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Kaithal News: चीका में ठेकेदार ने हड़पे आढ़तियों के पांच करोड़ रुपये
Sun, 10 Mar 2024 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 10 Mar 2024 02:27 AM IST
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कैथल। वर्ष 2023 में धान के सीजन में चीका में ठेकेदार ने आढ़तियों के पांच करोड़ रुपये हड़प लिए। इस मामले में चीका पुलिस ने सेलर एसोसिएशन के प्रधान की शिकायत पर आरोपी ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि ठेकेदार के पास धान सीजन के दौरान मंडियों से राइस मिल तक धान पहुंचने का ठेका था, लेकिन उसने किराये के रूप में आई पांच करोड़ रुपये की राशि मिलरों को नहीं दी। इस मामले में चीका थाना में दी गई शिकायत में सेलर एसोसिएशन चीका के प्रधान हंसराज सिंगला ने बताया कि धान सीजन के दौरान मंडियों से राइस मिल तक धान पहुंचने का ठेका सरकारी एजेंसी ने प्रगट सिंह ठेकेदार को दिया था। सीजन के दौरान प्रगट सिंह ठेकेदार पर पर्याप्त साधन नहीं थे।
मौसम खराब होने के कारण आढ़तियों को धान खराब होने का अंदेशा सता रहा था। उन्होंने जब ठेकेदार से बातचीत की तो ठेकेदार ने कहा कि वे मंडी में पड़े धान को राइस मिल पहुंचा दें। वे सरकार की ओर से प्राप्त किराये की राशि का 10 प्रतिशत काटते हुए उन्हें भुगतान कर देंगे। आरोप है कि सभी आढतियों द्वारा राइस मिलों की सहायता से धान को राइस मिल में पहुंचा दिया लेकिन ठेकेदार प्रगट सिंह द्वारा किराये के रूप में बनी करीब पांच करोड़ की राशि नहीं दी। मामले के जांच अधिकारी थाना पुलिस के इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संवाद
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आरोप है कि ठेकेदार के पास धान सीजन के दौरान मंडियों से राइस मिल तक धान पहुंचने का ठेका था, लेकिन उसने किराये के रूप में आई पांच करोड़ रुपये की राशि मिलरों को नहीं दी। इस मामले में चीका थाना में दी गई शिकायत में सेलर एसोसिएशन चीका के प्रधान हंसराज सिंगला ने बताया कि धान सीजन के दौरान मंडियों से राइस मिल तक धान पहुंचने का ठेका सरकारी एजेंसी ने प्रगट सिंह ठेकेदार को दिया था। सीजन के दौरान प्रगट सिंह ठेकेदार पर पर्याप्त साधन नहीं थे।
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मौसम खराब होने के कारण आढ़तियों को धान खराब होने का अंदेशा सता रहा था। उन्होंने जब ठेकेदार से बातचीत की तो ठेकेदार ने कहा कि वे मंडी में पड़े धान को राइस मिल पहुंचा दें। वे सरकार की ओर से प्राप्त किराये की राशि का 10 प्रतिशत काटते हुए उन्हें भुगतान कर देंगे। आरोप है कि सभी आढतियों द्वारा राइस मिलों की सहायता से धान को राइस मिल में पहुंचा दिया लेकिन ठेकेदार प्रगट सिंह द्वारा किराये के रूप में बनी करीब पांच करोड़ की राशि नहीं दी। मामले के जांच अधिकारी थाना पुलिस के इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संवाद
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