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Kaithal News: जच्चा-बच्चा अस्पताल का नक्शा पास

Sat, 22 Feb 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 22 Feb 2025 01:43 AM IST
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Maternal and child hospital map pass
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर के पुराना अस्पताल परिसर में बनने वाले 100 बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल के निर्माण प्रकिया के तहत मुख्यालय की ओर से इसका नक्शा पास कर दिया गया है। अब इस नक्शे को लोक एवं निर्माण विभाग के पास भेजा जाएगा। इसके बाद विभाग इसे लेकर एक बार फिर से सर्वे करेगा। इसके बाद निविदा सूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले साल ही छह करोड़ रुपये का बजट सरकार की ओर से निर्माण के लिए जारी किया गया था। इसके बाद ही निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू की गई थी। यह जच्चा-बच्चा अस्पताल बनने के बाद जिला सहित शहर व आस-पास के गांव के लोगों को काफी सहूलियत होगी।
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इससे पहले अस्पताल की निर्माण प्रकिया के तहत पुराना अस्पताल में बनी शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को गिराया जाना है। यह अस्पताल दो एकड़ में बनाया जाना है। इस समय पुराने अस्पताल का भवन इस समय पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। वहीं, इस भवन में चल स्वास्थ्य विभाग का वेयर हाउस, शहरी स्वास्थ्य केंद्र व प्रसूति केंद्र को काफी समय पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है।
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जिला नागरिक अस्पताल में इस 200 बेड हैं। इसमें 200 बेड अस्पताल परिसर और 100 बेड यहां स्थापित किए गए पोर्टेबल अस्पताल के हैं। अब जच्चा-बच्चा अस्पताल के बनने के बाद शहर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और यहां कुल 400 बेड के अस्पताल बन जाएंगे। इस समय स्वास्थ्य विभाग में बच्चों के के लिए

एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है, जो प्रतिदिन 100 से 120 बच्चों की जांच करते हैं।

वर्ष 2011 से पहले जिला नागरिक अस्पताल सिविल सर्जन कार्यालय वाली जगह पर था। इसके बाद सेक्टर 18 में नया भवन बनने के बाद इसे शिफ्ट कर दिया। अब वहां 200 बेड का अस्पताल व 100 बेड की पोर्टेबल यूनिट चल रही है। पुराना अस्पताल परिसर में इस समय सिविल सर्जन कार्यालय व टीबी उन्मूलन केंद्र स्थापित किया गया है।
पुराना अस्पताल परिसर में बनने वाले 100 बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल की निर्माण प्रक्रिया के तहत नक्शा बन चुका है। इस नक्शे को मुख्यालय से भी स्वीकृति मिल चुकी है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग के पास मुख्यालय की ओर से नक्शा भेजा जाएगा। इसके बाद विभाग सर्वे करेगा। सरकार से अनुमति मिलने के बाद निविदा सूचना जारी की जाएगी। - डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल।


नए अस्पताल में मिलेंगी ये सुविधाएं

जच्चा-बच्चा केंद्र अस्पताल के निर्माण के बाद यहां पर निक्कू वार्ड अलग से बनाया जाएगा। इसके साथ ही रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई में बच्चों के किए गए इलाज के बराबर ही यहां पर सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर अलग से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी होगी। इसके लिए लोगों को न तो निजी अस्पतालों में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। दूसरा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई जाने की भी कोई जरूरत नहीं होगी। यहां नवजात बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जांच व डिलीवरी हो सकेगी। इसके बनने से शहर वासियों को घर के नजदीक ही इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इस समय यहां नवजात बच्चों व डिलीवरी के लिए सुविधा न होने के कारण लोगों को नया अस्पताल में जाना पड़ता है, जो दूर है।
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