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Kaithal News: मुस्कान के परिवार को सात साल बाद मिली ‘मुस्कान’

Fri, 07 Apr 2023 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 07 Apr 2023 12:27 AM IST
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Muskan's family gets 'Muskan' after seven years
कैथल। वर्ष 2016 में पुरानी दिल्ली के रेलवे स्टेशन से गुम हुई कैथल निवासी चार साल की मुस्कान 2023 में आखिरकार अपने परिवार के पास पहुंच गई। जिला बाल कल्याण समिति और मानव तस्करी निरोधक शाखा के प्रयासों से करीब सात साल बाद बच्ची अपने परिवार के पास पहुंची तो घर वालों के चेहरों पर भी ‘मुस्कान’ आ गई। अब उसकी उम्र 11 साल है।
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नई अनाज मंडी के पास डेहा बस्ती में एक नजर देखने के बाद ही दादी ने अपनी पोती को तुरंत गले लगा लिया। बाकी परिवार वालों के चेहरे भी मुस्कान को पाकर खिल गए। इस संबंध में समिति के चेयरमैन राणा बंसल ने कार्यालय में पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुस्कान के पिता सतपाल मेहनत मजदूरी करते हैं। 2016 में वह परिवार को लेकर अलवर मजदूरी करने गए थे। लौटते समय दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ के चलते पिता के हाथ से मुस्कान का हाथ क्या छूटा वह भीड़ में गुम हो गई।
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बच्ची की उम्र चार साल थी। सड़क पर घूमते हुए बाल कल्याण समिति के सदस्यों को मिली। उन्होंने उसका पालन-पोषण शुरू कर दिया। समिति के सदस्यों ने बच्ची से उसके परिवार और घर के बारे में जानने की कोशिश की पर नतीजा सिफर रहा। चार साल की मासूम मुस्कान को विभिन्न आश्रमों में रखने के बाद उसे गाजियाबाद के बाल आश्रम में रखा गया। एक दिन सदस्यों को अपना निवास कैथल में होने की बात कही और अपने घर के आसपास के स्थानों की जानकारी दी तो वहां के अधिकारियों ने तुरंत इस बारे में कैथल समिति के अधिकारियों से संपर्क किया। फिर कैथल समिति ने गाजियाबाद के अधिकारियों से अपील की कि वे बच्ची को एक बार कैथल लेकर आएं। करीब साढ़े तीन घंटे तक दोनों शाखाओं के अधिकारी कैथल में विभिन्न स्थानों पर बच्ची के परिवार को ढूंढते रहे। जैसे ही वे बच्ची को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे तो मुस्कान के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
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11 वर्ष की मुस्कान आठवीं में पढ़ती है। उसे परिवार तक पहुंचाने में मानव तस्करी निरोधक शाखा इंचार्ज मदन लाल, डीसीपीओ की ओर से सुरेश, कृष्ण शर्मा, चाइल्ड लाइन करनाल से सुमन व बलकार सिंह का पूरा सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान जारी है।

पांच साल पहले गुम बच्चे को मिलवाया


कैथल। करीब पांच साल पहले गुम हुए बच्चे को पुलिस ने उसके परिजनों से मिलवाया तो उनके चेहरे खिल गए। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने एक माह के लिए ‘ऑपरेशन स्माइल’ नाम से मुहिम चलाई गई है। इसके तहत कैथल से डीएसपी रविंद्र सांगवान के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है जो बच्चों के साथ-साथ गुमशुदा महिलाओं व अन्य व्यक्तियों की भी तलाश कर रही है।

वीरवार को टीम ने पांच वर्ष पहले गुम हुए एक 17 वर्षीय किशोर को ढूंढकर आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया। प्रवक्ता ने बताया कि टीम को वीरवार सुबह सूचना प्राप्त हुई कि पंचमुखी चौक ढांड पर एक बच्चा लावारिस हालात में घूम रहा है। टीम ने किशोर से पूछताछ की तो वह बच्चा मानसिक बीमार मिला। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वह फरल गांव फरल का है। पुलिस टीम ने सीआरओ एचसी मंदीप सिंह से इस संबंध में संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि इसकी गुमशुदगी वर्ष 2018 दौरान थाना पूंडरी में दर्ज है। उन्होंने बताया कि जब वह गुम हुआ था तो उसकी उम्र 12 साल थी। पुलिस टीम ने बच्चे को थाना पूंडरी में ले जाकर उसके परिजनों को थाने में बुलाया गया। जब बच्चे को उन्होंने देखा तो उनके आंखें भीग गईं।


डीएसपी रविंद्र सांगवान ने बताया कि ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत टीम ने कैथल शहर में तीन चाय दुकानों पर काम करने वाले क्रमश: 14, 14 व आठ वर्षीय तीन नाबालिगों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करवाया। उनके परिजनों को बुलाकर उनको ऐसा न करने के बारे में हिदायत दी गई। दुकानदारों को भी हिदायत दी गई कि आगे ऐसा करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। तीनों नाबालिगों को सीडब्ल्यूसी कैथल में पेश करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा गया।
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