{"_id":"5862b39c4f1c1b8940eecaec","slug":"kaithal-bank-me-maramar","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में आए 14 करोड़, 16 करोड़ की हुई निकासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में आए 14 करोड़, 16 करोड़ की हुई निकासी
kaithal beuro
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
c
- फोटो : amar ujala
मंगलवार को बैंकों में रुपयों के लेन-देन को लेकर भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार रुपये मिलने पर अधिकतर बैंकों में दोपहर बाद बैंको से भीड़ कम हो गई। जिससे लोगों को काफी राहत मिली। मंगलवार को जिले के बैंको में कुल 14 करोड़ रुपये की नकदी आई। जबकि 16 करोड़ की राशि बांटी गई।
अंबाला रोड स्थित पीएनबी, यूनियन, युको, कॉरपेरेशन, विजया बैंक, ओबीसी, एचडीएफसी बैंक और ढांड रोड स्थित आईडीबीआई, सिंडीकेट, आईसीआईसीआई बैंक में दोपहर बाद ही बैंक में भीड़ खत्म हो गई। यहां रुपये लेने आए लोगों को कुछ समय तक लाईन तो लगना पड़ा लेकिन
उन्हें पर्याप्त कैश मिला।
वहीं दूसरी ओर जींद रोड स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच में दो घंटे तक इंटरनेट का सर्वर डाउन रहने के कारण यहां आये लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरवासी राजू डोहर ने बताया कि वह चेक को अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाने के लिए आया था। एक घंटे तक
विज्ञापन
लाइन में लगा रहा लेकिन सर्वर डाऊन होने के कारण काफी परेशानी हुई।
शहरवासी टींकू वर्मा ने बताया कि वह इंटरनेट बैंकिंग के उसे एक्टिवेट करवाने के लिए आया था। इंटरनेट की सुविधा नहीं होने से उसके 10 मिनट के काम को एक घंटा लगा।
ई-दिशा केंद्र में भी रहता है सर्वर डाउन
सरकार की ओर से कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। सरकारी केंद्रों में पाओएस मशीन न होने से यहां आने वाले उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। लघु सचिवालय स्थित ई-दिशा केंद्र में पॉस मशीन न होने से यहां ऑनलाईन ट्रांजेक्शन के माध्यम से फीस काटी जा रही है। लेकिन इंटरनेट सुविधा दरूस्त न होने से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से फीस कटवाने के लिए उपभोक्ताओं को घंटो तक इंतजार करना पड़ रहा है। एक दिन में करीब पांच चालान काटे जाते है। लेकिन इंटरनेट सुविधा के ठप होने के कारण यहां केवल दो सौ से ढाई सौ चालान की फीस कट पाती हैं।
विज्ञापन
अंबाला रोड स्थित पीएनबी, यूनियन, युको, कॉरपेरेशन, विजया बैंक, ओबीसी, एचडीएफसी बैंक और ढांड रोड स्थित आईडीबीआई, सिंडीकेट, आईसीआईसीआई बैंक में दोपहर बाद ही बैंक में भीड़ खत्म हो गई। यहां रुपये लेने आए लोगों को कुछ समय तक लाईन तो लगना पड़ा लेकिन
विज्ञापन
उन्हें पर्याप्त कैश मिला।
वहीं दूसरी ओर जींद रोड स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच में दो घंटे तक इंटरनेट का सर्वर डाउन रहने के कारण यहां आये लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरवासी राजू डोहर ने बताया कि वह चेक को अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाने के लिए आया था। एक घंटे तक
विज्ञापन
लाइन में लगा रहा लेकिन सर्वर डाऊन होने के कारण काफी परेशानी हुई।
शहरवासी टींकू वर्मा ने बताया कि वह इंटरनेट बैंकिंग के उसे एक्टिवेट करवाने के लिए आया था। इंटरनेट की सुविधा नहीं होने से उसके 10 मिनट के काम को एक घंटा लगा।
ई-दिशा केंद्र में भी रहता है सर्वर डाउन
सरकार की ओर से कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। सरकारी केंद्रों में पाओएस मशीन न होने से यहां आने वाले उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। लघु सचिवालय स्थित ई-दिशा केंद्र में पॉस मशीन न होने से यहां ऑनलाईन ट्रांजेक्शन के माध्यम से फीस काटी जा रही है। लेकिन इंटरनेट सुविधा दरूस्त न होने से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से फीस कटवाने के लिए उपभोक्ताओं को घंटो तक इंतजार करना पड़ रहा है। एक दिन में करीब पांच चालान काटे जाते है। लेकिन इंटरनेट सुविधा के ठप होने के कारण यहां केवल दो सौ से ढाई सौ चालान की फीस कट पाती हैं।