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Kaithal News: अल्ट्रासाउंड सेवाएं बंद रहने से मरीज हुए परेशान

Sat, 27 Jul 2024 04:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 27 Jul 2024 04:12 AM IST
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Patients upset due to ultrasound services being closed
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले में शुक्रवार को दूसरे दिन भी मांगों के संदर्भ में चिकित्सकों की हड़ताल जारी रही। वहीं, अब एनएचएम के तहत लगे स्टाफ ने भी अपनी हड़ताल शुरू कर दी है। चिकित्सकों ने वीरवार को सामूहिक अवकाश लिया था, लेकिन वे शुक्रवार को भी अपने काम पर नहीं लौटे। इस कारण दूसरे दिन मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।

पहले दिन तो नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम), आयुष, अर्बन हेल्थ वेलनेस सेंटर, आरबीएसके कार्यक्रम के एमबीबीएस डॉक्टरों को ओपीडी में जांच करने के लिए ड्यूटी लगाई थी। जिला नागरिक अस्पताल दूसरे दिन ओपीडी तो जारी रही, लेकिन यहां पर अल्ट्रासाउंड सेवाएं बंद रहने से मरीजों की परेशानी झेलनी पड़ी। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ा।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. ललित जांगड़ा ने बताया कि जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से हड़ताल के चलते सिविल अस्पताल में सामान्य दिनों की अपेक्षा कम संख्या में मरीज पहुंच रहे है। सामान्य दिनों में 1200 से 1500 तक रहने वाली ओपीडी अब एक हजार से नीचे चली गई है। अब चिकित्सकों ने जल्द ही हड़ताल वापस न ली तो एंबुलेंस की सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
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उधर, हड़ताल के चलते आपातकालीन वार्ड में भी काफी कम संख्या में मरीज पहुंचे। अपनी पत्नी निशा के इलाज के लिए पहुंचे सुरेंद्र ने बताया कि चिकित्सकों की हड़ताल के चलते उनका इलाज नहीं हो पाया। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आए थे लेकिन यहां कमरे के बाहर ताला लगा हुआ है। सुबह से वे किसी डॉक्टर के आने का इंतजार किया।

जिला प्रधान डॉ. ललित जांगड़ा ने बताया कि हमारी 4 मुख्य मांगें हैं, जिनमें पीजी बॉन्ड 50 लाख से कम करना और एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं करने की है। इसके साथ ही एसीपी और भत्ते केंद्र सरकार के बराबर देने और विशेषज्ञ डॉक्टरों को अलग से कैडर बनाने की मांग है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अलग से कैडर बनाने की घोषणा की थी। सरकार ने स्वीकृति मिलने के बाद इसकी फाइल अफसरों के टेबल पर घूम रही है।


सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जांच के लिए सभी व्यवस्थाएं की हैं। मरीजों को किसी भी प्रकार से अधिक परेशानी नहीं आने दी जा रही है। ओपीडी में स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्यक्रम में शामिल चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार जांच कर रहे हैं। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन
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