{"_id":"67b8dde970f2d6a2ae01e424","slug":"police-bucket-challenge-to-eliminate-drug-addiction-kaithal-news-c-18-1-knl1004-587082-2025-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: नशे को दूर करने के लिए पुलिस का बकेट चैलेंज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: नशे को दूर करने के लिए पुलिस का बकेट चैलेंज
Sat, 22 Feb 2025 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:41 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नशा मुक्त मुहिम के तहत पुलिस ने बकेट चैलेंज शुरू किया है। इसमें प्रतिभागियों को कीचड़ भरे पानी से भरी एक बाल्टी लेनी होती है, जो नशे के जीवन पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों का प्रतीक है। इसके बाद वे इस गंदे पानी को बाहर फेंकते हैं, जो नशे को जीवन से निकालने और एक स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसी कड़ी में बीते दिन खंड कलायत और गुहला के गांवों में भी जागरूकता टीमों ने लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। सदस्यों ने बताया कि बाल्टी में गंदे पानी को फेंकना केवल एक प्रतीकात्मक क्रिया नहीं, बल्कि नशे के विरुद्ध विद्रोह जताने का एक नया तरीका बन चुका है।
एसपी राजेश कालिया ने बताया कि पुलिस की ओर से चलाया गया बकेट चैलेंज अभियान यह केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कानूनी कार्रवाई और सामुदायिक भागीदारी से भी जोड़ा गया है। पुलिस ने सैकड़ों मामले दर्ज किए हैं, कई बड़े ड्रग माफियाओं को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए नए कदम उठाए हैं, लेकिन असली लड़ाई तब तक नहीं जीती जा सकती। जब तक समाज नशे को पूरी तरह अस्वीकार्य नहीं बना देता। सरकार अब सिर्फ छोटे-मोटे नशा बेचने वालों को नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।
गौरतलब है कि कैथल पुलिस ने वर्ष 2024 दौरान 83 मामलों में 123 नशा तस्कर काबू किए है। इस लड़ाई को केवल पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। यही कारण है कि इस अभियान में गांवों और स्कूलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
पुलिस का मानना है कि नशा मुक्ति के लिए यह लड़ाई आसान नहीं है। भले ही गिरफ्तारियां हो रही हैं, ड्रग्स जब्त हो रहे हैं, तस्करों पर शिकंजा कस रहा है, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब लोग नशे को पूरी तरह से ठुकरा देंगे।
पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि अगर हर मां-बाप यह तय कर लें कि उनका बेटा या बेटी नशे से दूर रहेगा, अगर हर गांव यह संकल्प सौदागरों को अपने इलाके में घुसने नहीं देगा, अगर हर स्कूल यह तय कर ले कि उसके छात्रों को ड्रग्स के बारे में सही जानकारी दी जाएगी तब जाकर यह समस्या खत्म हो सकेगी।
जब तक समाज नशे के खिलाफ एकजुट नहीं होगा, तब तक लड़ाई अधूरी रहेगी। बकेट चैलेंज नशे के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि एक नई सोच, एक नया संकल्प और एक नए हरियाणा की कहानी लिखने की शुरुआत है।
सोशल मीडिया पर करीब तीन मिलियन व्यूज
नशा मुक्ति के लिए एक अनोखी पहल करते हुए हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डीजीपी ओपी सिंह ने इस बकेट चैलेंज की शुरुआत की थी। यह सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो चुका है। करीब दो हफ्तों इस अभियान ने तीन मिलियन व्यूज पार कर लिए हैं। लोग इस अभियान से तेजी से जुड़ रहे हैं।
विज्ञापन
कैथल। नशा मुक्त मुहिम के तहत पुलिस ने बकेट चैलेंज शुरू किया है। इसमें प्रतिभागियों को कीचड़ भरे पानी से भरी एक बाल्टी लेनी होती है, जो नशे के जीवन पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों का प्रतीक है। इसके बाद वे इस गंदे पानी को बाहर फेंकते हैं, जो नशे को जीवन से निकालने और एक स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसी कड़ी में बीते दिन खंड कलायत और गुहला के गांवों में भी जागरूकता टीमों ने लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। सदस्यों ने बताया कि बाल्टी में गंदे पानी को फेंकना केवल एक प्रतीकात्मक क्रिया नहीं, बल्कि नशे के विरुद्ध विद्रोह जताने का एक नया तरीका बन चुका है।
विज्ञापन
एसपी राजेश कालिया ने बताया कि पुलिस की ओर से चलाया गया बकेट चैलेंज अभियान यह केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कानूनी कार्रवाई और सामुदायिक भागीदारी से भी जोड़ा गया है। पुलिस ने सैकड़ों मामले दर्ज किए हैं, कई बड़े ड्रग माफियाओं को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए नए कदम उठाए हैं, लेकिन असली लड़ाई तब तक नहीं जीती जा सकती। जब तक समाज नशे को पूरी तरह अस्वीकार्य नहीं बना देता। सरकार अब सिर्फ छोटे-मोटे नशा बेचने वालों को नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।
गौरतलब है कि कैथल पुलिस ने वर्ष 2024 दौरान 83 मामलों में 123 नशा तस्कर काबू किए है। इस लड़ाई को केवल पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। यही कारण है कि इस अभियान में गांवों और स्कूलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
पुलिस का मानना है कि नशा मुक्ति के लिए यह लड़ाई आसान नहीं है। भले ही गिरफ्तारियां हो रही हैं, ड्रग्स जब्त हो रहे हैं, तस्करों पर शिकंजा कस रहा है, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब लोग नशे को पूरी तरह से ठुकरा देंगे।
पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि अगर हर मां-बाप यह तय कर लें कि उनका बेटा या बेटी नशे से दूर रहेगा, अगर हर गांव यह संकल्प सौदागरों को अपने इलाके में घुसने नहीं देगा, अगर हर स्कूल यह तय कर ले कि उसके छात्रों को ड्रग्स के बारे में सही जानकारी दी जाएगी तब जाकर यह समस्या खत्म हो सकेगी।
जब तक समाज नशे के खिलाफ एकजुट नहीं होगा, तब तक लड़ाई अधूरी रहेगी। बकेट चैलेंज नशे के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि एक नई सोच, एक नया संकल्प और एक नए हरियाणा की कहानी लिखने की शुरुआत है।
सोशल मीडिया पर करीब तीन मिलियन व्यूज
नशा मुक्ति के लिए एक अनोखी पहल करते हुए हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डीजीपी ओपी सिंह ने इस बकेट चैलेंज की शुरुआत की थी। यह सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो चुका है। करीब दो हफ्तों इस अभियान ने तीन मिलियन व्यूज पार कर लिए हैं। लोग इस अभियान से तेजी से जुड़ रहे हैं।