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Kaithal News: पूंडरी मंडी से गेहूं साइलो पहुंचाने को मजबूर
Thu, 20 Apr 2023 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 20 Apr 2023 01:43 AM IST
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पूंडरी। पूंडरी अनाज मंडी से किसी भी एजेंसी द्वारा खरीद नहीं की जा रही है, उसके बावजूद किसानों का मंडी में गेहूं डालना लगातार जारी है। मंडी में इस समय लगभग 50 हजार क्विंटल गेहूं पड़ा हुआ है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें हैं।
गौरतलब है कि पूंडरी मंडी के किसानों का गेहूं इस बार सरकार के निर्देशानुसार सीधा साइलो गोदाम सोलुमाजरा भेजा जा रहा है। मंडी में एजेंसियों द्वारा बारदाना न देने के वजह से अब किसानों को मंडी से गेहूं उठाकर साइलो गोदाम पहुंचाना पड़ रहा है। इससे किसानों को प्रति एकड़ हजारों रुपये किराया देना पड़ रहा है।
जिन किसानों के पास अपने साधन नहीं है, उनको साइलो गोदाम तक गेहूं पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। किसानों व आढ़तियों की इस बार भी सरकार से मांग थी कि पूंडरी मंडी में भी बारदाना दिया जाए। पूंडरी मंडी से साइलो गोदाम तक का 30 से 35 रुपये प्रति क्विंटल किराया वसूला जा रहा है।
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किसान राजबीर सिंह, मेहर सिंह, लख्मीचंद, प्रदीप कुमार, कलतार सिंह, शेर सिंह व राजाराम ने बताया कि उन्होंने मंडी में गेहूं डाला हुआ था, लेकिन मंडी में गेहूं तुलाई न होने से अब कई-कई किसान सामूहिक रूप से ट्रक में गेहूं डालकर 30 से 35 रुपये प्रति क्विंटल किराया देकर गेहूं पहुंचा रहे हैं। मंडी एसोसिएशन प्रधान रणजीत सिंह टाया ने कहा कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से भी मिलकर बात की थी कि छोटे किसानों को गोदाम में गेहूं ले जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे किसानों का गेहूं मंडी में ही खरीद किया जाए।
मार्केट कमेटी सचिव ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार ही वे कार्य कर रहे हैं। उनके पास आदेश जारी हुए थे कि पूंडरी मंडी का गेहूं सीधे साइलो गोदाम में जाएगा। गेहूं एजेंसियों द्वारा खरीद किया जाना है। एजेंसी बारदाना देती तो मंडी से भी खरीद किया जा सकता था। उनका कार्य किसानों के गेट पास कटवाना है, जिसमें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
क्या है साइलो
साइलो गोदाम यानी बखारी, जिसमें बिना बोरी अनाज का भंडारण किया जाता है। यह स्टील का ढांचा होता है। इसमें बेलनाकार बड़े टैंक होते हैं। इनमें बिना बोरी के अनाज का भंडारण लंबे समय तक किया जा सकता है।
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गौरतलब है कि पूंडरी मंडी के किसानों का गेहूं इस बार सरकार के निर्देशानुसार सीधा साइलो गोदाम सोलुमाजरा भेजा जा रहा है। मंडी में एजेंसियों द्वारा बारदाना न देने के वजह से अब किसानों को मंडी से गेहूं उठाकर साइलो गोदाम पहुंचाना पड़ रहा है। इससे किसानों को प्रति एकड़ हजारों रुपये किराया देना पड़ रहा है।
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जिन किसानों के पास अपने साधन नहीं है, उनको साइलो गोदाम तक गेहूं पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। किसानों व आढ़तियों की इस बार भी सरकार से मांग थी कि पूंडरी मंडी में भी बारदाना दिया जाए। पूंडरी मंडी से साइलो गोदाम तक का 30 से 35 रुपये प्रति क्विंटल किराया वसूला जा रहा है।
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किसान राजबीर सिंह, मेहर सिंह, लख्मीचंद, प्रदीप कुमार, कलतार सिंह, शेर सिंह व राजाराम ने बताया कि उन्होंने मंडी में गेहूं डाला हुआ था, लेकिन मंडी में गेहूं तुलाई न होने से अब कई-कई किसान सामूहिक रूप से ट्रक में गेहूं डालकर 30 से 35 रुपये प्रति क्विंटल किराया देकर गेहूं पहुंचा रहे हैं। मंडी एसोसिएशन प्रधान रणजीत सिंह टाया ने कहा कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से भी मिलकर बात की थी कि छोटे किसानों को गोदाम में गेहूं ले जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे किसानों का गेहूं मंडी में ही खरीद किया जाए।
मार्केट कमेटी सचिव ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार ही वे कार्य कर रहे हैं। उनके पास आदेश जारी हुए थे कि पूंडरी मंडी का गेहूं सीधे साइलो गोदाम में जाएगा। गेहूं एजेंसियों द्वारा खरीद किया जाना है। एजेंसी बारदाना देती तो मंडी से भी खरीद किया जा सकता था। उनका कार्य किसानों के गेट पास कटवाना है, जिसमें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
क्या है साइलो
साइलो गोदाम यानी बखारी, जिसमें बिना बोरी अनाज का भंडारण किया जाता है। यह स्टील का ढांचा होता है। इसमें बेलनाकार बड़े टैंक होते हैं। इनमें बिना बोरी के अनाज का भंडारण लंबे समय तक किया जा सकता है।