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Kaithal News: ढांडा कलायत हलके में ला सकीं तीन राजकीय कॉलेज
Fri, 06 Sep 2024 04:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 06 Sep 2024 04:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल, कलायत। जींद जिले से सटे हुए कलायत विधानसभा की सीट पर मुकाबला काफी रोचक रहता है। यहां की विधायक ने पूर्व राज्यमंत्री रहते हुए कमलेश ढांडा ने हल्के में केवल तीन राजकीय कॉलेज ला पाई हैं। इसमें कलायत कपिल मुनि कॉलेज, सेरधा के अमरनाथ भगत कॉलेज को सरकारी कॉलेज का दर्जा दिलाया।
राजौंद में भी नए कॉलेज की सौगात दिलाई। वहीं, कलायत हलके में सड़कों की समस्या का हल न होने भी बड़ा मुद्दा रहा। इसके अलावा अन्य कोई बड़ा प्रोजेक्ट राज्यमंत्री नहीं ला पाई। इस सीट के जाट बहुल्य होने के चलते यहां पर अधिकतर पार्टियां जाट नेताओं पर भी भरोसा जताती हैं। 1966 से पहले हरियाणा गठन से पहले से ही कलायत विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां मजबूत रही हैं। प्रदेश के अलग होने के बाद सबसे पहले यहां 1967 में ही चुनाव हुए। उस समय कलायत जींद जिले का हिस्सा होता था। चारों विधानसभा क्षेत्रों में एकमात्र यही हलका है, जहां से दो महिला नेताओं को अब तक प्रदेश की कैबिनेट में जगह मिली है। इसमें कांग्रेस की सरकार में गीता भुक्कल शिक्षा मंत्री बनी तो भाजपा के दूसरे कार्यकाल में कमलेश ढांडा को महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री बनाया गया था। कलायत विधानसभा में अब तक हुए 13 चुनावों में हर बार नए चेहरे को ही विधायक बनने का मौका मिला परंतु इस बार भी भाजपा ने पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा को टिकट दी है। ऐसे यदि ढांडा को जीत मिली तो यह परंपरा टूट सकती है।
कलायत में विकास का मुद्दा रहेगा हावी ः पांच साल तक हलके में सड़कों की समस्या को लेकर लोग मुखर रहे। साथ ही गांवों में गलियों और साफ-सफाई का भी मुद्दा बना रहा है।मौजूदा विधायक के सामने सड़कों की मांग ज्यादा उठीं। विशेष तौर पर तितरम मोड़ से देवबन कैंची तक और आगे किठाना तक। हलके में कलायत के बाद राजौंद सबसे बड़ा क्षेत्र है। इस क्षेत्र में लंबे समय से मौजूदा विधायक के लिए परिस्थितियां असहज रहीं। वह चाहे राजकीय काॅलेज के निर्माण की साइट का मामला हो या शहर में विकास का।
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हरियाणा गठन के बाद मिले 12 विधायक
कलायत विधानसभा मेंं हरियाणा गठन से लेकर अब तक 12 विधायक चुने गए हैं। इनमें ताऊ देवीलाल की विचारधारा से संबंधित समय-समय पर गठित अलग दलों के उम्मीदवारों ने पांच बार विधायक चुने गए। कांग्रेस को तीन मर्तबा जीत मिली।
आजाद उम्मीदवार दो बार हरियाणा विधानसभा में पहुंचे। हविपा-भाजपा गठबंधन एक बार और इसी तरह 2019 में कमलेश ढांडा पहली बार विधानसभा से कमल का फूल खिलाने में सफल रही। इस बार भी वह भाजपा से टिकट के दावेदारों की सूची में महत्वपूर्ण नाम हैं। हालांकि पार्टी के भीतर ही आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं ने आवेदन किया है।
कलायत विधानसभा के समग्र विकास के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किया। एक छत के नीचे सभी विभागों की सेवाएं प्रदान करने के लिए उप मंडल मुख्यालय की शुरूआत, उप मंडल नागरिक अस्पताल का आधुनिक भवन, सरकारी महिला कालेजों की सौगात, पेयजल, पानी निकासी सुदृढ़ीकरण योजना, तालाब सौंदर्यकरण, खेतों के कच्चे रास्तों को पक्का करवाने के साथ-साथ हर क्षेत्र में विकास का अध्याय लिखने का कार्य किया। इसके अलावा करोड़ों रुपये की योजनाएं पाइप लाइन में हैं। इनका सभी वर्गों को आने वाले समय मेंं लाभ मिलना तय है। - कमलेश ढांडा, विधायक कलायत व पूर्व राज्यमंत्री।
अस्पतालों को डॉक्टर नहीं मिले तालाबों के कायाकल्प में भ्रष्टाचार
शहरी-ग्रामीण विकास के नाम पर केवल क्षेत्र के लोगों से भाजपा सरकार में खिलवाड़ हुआ। योजनाओं को सिरे चढ़ाने के बजाय भूमि के नाम पर विवादों मेंं घिरवाने की खुद भाजपा नेताओं द्वारा योजनाएं बनाई गई। सरकारी अस्पतालों को डाक्टर नहीं मिले। राजकीय माडल संस्कृति स्कूलों के भवन कहां हैं। तालाबों के कायाकल्प के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल हुआ। मौजूदा भाजपा विधायक कार्यकाल मेंं किसी योजना को सिरे नहीं पढ़ा पाई। - जयप्रकाश जेपी, कांग्रेस नेता, सांसद हिसार
ये पांच कार्य किए
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गांव किठाना मेंं सब यार्ड को मंडी का दर्जा
n कलायत व राजौंद मेंं उप दमकल केंद्रों की शुरूआत
n कलायत में 17.77 करोड़ से उप मंडल कार्यालय भवन का लोकार्पण
n कलायत में करीब 10 करोड़ के बजट से 50 बिस्तर के उप मंडल नागरिक अस्पताल की शुरूआत
n राजौंद व सेरधा गांव मेंं राजकीय महिला काॅलेज खुलवाए
जो काम नहीं हुए
n कलायत शहर मेंं 24 करोड़ के बजट से एसटीपी सुदृढ़ीकरण योजना
n कलायत शहर सहित आठ गांवों में 20 करोड़ के बजट से भाखड़ा का पानी पहुंचाने की योजना
n कलायत में उद्योग को विकसित करने के लिए पंजीरी प्लांट
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श्री कपिल मुनि कालेज कलायत का भवन के साथ-साथ राजकीय माडल संस्कृति स्कूलों के आधुनिक भवन
n कलायत में अतिरिक्त अनाज मंडी
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कैथल, कलायत। जींद जिले से सटे हुए कलायत विधानसभा की सीट पर मुकाबला काफी रोचक रहता है। यहां की विधायक ने पूर्व राज्यमंत्री रहते हुए कमलेश ढांडा ने हल्के में केवल तीन राजकीय कॉलेज ला पाई हैं। इसमें कलायत कपिल मुनि कॉलेज, सेरधा के अमरनाथ भगत कॉलेज को सरकारी कॉलेज का दर्जा दिलाया।
राजौंद में भी नए कॉलेज की सौगात दिलाई। वहीं, कलायत हलके में सड़कों की समस्या का हल न होने भी बड़ा मुद्दा रहा। इसके अलावा अन्य कोई बड़ा प्रोजेक्ट राज्यमंत्री नहीं ला पाई। इस सीट के जाट बहुल्य होने के चलते यहां पर अधिकतर पार्टियां जाट नेताओं पर भी भरोसा जताती हैं। 1966 से पहले हरियाणा गठन से पहले से ही कलायत विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां मजबूत रही हैं। प्रदेश के अलग होने के बाद सबसे पहले यहां 1967 में ही चुनाव हुए। उस समय कलायत जींद जिले का हिस्सा होता था। चारों विधानसभा क्षेत्रों में एकमात्र यही हलका है, जहां से दो महिला नेताओं को अब तक प्रदेश की कैबिनेट में जगह मिली है। इसमें कांग्रेस की सरकार में गीता भुक्कल शिक्षा मंत्री बनी तो भाजपा के दूसरे कार्यकाल में कमलेश ढांडा को महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री बनाया गया था। कलायत विधानसभा में अब तक हुए 13 चुनावों में हर बार नए चेहरे को ही विधायक बनने का मौका मिला परंतु इस बार भी भाजपा ने पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा को टिकट दी है। ऐसे यदि ढांडा को जीत मिली तो यह परंपरा टूट सकती है।
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कलायत में विकास का मुद्दा रहेगा हावी ः पांच साल तक हलके में सड़कों की समस्या को लेकर लोग मुखर रहे। साथ ही गांवों में गलियों और साफ-सफाई का भी मुद्दा बना रहा है।मौजूदा विधायक के सामने सड़कों की मांग ज्यादा उठीं। विशेष तौर पर तितरम मोड़ से देवबन कैंची तक और आगे किठाना तक। हलके में कलायत के बाद राजौंद सबसे बड़ा क्षेत्र है। इस क्षेत्र में लंबे समय से मौजूदा विधायक के लिए परिस्थितियां असहज रहीं। वह चाहे राजकीय काॅलेज के निर्माण की साइट का मामला हो या शहर में विकास का।
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हरियाणा गठन के बाद मिले 12 विधायक
कलायत विधानसभा मेंं हरियाणा गठन से लेकर अब तक 12 विधायक चुने गए हैं। इनमें ताऊ देवीलाल की विचारधारा से संबंधित समय-समय पर गठित अलग दलों के उम्मीदवारों ने पांच बार विधायक चुने गए। कांग्रेस को तीन मर्तबा जीत मिली।
आजाद उम्मीदवार दो बार हरियाणा विधानसभा में पहुंचे। हविपा-भाजपा गठबंधन एक बार और इसी तरह 2019 में कमलेश ढांडा पहली बार विधानसभा से कमल का फूल खिलाने में सफल रही। इस बार भी वह भाजपा से टिकट के दावेदारों की सूची में महत्वपूर्ण नाम हैं। हालांकि पार्टी के भीतर ही आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं ने आवेदन किया है।
कलायत विधानसभा के समग्र विकास के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किया। एक छत के नीचे सभी विभागों की सेवाएं प्रदान करने के लिए उप मंडल मुख्यालय की शुरूआत, उप मंडल नागरिक अस्पताल का आधुनिक भवन, सरकारी महिला कालेजों की सौगात, पेयजल, पानी निकासी सुदृढ़ीकरण योजना, तालाब सौंदर्यकरण, खेतों के कच्चे रास्तों को पक्का करवाने के साथ-साथ हर क्षेत्र में विकास का अध्याय लिखने का कार्य किया। इसके अलावा करोड़ों रुपये की योजनाएं पाइप लाइन में हैं। इनका सभी वर्गों को आने वाले समय मेंं लाभ मिलना तय है। - कमलेश ढांडा, विधायक कलायत व पूर्व राज्यमंत्री।
अस्पतालों को डॉक्टर नहीं मिले तालाबों के कायाकल्प में भ्रष्टाचार
शहरी-ग्रामीण विकास के नाम पर केवल क्षेत्र के लोगों से भाजपा सरकार में खिलवाड़ हुआ। योजनाओं को सिरे चढ़ाने के बजाय भूमि के नाम पर विवादों मेंं घिरवाने की खुद भाजपा नेताओं द्वारा योजनाएं बनाई गई। सरकारी अस्पतालों को डाक्टर नहीं मिले। राजकीय माडल संस्कृति स्कूलों के भवन कहां हैं। तालाबों के कायाकल्प के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल हुआ। मौजूदा भाजपा विधायक कार्यकाल मेंं किसी योजना को सिरे नहीं पढ़ा पाई। - जयप्रकाश जेपी, कांग्रेस नेता, सांसद हिसार
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गांव किठाना मेंं सब यार्ड को मंडी का दर्जा
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n कलायत में 17.77 करोड़ से उप मंडल कार्यालय भवन का लोकार्पण
n कलायत में करीब 10 करोड़ के बजट से 50 बिस्तर के उप मंडल नागरिक अस्पताल की शुरूआत
n राजौंद व सेरधा गांव मेंं राजकीय महिला काॅलेज खुलवाए
जो काम नहीं हुए
n कलायत शहर मेंं 24 करोड़ के बजट से एसटीपी सुदृढ़ीकरण योजना
n कलायत शहर सहित आठ गांवों में 20 करोड़ के बजट से भाखड़ा का पानी पहुंचाने की योजना
n कलायत में उद्योग को विकसित करने के लिए पंजीरी प्लांट
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श्री कपिल मुनि कालेज कलायत का भवन के साथ-साथ राजकीय माडल संस्कृति स्कूलों के आधुनिक भवन
n कलायत में अतिरिक्त अनाज मंडी