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दिवाली पर मन व हृदय की भी करें सफाई : बीके बहन
Mon, 20 Oct 2025 03:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 20 Oct 2025 03:19 AM IST
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19kht_15प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय कलायत में दीवाली उत्सव मनाते श्रद्धालु
कलायत। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में रविवार को दिवाली के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आश्रम की प्रभारी बीके बहन रेखा के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस अवसर पर बीके बहन रेखा ने लोगों को प्रदूषण रहित दिवाली मनाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि दिवाली खुशियों का त्योहार है। इस दिन सभी लोग अपने घरों की सफाई करते हैं। इस अवसर पर हमें अपने मन व हृदय की भी सफाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे मन में जो विकार भरे हैं वे ही परमात्मा मिलन में सबसे बड़े बाधक होते हैं। यदि अपने मन और हृदय की हम सफाई कर लेते हैं तो नवजीवन की शुरूआत हो जाती है। उन्होंने कहा कि मस्तक या दोनों भौहों के बीच भृकुटि का मध्य स्थल मनुष्य शरीर का वह स्थान है, जहां आत्मा निवास करती है। इसी जगह शिव शक्तियां मनुष्यों को अर्थ सहित ईश्वरीय ज्ञान का यह रहस्य भी सुनाती है कि आत्मा अविनाशी है। उन्होंने कहा कि दीप जलाकर हम ज्ञानरत्न धन की कामना करते है। ताकि अज्ञान का तामस जिंदगी से चला जाए।
जीवन में ज्ञान जागृति न होने से ही मनुष्य चोरी सहित अन्य गुनाह अंधेरे में नजर चुराकर करता है। मिथ्या समझ के कारण समाज में ये गलतियां हो रही है। ईश्वरी ज्ञान का प्रकाश ही स्वच्छता और पारदर्शिता लाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दिवाली पर जुआ खेलते हैं और शराब इत्यादि का सेवन करते हैं, जिससे हमें परहेज करना चाहिए।
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कार्यक्रम में राधाकृष्ण को समर्पित एक नृत्य का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद सभी श्रद्धालुओं ने सहभोज का आनंद लिया। संवाद
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उन्होंने कहा कि दिवाली खुशियों का त्योहार है। इस दिन सभी लोग अपने घरों की सफाई करते हैं। इस अवसर पर हमें अपने मन व हृदय की भी सफाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे मन में जो विकार भरे हैं वे ही परमात्मा मिलन में सबसे बड़े बाधक होते हैं। यदि अपने मन और हृदय की हम सफाई कर लेते हैं तो नवजीवन की शुरूआत हो जाती है। उन्होंने कहा कि मस्तक या दोनों भौहों के बीच भृकुटि का मध्य स्थल मनुष्य शरीर का वह स्थान है, जहां आत्मा निवास करती है। इसी जगह शिव शक्तियां मनुष्यों को अर्थ सहित ईश्वरीय ज्ञान का यह रहस्य भी सुनाती है कि आत्मा अविनाशी है। उन्होंने कहा कि दीप जलाकर हम ज्ञानरत्न धन की कामना करते है। ताकि अज्ञान का तामस जिंदगी से चला जाए।
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जीवन में ज्ञान जागृति न होने से ही मनुष्य चोरी सहित अन्य गुनाह अंधेरे में नजर चुराकर करता है। मिथ्या समझ के कारण समाज में ये गलतियां हो रही है। ईश्वरी ज्ञान का प्रकाश ही स्वच्छता और पारदर्शिता लाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दिवाली पर जुआ खेलते हैं और शराब इत्यादि का सेवन करते हैं, जिससे हमें परहेज करना चाहिए।
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कार्यक्रम में राधाकृष्ण को समर्पित एक नृत्य का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद सभी श्रद्धालुओं ने सहभोज का आनंद लिया। संवाद