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Kaithal News: कैथल डिपो को अब तक नहीं मिली एक भी इलेक्ट्रिक बस
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बस अड्डा पर खड़े यात्री। संवाद
कैथल। हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन लगातार बढ़ाया जा रहा है लेकिन कैथल जिला अब भी इस सुविधा से वंचित है। यात्रियों का कहना है कि कई पड़ोसी जिलों में इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों को बेहतर, आरामदायक और प्रदूषण रहित सफर उपलब्ध करा रही हैं, जबकि कैथल के लोगों को अभी भी पारंपरिक बसों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे शहर के भीतर आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ दैनिक यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
कैथल से रोजाना हजारों लोग शिक्षा, नौकरी, व्यापार और अन्य कार्यों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में आवाजाही करते हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि जिले में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाए तो शहर के अंदर और आसपास के मार्गों पर यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यात्रियों ने मांग की है कि परिवहन विभाग जल्द कैथल डिपो के लिए इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन करे।
उनका कहना है कि यदि शुरुआत में सीमित संख्या में भी बसें चलाई जाएं तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। यात्रियों का कहना है कि कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत जिले में इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। इन बसों से सफर आरामदायक होने के साथ ध्वनि और वायु प्रदूषण भी कम होता है। ऐसे में कैथल को भी इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए।
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यात्री मजेंद्र ने बताया कि कैथल जिला लंबे समय से परिवहन सुविधाओं के विस्तार की प्रतीक्षा कर रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन को नई पहचान मिलेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी। इससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
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यात्री राजेश कुमार ने बताया कि शहर के भीतर आरामदायक और सुविधाजनक सफर मिलेगा।
ध्वनि व वायु प्रदूषण में कमी आएगी। ईंधन की खपत घटने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
बुजुर्गों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
इलेक्ट्रिक बस की मांग मुख्यालय से की गई थी। पांच बसों की मांग भेजी है। जल्द बसें मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जा रही है।
- विपुल कुमार, यातायात प्रबंधक कैथल
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कैथल से रोजाना हजारों लोग शिक्षा, नौकरी, व्यापार और अन्य कार्यों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में आवाजाही करते हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि जिले में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाए तो शहर के अंदर और आसपास के मार्गों पर यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यात्रियों ने मांग की है कि परिवहन विभाग जल्द कैथल डिपो के लिए इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन करे।
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उनका कहना है कि यदि शुरुआत में सीमित संख्या में भी बसें चलाई जाएं तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। यात्रियों का कहना है कि कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत जिले में इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। इन बसों से सफर आरामदायक होने के साथ ध्वनि और वायु प्रदूषण भी कम होता है। ऐसे में कैथल को भी इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए।
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यात्री मजेंद्र ने बताया कि कैथल जिला लंबे समय से परिवहन सुविधाओं के विस्तार की प्रतीक्षा कर रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन को नई पहचान मिलेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी। इससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
यात्री राजेश कुमार ने बताया कि शहर के भीतर आरामदायक और सुविधाजनक सफर मिलेगा।
ध्वनि व वायु प्रदूषण में कमी आएगी। ईंधन की खपत घटने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
बुजुर्गों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
इलेक्ट्रिक बस की मांग मुख्यालय से की गई थी। पांच बसों की मांग भेजी है। जल्द बसें मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जा रही है।
- विपुल कुमार, यातायात प्रबंधक कैथल

बस अड्डा पर खड़े यात्री। संवाद