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Kaithal News: कलायत ब्लॉक में मनरेगा बचाओ मोर्चा ने किया प्रदर्शन
Tue, 07 Oct 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 07 Oct 2025 01:12 AM IST
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06kht_20बीडीपीओ कार्यालय में प्रदर्शन करते मनरेगा मजदूर
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। मनरेगा मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलायत बीडीपीओ कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और बीडीपीओ रितु को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व क्रांतिकारी मनरेगा मजदूर संगठन ने किया।
प्रदर्शन में मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मिलने वाले कानूनी हक से वंचित किया जा रहा है। क्रांतिकारी मनरेगा यूनियन के अजय आशू ने कहा कि मोदी सरकार लगातार मनरेगा का बजट घटा रही है, वहीं हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश में मनरेगा में रोजगार लगभग समाप्त कर दिया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र की न्यूनतम मजदूरी 493 रुपये है, जबकि मनरेगा मजदूरों को केवल 400 रुपये मिलते हैं। यह सरकार की मजदूरों के खिलाफ भेदभाव और गरीब-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
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मनरेगा बचाओ मोर्चा में राष्ट्रीय मजदूर किसान यूनियन के धीरज गाबा ने कहा कि सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के कारण मनरेगा मजदूरों का हक छीना जा रहा है। गांव की सड़कों की मरम्मत, स्कूल व खेल मैदान की देखभाल, तालाब-नहर की सफाई, श्मशान भूमि का रखरखाव जैसे कच्चे कार्य या तो बंद कर दिए गए हैं या सीमित कर दिए गए हैं। इसका परिणाम यह है कि आज मनरेगा में रोजगार लगभग समाप्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा बचाओ और काम सुनिश्चित करने के लिए 21 नवम्बर को पूरे प्रदेश से दिल्ली का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में गांव सिमला, चौशाला, पिंजुपुरा, रामगढ़, हरिपुरा आदि के मजदूरों ने भाग लिया और एकजुटता दिखाते हुए सभी मांगों को जोरदार आवाज़ दी।
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कलायत। मनरेगा मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलायत बीडीपीओ कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और बीडीपीओ रितु को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व क्रांतिकारी मनरेगा मजदूर संगठन ने किया।
प्रदर्शन में मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मिलने वाले कानूनी हक से वंचित किया जा रहा है। क्रांतिकारी मनरेगा यूनियन के अजय आशू ने कहा कि मोदी सरकार लगातार मनरेगा का बजट घटा रही है, वहीं हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश में मनरेगा में रोजगार लगभग समाप्त कर दिया है।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र की न्यूनतम मजदूरी 493 रुपये है, जबकि मनरेगा मजदूरों को केवल 400 रुपये मिलते हैं। यह सरकार की मजदूरों के खिलाफ भेदभाव और गरीब-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
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मनरेगा बचाओ मोर्चा में राष्ट्रीय मजदूर किसान यूनियन के धीरज गाबा ने कहा कि सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के कारण मनरेगा मजदूरों का हक छीना जा रहा है। गांव की सड़कों की मरम्मत, स्कूल व खेल मैदान की देखभाल, तालाब-नहर की सफाई, श्मशान भूमि का रखरखाव जैसे कच्चे कार्य या तो बंद कर दिए गए हैं या सीमित कर दिए गए हैं। इसका परिणाम यह है कि आज मनरेगा में रोजगार लगभग समाप्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा बचाओ और काम सुनिश्चित करने के लिए 21 नवम्बर को पूरे प्रदेश से दिल्ली का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में गांव सिमला, चौशाला, पिंजुपुरा, रामगढ़, हरिपुरा आदि के मजदूरों ने भाग लिया और एकजुटता दिखाते हुए सभी मांगों को जोरदार आवाज़ दी।

06kht_20बीडीपीओ कार्यालय में प्रदर्शन करते मनरेगा मजदूर