फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   No weighing with electronic scales

Kaithal News: इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तुलाई नहीं

Tue, 16 Sep 2025 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 16 Sep 2025 01:33 AM IST
विज्ञापन
No weighing with electronic scales
नई अनाज मंडी कैथल में भरी रखी धान की बोरियां   संवाद 
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। कैथल नई अनाज मंडी में धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन इसकी तुलाई इलेक्ट्रॉनिक कांटों से नहीं की जा रही। तीन दिन पहले सरकार ने आदेश दिए थे कि मंडियों में आढ़त की दुकानों पर दो डिजिटल कांटे और पांच डिजिटल मोइश्चर मीटर रखना अनिवार्य है। बावजूद इसके, यहां सभी नियमों की अवहेलना की जा रही है।

मंडी में फसल लाने वाले किसानों का कहना है कि उन्हें आढ़तियों द्वारा ई-खरीद मोबाइल एप से टोकन लगाने के बारे में भी जानकारी नहीं दी गई। इसके कारण फसल बेचने में उन्हें परेशानी हो रही है। मंडी सचिव की ओर से आढ़तियों को निर्देश दिए गए थे, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक कांटे उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
विज्ञापन


मंडी में धान के रेट भी अपेक्षित स्तर पर नहीं हैं। सोमवार को 1509 क्विंटल धान 2900 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका। किसानों ने बताया कि मंडी के मुख्य गेट से लेकर शैड तक की सड़क टूटी हुई है, जिससे धान से भरी ट्रॉली पलटने का डर रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने इस बार ऑनलाइन गेट पास की सुविधा भी शुरू की है, लेकिन मंडी प्रशासन और आढ़तियों की ओर से किसानों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। उन्हें मंडी आकर पता चला कि गेट पास ई-खरीद पोर्टल से भी बनाए जा सकते हैं। किसानों का सुझाव है कि सभी अटल सेवा केंद्र संचालकों को निर्देश दिए जाएं कि वे गेट पास बनवाने में किसानों की मदद करें।

पिछले दो दिनों में धान के भाव भी घट गए हैं, जिससे किसानों में मायूसी है। रविवार को मंडी में 1509 क्विंटल धान केवल 2800 रुपये प्रति क्विंटल बिका, जबकि दो दिन पहले यही धान 3200 रुपये तक बिक रहा था। किसानों का कहना है कि बाढ़ की मार के बाद अब रेट कम होने से उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उधर, मौसम साफ होने के बाद अनाज मंडी में धीरे-धीरे धान की आवक तेज होने लगी है। किसानों का कहना है कि मंडियों में प्राइवेट कंपनियों की ओर से धान खरीदा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकारी खरीद शुरू की जाए, ताकि किसानों को परेशानी न हो।

किसानों ने यह भी कहा कि ई-खरीद पोर्टल पर टोकन लेने की प्रक्रिया के बारे में उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे स्वयं गेट पास बना सकें। इससे मंडियों के मुख्य द्वार पर भीड़ कम होगी और किसानों को टोकन या पास के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

ई-खरीद पोर्टल से गेट पास डाउनलोड करवाने के बारे में आढ़तियों को आदेश दिए गए है। वहीं सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तुलाई और मोईचर डिजीटल मीटर रखने बारे आदेश मिलते ही सभी आढ़तियों को सूचित कर दिया गया था। मंडी में आढ़तियों की ओर से यदि नियमों का पालन नहीं की किया जा रहा है तो इसकी जांच की जाएगी। -नरेंद्र ढूल मंडी सचिव


कैथल मंडी में 23 हजार क्विंटल धान की आवक

कैथल नई अनाज मंडी मं अभी तक 23 हजार क्विंटल धान की आवक हुई है। मंडी सचिव की ओर से किसानों को अपील की गई है कि धान को मंडी में सुखाकर ही लाए। किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, उनकी धान की खरीद की जाएगी। मौसम के खुलते ही धान की आवक तेज हुई है। मंडी में बिजली, पानी व मजूदरों के लिए कैंटीन की व्यवस्था की गई है।

नई अनाज मंडी कैथल में भरी रखी धान की बोरियां   संवाद 

नई अनाज मंडी कैथल में भरी रखी धान की बोरियां   संवाद 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed