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Kaithal News: भगवान श्रीकृष्ण ने की थी ब्रज वासियों की रक्षा
Wed, 15 Nov 2023 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 15 Nov 2023 01:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। श्री सनातन धर्म मंदिर में अन्नकूट का भंडारा लगाया। वक्ताओं ने श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज वासियों को इंद्र के प्रकोप से बचने के लिए अपनी छोटी उंगली पर गिरिराज पर्वत को उठाकर बृजवासियों की रक्षा की थी। सात दिन लगातार बृजवासी भूखे रहे थे। सात दिनों तक बारिश चलती रही इंद्रदेव का प्रकोप यूं ही चलता रहा।
भगवान श्री कृष्ण ने बृजवासियों की रक्षा के लिए गिरिराज पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाए रखा, जब लगातार यह प्रक्रिया चलती रही तो इंद्रदेव ने हार मानकर भगवान श्री कृष्ण के पास आए और क्षमा याचना की। भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि देवता को अपनी ताकत का घमंड नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी ताकत से मानव समाज की सेवा हो।
भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज वासियों को कहा आज हम छप्पन भोग बनाएंगे और मिलजुल कर सब खाएंगे इस अन्नकूट के भंडारे का यही महत्व है की 56 भोग का प्रसाद भगवान श्री कृष्ण को लगाकर लोगों में वितरित किया जाए और लोगों ने पेट भर भोजन प्राप्त किया। तब से आज तक गोवर्धन पर्वत की पूजा एवं परिक्रमा की जाती है, जिससे भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद परिक्रमा करने वाले भक्तों को प्राप्त होता है। इस अवसर पर रवि भूषण गर्ग, नरेश गर्ग, प्रेम सिंगला, अरुण सराफ, श्याम सुंदर बंसल, रघुवीर चंद गुप्ता, चंद्र प्रकाश गोयल, वीरेंद्र मोर, हरि मिश्रा, मदन कटारिया, जितेंद्र सर्राफ आदि मौजूद रहे।
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कैथल। श्री सनातन धर्म मंदिर में अन्नकूट का भंडारा लगाया। वक्ताओं ने श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज वासियों को इंद्र के प्रकोप से बचने के लिए अपनी छोटी उंगली पर गिरिराज पर्वत को उठाकर बृजवासियों की रक्षा की थी। सात दिन लगातार बृजवासी भूखे रहे थे। सात दिनों तक बारिश चलती रही इंद्रदेव का प्रकोप यूं ही चलता रहा।
भगवान श्री कृष्ण ने बृजवासियों की रक्षा के लिए गिरिराज पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाए रखा, जब लगातार यह प्रक्रिया चलती रही तो इंद्रदेव ने हार मानकर भगवान श्री कृष्ण के पास आए और क्षमा याचना की। भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि देवता को अपनी ताकत का घमंड नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी ताकत से मानव समाज की सेवा हो।
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भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज वासियों को कहा आज हम छप्पन भोग बनाएंगे और मिलजुल कर सब खाएंगे इस अन्नकूट के भंडारे का यही महत्व है की 56 भोग का प्रसाद भगवान श्री कृष्ण को लगाकर लोगों में वितरित किया जाए और लोगों ने पेट भर भोजन प्राप्त किया। तब से आज तक गोवर्धन पर्वत की पूजा एवं परिक्रमा की जाती है, जिससे भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद परिक्रमा करने वाले भक्तों को प्राप्त होता है। इस अवसर पर रवि भूषण गर्ग, नरेश गर्ग, प्रेम सिंगला, अरुण सराफ, श्याम सुंदर बंसल, रघुवीर चंद गुप्ता, चंद्र प्रकाश गोयल, वीरेंद्र मोर, हरि मिश्रा, मदन कटारिया, जितेंद्र सर्राफ आदि मौजूद रहे।
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