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Kaithal News: सूखे धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने से किसानों का हंगामा
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06ढांड 01 धरने पर बैठे हुए किसान 02धान की सरकारी खरीद शुरू करवाते हुए एसडीएम संजय।
ढांड। कौल अनाज मंडी में सूखे धान की सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने और कम रेट में फसल खरीदने के आरोप पर मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने मंडी के मुख्य गेट पर करीब दो घंटे तक ताला लगाकर नारेबाजी की। किसानों ने मार्केट कमेटी ढांड के सचिव के खिलाफ भी रोष जताया।
मंडी में किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के जिलाध्यक्ष विक्रम कसाना मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी सूखी धान को भी सरकारी निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के बजाय कम रेट में बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि निर्धारित गुणवत्ता वाली फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
गेट बंद होने की सूचना पर एसडीएम कैथल संजय और मार्केट कमेटी ढांड के सचिव लव गुप्ता मौके पर पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों के सामने खरीद व्यवस्था के लिए अपनी शिकायत रखी। उन्होंने कहा कि यदि धान सरकारी खरीद के निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो उसकी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जानी चाहिए।
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मामले को लेकर एसडीएम ने मौके पर ही धान की नमी समेत सरकारी खरीद के निर्धारित मानकों की जांच करवाई। जांच में मानकों के अनुसार पाई गई धान की खरीद शुरू करवाई गई। इसके बाद किसानों का विरोध शांत हुआ और मंडी में स्थिति सामान्य होने लगी।
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मंडी में किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के जिलाध्यक्ष विक्रम कसाना मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी सूखी धान को भी सरकारी निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के बजाय कम रेट में बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि निर्धारित गुणवत्ता वाली फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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गेट बंद होने की सूचना पर एसडीएम कैथल संजय और मार्केट कमेटी ढांड के सचिव लव गुप्ता मौके पर पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों के सामने खरीद व्यवस्था के लिए अपनी शिकायत रखी। उन्होंने कहा कि यदि धान सरकारी खरीद के निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो उसकी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जानी चाहिए।
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मामले को लेकर एसडीएम ने मौके पर ही धान की नमी समेत सरकारी खरीद के निर्धारित मानकों की जांच करवाई। जांच में मानकों के अनुसार पाई गई धान की खरीद शुरू करवाई गई। इसके बाद किसानों का विरोध शांत हुआ और मंडी में स्थिति सामान्य होने लगी।