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Haryana: किसानों ने अधिकारियों पर लगाया मिलीभगत कर निजी खरीद करवाने का आरोप
Wed, 02 Oct 2024 05:45 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 02 Oct 2024 05:45 PM IST
सार
नमी जांचने की मशीन में भी गड़बड़ी करने की आशंका जताई है। सरकारी खरीद एजेंसियां 17 प्रतिशत से अधिक नमी की धान की खरीद नहीं कर रही है। उधर, राइस मिलरों की हड़ताल पर जाने से मंडियों में खरीद नहीं हो पा रही। पिछले दो दिन से धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसान परेशान हैं। राइस मिलरों ने मांगें पूरी न होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
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अपनी बात रखते किसान।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के कैथल में एक तरफ जहां सरकारी खरीद प्रक्रिया काफी ढीली होने के कारण किसानों में रोष है। वहीं, अब किसानों ने अधिकारियों पर मिलीभगत कर निजी खरीद करवाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही इन किसानों ने नमी की मशीन में भी गड़बड़ी करने की आशंका जताई है।
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किसानों का कहना है कि वैसे तो राइस मिलरों ने सरकार के खिलाफ पिछले कई दिन से हड़ताल कर रखी है, लेकिन रात के समय में राइस मिलरों से कमीशन लेकर धान की निजी खरीद करवाई जाती है। इस मामले में बुधवार को कई किसान सामने आए और उन्होंने अधिकारी पर आरोप लगाए।
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बता दें कि सरकारी खरीद एजेंसियां 17 प्रतिशत से अधिक नमी की धान की खरीद नहीं कर रही है। उधर, राइस मिलरों के हड़ताल पर जाने से मंडियों में पीआर किस्म के धान की खरीद नहीं हो पा रही है। पिछले दो दिन से धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसान परेशान हैं।
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जबकि राइस मिलरों ने मांगें पूरी न होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। धान की सरकारी खरीद न होने के चलते अब तक किसान चार बार प्रदर्शन कर चुके हैं। दो बार किसानों ने तालाबंदी की है। जबकि दो बार किसान हाईवे पर जाम लगा अपना रोष जता चुके हैं। वहीं, मार्केट कमेटी के आंकड़ों के तहत अब तक शहर की तीनों मंडियों में एक लाख से अधिक क्विंटल की आवक हो चुकी है। इसमें से 2250 क्विंटल धान की सरकारी खरीद हो पाई है।
मशीनों में भी छेड़खानी के आरोप
मशीनों में भी छेड़खानी की गई है। किसी में नमी की मात्रा 17 है तो दूसरी मशीन में उसी ढेरी में नमी की मात्रा 20 आती है। राइस मिलर हड़ताल पर है इस कारण आढ़ती धान ले नहीं रहे। सभी की आपसी मिलीभगत में किसान की दुर्गति हो रही है। यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही किसानों की समस्या का कोई समाधान नहीं किया तो किसान लघु सचिवालय में पक्का धरना देंगे। इसलिए जिला प्रशासन से मांग है कि किसानों की सभी समस्याओं को दूर किया जाए। - सतपाल दिल्लोवाली, किसान नेता, भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप, कैथल।
रात के समय चोरी से बेचा जा रहा धान
मंगलवार रात करीब आठ बजे कैथल की अनाज मंडी में प्राइवेट सेलरो की ओर से प्राइवेट खरीद की गई है। यह धान करीब दो हजार रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा गया है। दो ट्रक अनाज मंडी में से लोड किए गए हैं। वैसे तो राइस मिलर सीएमआर पॉलिसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में एक अधिकारी की मिलीभगत के चलते माल बेचकर लोड करवाया गया है। जबकि किसानों को बेवकूफ बनाया गया है। - विक्रम कसान, किसान, कैथल।
सरकार के नियमों के अनुसार मंडियों में धान की सरकारी खरीद करवाई जा रही है। इसमें सरकार के नियमों के तहत 17 प्रतिशत तक की नमी वाली धान की खरीद की जा रही है। पीआर धान की निजी खरीद राइस मिलरों की हड़ताल के कारण भी बंद है। ऐसे में यदि कोई चोरी छिपके से खरीद करवा रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। अभी तक 2250 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। - बसाऊ राम, सचिव, मार्केट कमेटी, कैथल।