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Kaithal News: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने मंगलवार को भी जारी रखी हड़ताल
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ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नारेबाजी करते हुए नर्सिंग स्टाफ। संवाद
कैथल। स्वास्थ्य विभाग की मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति के विरोध में नर्सिंग स्टाफ का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के बैनर तले नर्सिंग अधिकारियों ने मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल में सुबह 10 से 12 बजे तक दो घंटे काम बंद कर हड़ताल की। इस दौरान नर्सिंग स्टाफ ने पॉलिसी में नर्सिंग कैडर को शामिल किए जाने का विरोध करते हुए इसे बाहर रखने की मांग की।
हड़ताल के दौरान अस्पताल में केवल आवश्यक सेवाएं जारी रखी गईं। हालांकि ऑपरेशन और आपातकालीन सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहीं। नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि उनकी ड्यूटी अस्पतालों में अन्य कर्मचारियों से अलग है और उन्हें सुबह, शाम और रात तीनों शिफ्टों में मरीजों की देखभाल करनी पड़ती है। एसोसिएशन की प्रधान सुमन गिल ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत दूर-दराज के क्षेत्रों में तबादला होने पर नर्सिंग स्टाफ को परिवार और बच्चों से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ कई व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। रात की ड्यूटी के दौरान दूर स्थानों पर आवागमन और सुरक्षा भी बड़ी चिंता है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कैडर को पॉलिसी से बाहर रखने की मांग के लिए सरकार से बातचीत और समाधान की उम्मीद है।
सुमन गिल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से जल्द कोई बातचीत नहीं की गई या समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 8 अक्तूबर से एसोसिएशन अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर सकती है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन अपनी मांग के लिए आगे की रणनीति तय करेगी।
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एसोसिएशन के अनुसार 30 सितंबर और 1 अक्तूबर को भी दो घंटे की हड़ताल की जा चुकी है। इस अवसर पर नर्सिंग ऑफिसर जगदीश ढुल, सरिता, नितिन कुमारी, नीलम देवी, रेनू भाटिया, परविंदर कौर, सरोज, टेक्निकल ऑफिसर गुलाब जियोंग, फार्मासिस्ट अनिता और ओटीए मुकेश सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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हड़ताल के दौरान अस्पताल में केवल आवश्यक सेवाएं जारी रखी गईं। हालांकि ऑपरेशन और आपातकालीन सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहीं। नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि उनकी ड्यूटी अस्पतालों में अन्य कर्मचारियों से अलग है और उन्हें सुबह, शाम और रात तीनों शिफ्टों में मरीजों की देखभाल करनी पड़ती है। एसोसिएशन की प्रधान सुमन गिल ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत दूर-दराज के क्षेत्रों में तबादला होने पर नर्सिंग स्टाफ को परिवार और बच्चों से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ कई व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। रात की ड्यूटी के दौरान दूर स्थानों पर आवागमन और सुरक्षा भी बड़ी चिंता है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कैडर को पॉलिसी से बाहर रखने की मांग के लिए सरकार से बातचीत और समाधान की उम्मीद है।
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सुमन गिल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से जल्द कोई बातचीत नहीं की गई या समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 8 अक्तूबर से एसोसिएशन अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर सकती है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन अपनी मांग के लिए आगे की रणनीति तय करेगी।
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एसोसिएशन के अनुसार 30 सितंबर और 1 अक्तूबर को भी दो घंटे की हड़ताल की जा चुकी है। इस अवसर पर नर्सिंग ऑफिसर जगदीश ढुल, सरिता, नितिन कुमारी, नीलम देवी, रेनू भाटिया, परविंदर कौर, सरोज, टेक्निकल ऑफिसर गुलाब जियोंग, फार्मासिस्ट अनिता और ओटीए मुकेश सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नारेबाजी करते हुए नर्सिंग स्टाफ। संवाद