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नकली सोना देने के मामले में अदालत ने स्वीकारी सशर्त अग्रिम जमानत याचिका
Updated Sat, 05 May 2018 12:29 AM IST
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नकली सोना देने के मामले में अदालत ने स्वीकारी सशर्त अग्रिम जमानत याचिका
कैथल। अतिरिक्त सेशन जज हुक्म सिंह की अदालत ने जितेंद्र निवासी पाई की आपराधिक केस संख्या 243 में सशर्त अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। थाना शहर में आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 243 आईपीसी की धारा 406/420/392/506 तथा एससीएसटी उत्पीड़न निरोधक कानून के तहत दर्ज की गई थी जिसमें आरोप थे कि 10 अप्रैल को पीड़ित ने आरोपी व उसके सहयोगी को 10 लाख रुपये सस्ता सोना लेने के लिए दिए परंतु उसे नकली सोना दे दिया। इसके साथ ही तेजधार हथियार के बल पर आरोपी व उसके सहयोगी ने उससे 17 लाख रुपये छीन लिए। सुनवाई के दौरान पीड़ित राजेश स्वयं उपस्थित हुआ और किसी प्रकार की शिकायत मौजूदा आरोपी जितेंद्र के खिलाफ करने से इंकार किया। कोर्ट ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इसे जमानत के लिए फिट केस पाया और आरोपी को निर्देश दिए कि वह जब भी आईओ बुलाए जांच में शामिल होने, बिना अनुमति विदेश न जाने तथा गवाहों व साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने के लिए बाध्य रहेगा तथा गिरफ्तारी की सूरत में आईओ उसे एक लाख रुपये व एक जमानती जो भी आईओ की संतुष्टि हो, पर रिहा किया जाएगा।
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कैथल। अतिरिक्त सेशन जज हुक्म सिंह की अदालत ने जितेंद्र निवासी पाई की आपराधिक केस संख्या 243 में सशर्त अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। थाना शहर में आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 243 आईपीसी की धारा 406/420/392/506 तथा एससीएसटी उत्पीड़न निरोधक कानून के तहत दर्ज की गई थी जिसमें आरोप थे कि 10 अप्रैल को पीड़ित ने आरोपी व उसके सहयोगी को 10 लाख रुपये सस्ता सोना लेने के लिए दिए परंतु उसे नकली सोना दे दिया। इसके साथ ही तेजधार हथियार के बल पर आरोपी व उसके सहयोगी ने उससे 17 लाख रुपये छीन लिए। सुनवाई के दौरान पीड़ित राजेश स्वयं उपस्थित हुआ और किसी प्रकार की शिकायत मौजूदा आरोपी जितेंद्र के खिलाफ करने से इंकार किया। कोर्ट ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इसे जमानत के लिए फिट केस पाया और आरोपी को निर्देश दिए कि वह जब भी आईओ बुलाए जांच में शामिल होने, बिना अनुमति विदेश न जाने तथा गवाहों व साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने के लिए बाध्य रहेगा तथा गिरफ्तारी की सूरत में आईओ उसे एक लाख रुपये व एक जमानती जो भी आईओ की संतुष्टि हो, पर रिहा किया जाएगा।