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Kaithal News: बारिश से खेतों में बिछी फसल, प्रति एकड़ 2 क्विंटल नुकसान की आशंका
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नई अनाज मंडी में बारिश के पानी तैरता धान व रखे कट्टे। संवाद
कैथल। रविवार को आधा घंटा हुई 15 एमएम बारिश से जिलेभर की मंडियों में जलभराव हो गया। इससे बोरियों में भरा व खुले में पड़ा करीब 1.50 लाख मीट्रिक टन धान भीग गया। मंडियों में किसानों का धान पानी में तैरता दिखा।
मंडियों में जलभराव के बाद किसान खुद मंडियों से निकासी के लिए ब्लॉक हो चुके नाले खोलने में लगे रहे, ताकि अपनी फसल बचा सकें। पूरे जिले में मंडियों में करीब 2 लाख 41 हजार मीट्रिक धान की खरीद हो चुकी लेकिन रविवार शाम तक उठान सिर्फ 80 हजार मीट्रिक टन का हुआ है।
रविवार को मंडियों में उठान के लिए आवक और खरीद बंद रही लेकिन बारिश होने के कारण केवल 15 हजार मीट्रिक टन धान का उठान ही शाम तक हो सका था जबकि शनिवार को करीब 30 हजार मीट्रिक टन धान का उठान हुआ था। कैथल की मंडियों में रविवार शाम तक 81930 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 63887 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी थी लेकिन उठान 20 हजार मीट्रिक टन हुआ।
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अव्यवस्था की भेंट चढ़ा किसान : भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धुपुर के प्रदेश संयोजक होशियार गिल ने कहा कि मंडियों में हालात बिगड़ चुके हैं और धान डालने के लिए जगह ही नहीं बची है। शेड खाली नहीं होने से किसान अपनी धान को सड़कों व कच्चे में डालने के लिए मजबूर हैं।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, कैथल वरिंद्र कुमार ने कहा कि शाम तक करीब 15 हजार मीट्रिक टन का उठान हुआ है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डॉ. रविंद्र कुमार ने कहा कि खेतों में फसलों के नुकसान का अभी कोई डाटा उनके पास नहीं पहुंचा है। बड़े स्तर पर नुकसान की आशंका नहीं है।
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मंडियों में जलभराव के बाद किसान खुद मंडियों से निकासी के लिए ब्लॉक हो चुके नाले खोलने में लगे रहे, ताकि अपनी फसल बचा सकें। पूरे जिले में मंडियों में करीब 2 लाख 41 हजार मीट्रिक धान की खरीद हो चुकी लेकिन रविवार शाम तक उठान सिर्फ 80 हजार मीट्रिक टन का हुआ है।
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रविवार को मंडियों में उठान के लिए आवक और खरीद बंद रही लेकिन बारिश होने के कारण केवल 15 हजार मीट्रिक टन धान का उठान ही शाम तक हो सका था जबकि शनिवार को करीब 30 हजार मीट्रिक टन धान का उठान हुआ था। कैथल की मंडियों में रविवार शाम तक 81930 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 63887 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी थी लेकिन उठान 20 हजार मीट्रिक टन हुआ।
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अव्यवस्था की भेंट चढ़ा किसान : भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धुपुर के प्रदेश संयोजक होशियार गिल ने कहा कि मंडियों में हालात बिगड़ चुके हैं और धान डालने के लिए जगह ही नहीं बची है। शेड खाली नहीं होने से किसान अपनी धान को सड़कों व कच्चे में डालने के लिए मजबूर हैं।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, कैथल वरिंद्र कुमार ने कहा कि शाम तक करीब 15 हजार मीट्रिक टन का उठान हुआ है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डॉ. रविंद्र कुमार ने कहा कि खेतों में फसलों के नुकसान का अभी कोई डाटा उनके पास नहीं पहुंचा है। बड़े स्तर पर नुकसान की आशंका नहीं है।