनरों ने कहा कि चुनाव से पहले किया जाने वाला मॉक पोल चुनाव को पारदर्शी बनाने की अहम कसौटी है। चुनाव आयोग की हिदायत अनुसार मॉक पोल के दौरान 50 वोट डलवाना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
कैथल। आईजी कॉलेज व आरकेएसडी स्कूल में ईवीएम हैंड ऑन ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि सभी पोलिंग पार्टियां प्रशिक्षण के दौरान हर एक नियम को बारीकी से समझें ताकि उन्हें दिक्कत न हो।
उन्होंने कहा कि साथ ही पीओ हैंडबुक को गहनता से पढ़ें। प्री-पोल डे से लेकर क्लोजिंग पोल तक की पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग की हिदायतानुसार ही संपन्न करवाएं। डीसी ने कहा कि चुनाव का कार्य बड़ा ही जिम्मेदारी का कार्य हैं, इसे हलके में नहीं लें। पोलिंग पार्टियां के सभी सदस्य आपस में एक दूसरे से परिचित हो जाएं, ताकि मतदान की प्रक्रिया का कार्य समुचित प्रकार से किया जा सके।
विज्ञापन
इस मौके पर सामान्य पर्यवेक्षक वीजे राजपूत व पुष्पांजलि दास, कलायत आरओ सत्यवान सिंह मान व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि चुनाव प्रणाली को समझने और त्रुटि मुक्त चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
चुनाव में डयूटी कर रहे सभी अधिकारी व कर्मचारी फार्म 12 जरूर भरें और अपना मतदान करें। पोलिंग पार्टियों अपने-अपने बूथों पर जाकर व्यवस्था को अच्छी से जांच लें, यदि कोई कमी महसूस है तो संबंधित उच्च अधिकारी के संज्ञान में लेकर आए। पोलिंग प्रक्रिया के दौरान ईवीएम मशीन खराब होने पर घबराए नहीं, बल्कि संयम में काम लेते हुए संबंधित सेक्टर ऑफिसर को सूचित करें, ताकि समय पर व्यवस्था की जा सके।
मास्टर ट्रेनरों ने टेंडर वोट, चेलेंजड वोट, टैस्ट वोट, रिफ्यूज वोट, फार्म, पोस्टल वोट, माइक्रो पर्यवेक्षक, पोलिंग बूथ के अंदर प्रवेश करने वाले अधिकृत लोगों सहित अन्य चुनावी संबंधी जितने भी पहलू हैं, उन सभी के बारे में गहनता से जानकारी दी। इस दौरान मास्टर ट्रेनर ने पोलिंग पार्टियों से चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल जवाब करते हुए॒ प्रशिक्षण को रूचिकर बनाया।
मास्टर ट्रेनरों ने कहा कि चुनाव से पहले किया जाने वाला मॉक पोल चुनाव को पारदर्शी बनाने की अहम कसौटी है। चुनाव आयोग की हिदायत अनुसार मॉक पोल के दौरान 50 वोट डलवाना सुनिश्चित करें।