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Kaithal News: दीक्षिता का परिवार सकुशल पहुंचा स्वदेश
Sat, 29 Apr 2023 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 29 Apr 2023 12:41 AM IST
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कैथल। सूडान में चल रहे गृह युद्ध के बीच फंसा कैथल की बेटी का परिवार सुरक्षित स्वदेश पहुंच गया है। परिवार के सदस्यों में खुशी का माहौल है। दीक्षिता के परिजनों ने सकुशल वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने सूडान में फंसी कैथल की बेटी दीक्षिता की इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। दीक्षिता की शादी जींद के अमन गुप्ता के साथ लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले हुई थी। इसके बाद ही वह अपने पति के साथ सूडान चली गई थी। वहां पर अमन गुप्ता मेगा स्टील फैक्टरी में मैनेजर के तौर पर कार्य करता था लेकिन वहां पर गृह युद्ध के चलते स्थिति खराब हो गई है।
शु्क्रवार को अपनी बेटी व अपने दामाद से मिलने के लिए पिता सुशील कुमार व माता शंकुतला मित्तल जींद के लिए रवाना हुई। माता शकुंतला देवी ने कहा कि उसकी बेटी बीते 15 दिनों से गृह युद्ध के चलते सूडान में फंसी हुई थी। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों से सकुशल अपने घर पर पहुंच गई है। पिता सुशील कुमार ने कहा कि सूडान में अभी भी स्थिति खराब है। उन्होंने अपनी बेटी का वहां से सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए मीडिया के माध्यम से सरकार से गुहार लगाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूडान से भारतीयों को निकालने का अच्छा प्रयास किया है।
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उन्होंने जो भारतीय अभी भी वहां फंसे हुए हैं उनको भी सुरक्षित लाने की अपील की है। दीक्षिता के भाई गौरव ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री काफी अच्छा प्रयास कर रहे हैं। एक सप्ताह में ही सूडान से काफी भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सूडान से दिल्ली तक 15 घंटे का सफर है। इस दौरान सूडान के भयावह मंजर को देखते हुए उसकी बहन दीक्षिता दो घंटे की ही नींद ले पाई है। जब वह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे तो काफी थके हुए थे। देर रात को वह जींद पहुंचे। वीरवार को उन्होंने पूरा दिन घर पर आराम किया। शुक्रवार को उसके माता पिता उसकी बहन दीक्षिता को मिलने के लिए जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि अमर उजाला ने सूडान में फंसी कैथल की बेटी दीक्षिता की इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। दीक्षिता की शादी जींद के अमन गुप्ता के साथ लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले हुई थी। इसके बाद ही वह अपने पति के साथ सूडान चली गई थी। वहां पर अमन गुप्ता मेगा स्टील फैक्टरी में मैनेजर के तौर पर कार्य करता था लेकिन वहां पर गृह युद्ध के चलते स्थिति खराब हो गई है।
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शु्क्रवार को अपनी बेटी व अपने दामाद से मिलने के लिए पिता सुशील कुमार व माता शंकुतला मित्तल जींद के लिए रवाना हुई। माता शकुंतला देवी ने कहा कि उसकी बेटी बीते 15 दिनों से गृह युद्ध के चलते सूडान में फंसी हुई थी। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों से सकुशल अपने घर पर पहुंच गई है। पिता सुशील कुमार ने कहा कि सूडान में अभी भी स्थिति खराब है। उन्होंने अपनी बेटी का वहां से सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए मीडिया के माध्यम से सरकार से गुहार लगाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूडान से भारतीयों को निकालने का अच्छा प्रयास किया है।
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उन्होंने जो भारतीय अभी भी वहां फंसे हुए हैं उनको भी सुरक्षित लाने की अपील की है। दीक्षिता के भाई गौरव ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री काफी अच्छा प्रयास कर रहे हैं। एक सप्ताह में ही सूडान से काफी भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सूडान से दिल्ली तक 15 घंटे का सफर है। इस दौरान सूडान के भयावह मंजर को देखते हुए उसकी बहन दीक्षिता दो घंटे की ही नींद ले पाई है। जब वह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे तो काफी थके हुए थे। देर रात को वह जींद पहुंचे। वीरवार को उन्होंने पूरा दिन घर पर आराम किया। शुक्रवार को उसके माता पिता उसकी बहन दीक्षिता को मिलने के लिए जा रहे हैं।