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Kaithal News: विद्युत निगम कार्यालय पर तालाबंदी
Tue, 02 Jul 2024 06:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 02 Jul 2024 06:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। लंबित कृषि नलकूप कनेक्शनों की मांग के संदर्भ में युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना के नेतृत्व में किसानों ने विद्युत निगम कार्यालय ढांड के मेन गेट की तालाबंदी कर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। कसाना ने विद्युत निगम के अधिकारियों पर ठेकेदार के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम के अधिकारियों की ठेकेदारों के साथ मिलीभगत के चलते किसान कृषि नलकूप कनेक्शनों से वंचित हो रहे है। इससे उन्हें धान लगाने में देरी हो रही है। कसाना ने कहा कि उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर काफी दिनों पहले ही धान का सीजन शुरू होने से पहले किसानों को उनके कृषि नलकूप कनेक्शन देने की मांग रखी थी। तब विभाग के उच्चाधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि 30 जून से पहले लंबित सभी किसानों को नलकूप कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे लेकिन आज भी किसान कनेक्शन के लिए मारे-मारे फिर रहे है। उन्होंने कहा कि कनेक्शन के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे है।
इससे नाराज किसान लगभग दो घंटे तक निगम कार्यालय के बाहर बैठे नारेबाजी करते रहे,लेकिन एसडीओ ने कार्यालय ने बाहर आकर उनकी बात तक सुनने की जहमत नहीं उठाई। गुस्साए किसान आखिरकार उठकर एसडीओ के कार्यालय में चले गए और उन्हें खरी-खरी सुनाई। किसानों ने एसडीओ के सामने ही ठेकेदार द्वारा उनसे पैसे लिए जाने की बात कही। यह सब सुनने के बाद एसडीओ किसानों को कोई जवाब नहीं दे पाए। इस पर नाराज किसानों ने कहा कि जब उनके कनेक्शन नहीं दिए जाते तक हम यहीं पर बैठे रहेंगे।
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कसाना ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार बिजली के पोल खड़े करने से लेकर ट्रांसफार्मर रखने तक के पैसे अपने करिंदों के माध्यम से किसानों से वसूल रहा है। किसानों को मजबूरी में यह सब करना पड़ रहा है। कहा कि जब किसान सारा सामान ले जाते हैं तो ठेकेदार कहता है कि अगर ज्यादा जल्दी है और समय पर धान की रोपाई करनी है तो प्राइवेट आदमियों से काम करवा लो, वरना ऐसे ही रह जाओगे। अगर किसान ऐसा ना करें तो वह धान की रोपाई से वंचित रह जाएंगे। मजबूरन किसानों को ठेकेदार की बात मान कर प्राइवेट आदमियों से पैसे देकर काम करवाना पड़ रहा है। बाद लेबर के सभी बिल ठेकेदार पास करवा लेता है।
दूसरी ओर विद्युत निगम ढांड के एसडीओ प्रिंस भूरा ने कहा कि कृषि नलकूप कनेक्शन जारी करना ठेकेदार का काम है। ठेकेदार को इसके लिए बोल दिया गया है। अगर ठेकेदार ने किसानों से पैसे लिए है तो इसकी उन्हें लिखित में शिकायत दें कार्रवाई होगी। किसानों को नलकूप कनेक्शन देने वाली अग्रवाल इलेक्ट्रिकल के नितिन ने बताया कि उनके पास 34 नए कृषि नलकूप कनेक्शन लगाने का काम मिला हुआ है। जिनमें से 20 तो लगभग पूर्ण हो चुके है। शेष 14 को 10 जुलाई तक लगाने का काम पूर्ण कर लेंगे।
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ढांड। लंबित कृषि नलकूप कनेक्शनों की मांग के संदर्भ में युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना के नेतृत्व में किसानों ने विद्युत निगम कार्यालय ढांड के मेन गेट की तालाबंदी कर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। कसाना ने विद्युत निगम के अधिकारियों पर ठेकेदार के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम के अधिकारियों की ठेकेदारों के साथ मिलीभगत के चलते किसान कृषि नलकूप कनेक्शनों से वंचित हो रहे है। इससे उन्हें धान लगाने में देरी हो रही है। कसाना ने कहा कि उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर काफी दिनों पहले ही धान का सीजन शुरू होने से पहले किसानों को उनके कृषि नलकूप कनेक्शन देने की मांग रखी थी। तब विभाग के उच्चाधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि 30 जून से पहले लंबित सभी किसानों को नलकूप कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे लेकिन आज भी किसान कनेक्शन के लिए मारे-मारे फिर रहे है। उन्होंने कहा कि कनेक्शन के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे है।
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इससे नाराज किसान लगभग दो घंटे तक निगम कार्यालय के बाहर बैठे नारेबाजी करते रहे,लेकिन एसडीओ ने कार्यालय ने बाहर आकर उनकी बात तक सुनने की जहमत नहीं उठाई। गुस्साए किसान आखिरकार उठकर एसडीओ के कार्यालय में चले गए और उन्हें खरी-खरी सुनाई। किसानों ने एसडीओ के सामने ही ठेकेदार द्वारा उनसे पैसे लिए जाने की बात कही। यह सब सुनने के बाद एसडीओ किसानों को कोई जवाब नहीं दे पाए। इस पर नाराज किसानों ने कहा कि जब उनके कनेक्शन नहीं दिए जाते तक हम यहीं पर बैठे रहेंगे।
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कसाना ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार बिजली के पोल खड़े करने से लेकर ट्रांसफार्मर रखने तक के पैसे अपने करिंदों के माध्यम से किसानों से वसूल रहा है। किसानों को मजबूरी में यह सब करना पड़ रहा है। कहा कि जब किसान सारा सामान ले जाते हैं तो ठेकेदार कहता है कि अगर ज्यादा जल्दी है और समय पर धान की रोपाई करनी है तो प्राइवेट आदमियों से काम करवा लो, वरना ऐसे ही रह जाओगे। अगर किसान ऐसा ना करें तो वह धान की रोपाई से वंचित रह जाएंगे। मजबूरन किसानों को ठेकेदार की बात मान कर प्राइवेट आदमियों से पैसे देकर काम करवाना पड़ रहा है। बाद लेबर के सभी बिल ठेकेदार पास करवा लेता है।
दूसरी ओर विद्युत निगम ढांड के एसडीओ प्रिंस भूरा ने कहा कि कृषि नलकूप कनेक्शन जारी करना ठेकेदार का काम है। ठेकेदार को इसके लिए बोल दिया गया है। अगर ठेकेदार ने किसानों से पैसे लिए है तो इसकी उन्हें लिखित में शिकायत दें कार्रवाई होगी। किसानों को नलकूप कनेक्शन देने वाली अग्रवाल इलेक्ट्रिकल के नितिन ने बताया कि उनके पास 34 नए कृषि नलकूप कनेक्शन लगाने का काम मिला हुआ है। जिनमें से 20 तो लगभग पूर्ण हो चुके है। शेष 14 को 10 जुलाई तक लगाने का काम पूर्ण कर लेंगे।