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Kaithal News: थर्ड डिग्री टार्चर के खिलाफ लोग सड़कों पर
Fri, 11 Jul 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 11 Jul 2025 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सीवन थाने में महिला के साथ कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर के मामले को लेकर गुरुवार को भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों ने जिला सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सुबह जवाहर पार्क में एकत्रित हुए, जहाँ से नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर कूच किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जिस लड़की को घर से भगाया गया था, उसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। मीडिया के समक्ष लड़की और उसके पिता ने ममता नामक महिला को पूरे मामले की मास्टरमाइंड बताया और कहा कि ममता ने ही उनकी बेटी को इस रास्ते पर धकेला। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पर ममता को थर्ड डिग्री देने के आरोप निराधार हैं और ममता ने जांच से बचने के लिए यह ‘ड्रामा’ रचा है।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि ममता को अस्पताल से लाकर जेल भेजा जाए, ताकि अन्य लड़कियाँ उसकी शिकार न बनें। पीड़ित लड़की के परिजन पहले भी ममता की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीवन थाने के सामने धरना दे चुके हैं।
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मामले ने तूल पकड़ने के बाद, जब पुलिस ने लड़की को परिजनों से मिलवाया, तो आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। स्थिति यह रही कि वे ही सामाजिक संगठन, जिन्होंने पहले ममता को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन किया था, अब दोनों महिलाओं को न्याय देने की मांग कर रहे हैं।
नाराज प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
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कैथल। सीवन थाने में महिला के साथ कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर के मामले को लेकर गुरुवार को भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों ने जिला सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सुबह जवाहर पार्क में एकत्रित हुए, जहाँ से नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर कूच किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जिस लड़की को घर से भगाया गया था, उसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। मीडिया के समक्ष लड़की और उसके पिता ने ममता नामक महिला को पूरे मामले की मास्टरमाइंड बताया और कहा कि ममता ने ही उनकी बेटी को इस रास्ते पर धकेला। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पर ममता को थर्ड डिग्री देने के आरोप निराधार हैं और ममता ने जांच से बचने के लिए यह ‘ड्रामा’ रचा है।
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प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि ममता को अस्पताल से लाकर जेल भेजा जाए, ताकि अन्य लड़कियाँ उसकी शिकार न बनें। पीड़ित लड़की के परिजन पहले भी ममता की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीवन थाने के सामने धरना दे चुके हैं।
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मामले ने तूल पकड़ने के बाद, जब पुलिस ने लड़की को परिजनों से मिलवाया, तो आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। स्थिति यह रही कि वे ही सामाजिक संगठन, जिन्होंने पहले ममता को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन किया था, अब दोनों महिलाओं को न्याय देने की मांग कर रहे हैं।
नाराज प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।