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Kaithal News: पोल्ट्री फार्म में पकड़ी पटाखे की फैक्ट्री
Tue, 22 Aug 2023 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 22 Aug 2023 01:18 AM IST
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कैथल। शहर से सटे गांव कुलतारण स्थित पोल्ट्री फार्म में सोमवार की दोपहर करीब दो बजे अवैध पटाखे बनाने का धंधा पुलिस ने पकड़ा। गुप्त सूचना पर सदर थाना पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारियों की संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। छापा मारने की यह कार्रवाई यहां तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली। पुलिस ने इस दौरान कच्ची सामग्री में गंधक, पोटाश और कच्चे कोयले की राख आदि बरामद हुई।
जांच-पड़ताल के दौरान पटाखे बनाने वाले कारखाने के मालिक के पास मौके पर किसी भी प्रकार की अनुमति या कोई लाइसेंस भी नहीं मिला है। पुलिस ने पटाखे बनाने के प्रयोग की जा रही इस कच्ची सामग्री को अपने कब्जे में लिया।
सदर थाना के अधीन आने वाली क्योड़क चौकी की प्रभारी धनपति ने बताया कि उनके अधिकारियों को इस संबंध में सूचना मिली थी।
चौकी प्रभारी के मुताबिक, कुलतारण के बाहर क्षेत्र में खेतों में स्थित पोल्ट्री फार्म में अवैध रूप से पटाखे बनाने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने दमकल विभाग के कर्मचारियों के साथ दोपहर करीब दो बजे छापा मारा। मौके पर आठ-10 कारीगर काम कर रहे थे। इनमें आधी महिलाएं थीं। ये सभी आसपास के गांवों के बताए जाते हैं।
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पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि इसके मालिक ने आगे यह और किसी को किराये पर दिया था और एक अन्य व्यक्ति ने यहां पर बच्चों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले माचिस पटाखे बनाने के लिए कारखाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक, कारोबार करने वाले का नाम शमशाद बताया गया है। वह कैथल का रहने वाला है और करीब 20 दिन पहले ही यह जगह उसे किराये पर ली है। इस मामले में जांच पड़ताल की जा रही है।
चौकी प्रभारी ने यह भी बताया कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मजदूरों को पूछताछ के बाद जाने दिया गया। वहीं, दमकल विभाग के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यहां पर गंधक और कोयल की राख मिली है।
भारी मात्रा में थी कच्ची सामग्री, बताई कम
पुलिस व दमकल विभाग की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में पटाखे बनाने के लिए सामान बरामद हुआ। इसमें पोटाश, गंधक आदि शामिल है। हालांकि मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने इसे केवल गंधक बताया। उनका कहना था कि पोटाश का प्रयोग काफी कम मात्रा में किया गया है जबकि गंधक भी महज सात से आठ किलोग्राम ही थी।
दोनों विभागों में बना रहा असमंजस
एक पोल्ट्री फार्म की जगह पर जब पटाखे बनाने की सूचना मिली तो पुलिस व दमकल दोनों ही विभागों के अधिकारियों में असमंजस की स्थिति बन गई। को खेतों में अवैध पटाखे बनाने वाली फैक्ट्री की सूचना मिली थी। करीब दो घंटे तक दोनों विभागों के अधिकारी इस बात पर उलझे रहे कि आखिर इसकी शुरुआती कार्रवाई कौन करे। दमकल विभाग के कर्मियों का कहना था कि वे तो सूचना पर आए हैं। फैक्ट्री संचालक ने दमकल विभाग से अनुमति नहीं ली है। इसलिए कार्रवाई करना पुलिस का काम है। बाद में दोनों विभागों से पहुंचे अधिकारियों ने सयुंक्त रूप से कार्रवाई की।
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जांच-पड़ताल के दौरान पटाखे बनाने वाले कारखाने के मालिक के पास मौके पर किसी भी प्रकार की अनुमति या कोई लाइसेंस भी नहीं मिला है। पुलिस ने पटाखे बनाने के प्रयोग की जा रही इस कच्ची सामग्री को अपने कब्जे में लिया।
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सदर थाना के अधीन आने वाली क्योड़क चौकी की प्रभारी धनपति ने बताया कि उनके अधिकारियों को इस संबंध में सूचना मिली थी।
चौकी प्रभारी के मुताबिक, कुलतारण के बाहर क्षेत्र में खेतों में स्थित पोल्ट्री फार्म में अवैध रूप से पटाखे बनाने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने दमकल विभाग के कर्मचारियों के साथ दोपहर करीब दो बजे छापा मारा। मौके पर आठ-10 कारीगर काम कर रहे थे। इनमें आधी महिलाएं थीं। ये सभी आसपास के गांवों के बताए जाते हैं।
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पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि इसके मालिक ने आगे यह और किसी को किराये पर दिया था और एक अन्य व्यक्ति ने यहां पर बच्चों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले माचिस पटाखे बनाने के लिए कारखाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक, कारोबार करने वाले का नाम शमशाद बताया गया है। वह कैथल का रहने वाला है और करीब 20 दिन पहले ही यह जगह उसे किराये पर ली है। इस मामले में जांच पड़ताल की जा रही है।
चौकी प्रभारी ने यह भी बताया कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मजदूरों को पूछताछ के बाद जाने दिया गया। वहीं, दमकल विभाग के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यहां पर गंधक और कोयल की राख मिली है।
भारी मात्रा में थी कच्ची सामग्री, बताई कम
पुलिस व दमकल विभाग की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में पटाखे बनाने के लिए सामान बरामद हुआ। इसमें पोटाश, गंधक आदि शामिल है। हालांकि मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने इसे केवल गंधक बताया। उनका कहना था कि पोटाश का प्रयोग काफी कम मात्रा में किया गया है जबकि गंधक भी महज सात से आठ किलोग्राम ही थी।
दोनों विभागों में बना रहा असमंजस
एक पोल्ट्री फार्म की जगह पर जब पटाखे बनाने की सूचना मिली तो पुलिस व दमकल दोनों ही विभागों के अधिकारियों में असमंजस की स्थिति बन गई। को खेतों में अवैध पटाखे बनाने वाली फैक्ट्री की सूचना मिली थी। करीब दो घंटे तक दोनों विभागों के अधिकारी इस बात पर उलझे रहे कि आखिर इसकी शुरुआती कार्रवाई कौन करे। दमकल विभाग के कर्मियों का कहना था कि वे तो सूचना पर आए हैं। फैक्ट्री संचालक ने दमकल विभाग से अनुमति नहीं ली है। इसलिए कार्रवाई करना पुलिस का काम है। बाद में दोनों विभागों से पहुंचे अधिकारियों ने सयुंक्त रूप से कार्रवाई की।