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Kaithal News: रोजगार विधेयक के खिलाफ मनरेगा मजदूरों का प्रदर्शन
Thu, 18 Dec 2025 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 18 Dec 2025 12:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका की गारंटी मिशन विधेयक, 2025 के विरोध में मनरेगा मजदूर यूनियन (1943) और जन संघर्ष मंच, हरियाणा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला सचिवालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूर यूनियन ने आरोप लगाया कि यह नया विधेयक मनरेगा को कमजोर करने और मजदूरों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विधेयक की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने दावा कर कहा कि यह प्रस्तावित कानून मजदूरों को मिल रहे बुनियादी सुरक्षा कवच को खत्म कर देगा और रोजगार की गारंटी को संकुचित करेगा। यूनियन और मंच के प्रतिनिधियों ने कुरुक्षेत्र–कैथल लोकसभा क्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त कैथल के प्रतिनिधि तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, सुरेश राविश को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सांसद संसद में इस विधेयक का विरोध करें और इसे पारित न होने दें।
सरकार का तर्क है कि पिछले करीब 20 वर्षों में ग्रामीण भारत के सामाजिक-आर्थिक हालात बदल गए हैं और ऐसे में पुराने कानून को अद्यतन रूप देना आवश्यक है। इसका उद्देश्य रोजगार की गारंटी को और मजबूत बनाना है लेकिन इसका विरोध जारी है। बुधवार को प्रदर्शन में यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने विधेयक वापस नहीं लिया तो विरोध और तेज किया जाएगा। ऐसे कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और ग्रामीण आजीविका पर सीधा असर डालते हैं।
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कैथल। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका की गारंटी मिशन विधेयक, 2025 के विरोध में मनरेगा मजदूर यूनियन (1943) और जन संघर्ष मंच, हरियाणा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला सचिवालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूर यूनियन ने आरोप लगाया कि यह नया विधेयक मनरेगा को कमजोर करने और मजदूरों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विधेयक की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने दावा कर कहा कि यह प्रस्तावित कानून मजदूरों को मिल रहे बुनियादी सुरक्षा कवच को खत्म कर देगा और रोजगार की गारंटी को संकुचित करेगा। यूनियन और मंच के प्रतिनिधियों ने कुरुक्षेत्र–कैथल लोकसभा क्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त कैथल के प्रतिनिधि तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, सुरेश राविश को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सांसद संसद में इस विधेयक का विरोध करें और इसे पारित न होने दें।
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सरकार का तर्क है कि पिछले करीब 20 वर्षों में ग्रामीण भारत के सामाजिक-आर्थिक हालात बदल गए हैं और ऐसे में पुराने कानून को अद्यतन रूप देना आवश्यक है। इसका उद्देश्य रोजगार की गारंटी को और मजबूत बनाना है लेकिन इसका विरोध जारी है। बुधवार को प्रदर्शन में यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने विधेयक वापस नहीं लिया तो विरोध और तेज किया जाएगा। ऐसे कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और ग्रामीण आजीविका पर सीधा असर डालते हैं।
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