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कोरोना काल : कम पड़ रहे बेड, बढ़ रही ऑक्सीजन की खपत
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Corona period: decreasing beds, increasing oxygen consumption
- फोटो : Kaithal
तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच जिले में ऑक्सीजन के सिलिंडरों की खपत बढ़ गई है। देश भर में जो कोरोना के हालात हैं, उसे देखते हुए ऑक्सीजन व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है। इस समय जिला नागरिक अस्पताल में कोरोना संक्रमित व अन्य मरीजों के प्रयोग के लिए 223 सिलिंडर उपलब्ध हैं। पहले जहां 12-14 सिलिंडर प्रयोग होते थे, अब रोजाना कम से कम 18 सिलिंडर खाली हो रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति जिले में ठीक है। जैसे ही सिलिंडर खाली होते हैं, तुरंत उन्हें भरवाने के लिए भेजा जा रहा है ताकि आगामी समय में किसी मरीज को ऑक्सीजन की किल्लत न झेलनी पड़े।
नागरिक अस्पताल में अब 47 बेडों पर आइसोलेट हो चुके हैं संक्रमित व्यक्ति
गौरतलब है कि फरवरी माह के मध्य तक जिला नागरिक अस्पताल कोविड फ्री हो गया था। अस्पताल में एक भी संक्रमित व्यक्ति आइसोलेट नहीं था। संक्रमित व्यक्ति केवल होम आइसोलेशन में ही थे। अब फिर जिला नागरिक अस्पताल में 47 बेडों पर संक्रमित आइसोलेट हैं। जिला अस्पताल सहित शाह व सिग्नस अस्पताल और चीका के अस्पताल में 197 बेड संक्रमितों के लिए आरक्षित हैं। जिसमें इस समय 80 बेडों पर पॉजिटिव व्यक्ति आइसोलेट हैं। विभाग द्वारा नागरिक अस्पताल में आइसोलेशन के लिए 71 बेड, सिग्नस अस्पताल में 12, शाह अस्पताल में 44 व गुहला अस्पताल में 70 बेडों की व्यवस्था की गई है।
शहर के निजी व सरकारी अस्पतालों में 14 वेंटिलेटर हैं। फिलहाल सभी वेंटिलेटर खाली हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोरोना के कारण ज्यादा गंभीर मरीज जिले में सामने नहीं आया है। जो थोड़े गंभीर मरीज दिखाई देते हैं, उन्हें अग्रोहा या चंडीगढ़ रेफर किया जा रहा है।
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सिविल सर्जन डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना से बचाव के लिए किए गए प्रबंध अभी पर्याप्त हैं। विभाग द्वारा विशेष प्रक्रिया के अनुसार संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। कोरोना से दूसरे मरीजों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व बेडों की सुविधा दी जा रही है। अगर किसी मरीज को दिक्कत ज्यादा हो तो उसे बड़े संस्थानों में इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है।
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नागरिक अस्पताल में अब 47 बेडों पर आइसोलेट हो चुके हैं संक्रमित व्यक्ति
गौरतलब है कि फरवरी माह के मध्य तक जिला नागरिक अस्पताल कोविड फ्री हो गया था। अस्पताल में एक भी संक्रमित व्यक्ति आइसोलेट नहीं था। संक्रमित व्यक्ति केवल होम आइसोलेशन में ही थे। अब फिर जिला नागरिक अस्पताल में 47 बेडों पर संक्रमित आइसोलेट हैं। जिला अस्पताल सहित शाह व सिग्नस अस्पताल और चीका के अस्पताल में 197 बेड संक्रमितों के लिए आरक्षित हैं। जिसमें इस समय 80 बेडों पर पॉजिटिव व्यक्ति आइसोलेट हैं। विभाग द्वारा नागरिक अस्पताल में आइसोलेशन के लिए 71 बेड, सिग्नस अस्पताल में 12, शाह अस्पताल में 44 व गुहला अस्पताल में 70 बेडों की व्यवस्था की गई है।
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शहर के निजी व सरकारी अस्पतालों में 14 वेंटिलेटर हैं। फिलहाल सभी वेंटिलेटर खाली हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोरोना के कारण ज्यादा गंभीर मरीज जिले में सामने नहीं आया है। जो थोड़े गंभीर मरीज दिखाई देते हैं, उन्हें अग्रोहा या चंडीगढ़ रेफर किया जा रहा है।
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सिविल सर्जन डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना से बचाव के लिए किए गए प्रबंध अभी पर्याप्त हैं। विभाग द्वारा विशेष प्रक्रिया के अनुसार संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। कोरोना से दूसरे मरीजों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व बेडों की सुविधा दी जा रही है। अगर किसी मरीज को दिक्कत ज्यादा हो तो उसे बड़े संस्थानों में इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है।