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Kaithal News: बाढ़ग्रस्त ग्रामीणों का सीजेएम ने जाना हाल
Wed, 10 Sep 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार मंगलवार को एक बार फिर से गुहला के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में गांव रत्ता खेड़ा लुकमान में पहुंचे और वहां पर ग्रामीणों का हाल जाना। उन्होंने बाढ़ से खराब हुई फसलों की जानकारी ली। सीजेएम ने बाढ़ के दौरान रिहायशी क्षेत्र समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने बताया कि रिहायसी क्षेत्र में पानी तो नहीं आया लेकिन पूरे गांव की फसलें बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं। सीजेएम ने मौके पर नायब तहसीलदार बंसी लाल को निर्देश दिया कि इस गांव की सारी फसल को खराब दर्शाया जाए ताकि किसानों को उचित राहत प्रदान हो सके।
उन्होंने किसानों से भी आह्वान किया कि वे अपनी फसल की जानकारी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाएं। यदि किसी तरह की परेशानी आती है तो विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सदस्यों की मदद ले सकते हैं। इसके बाद सीजेएम ने टटियाना पुल पर जाकर घग्गर नदी के जलस्तर की जानकारी ली।
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मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि घग्गर का जलस्तर कई दिनों से स्थिर बना हुआ है और पीछे से मारकंडा व घग्गर नदी में जलस्तर कम होने की सूचना आ रही है जो राहत की बात है। यहां पर लोगों ने घग्गर का पानी हांसी बुटाना नहर में छोड़े जाने का मुद्दा सीजेएम के समक्ष रखा।
सीजेएम ने कहा कि इस संबंध में वह जिले के उच्च अधिकारियों से बात करेंगे और विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में जो भी कार्य आते है उन्हें पूरा करवाया जाएगा।
उनके साथ पैनल अधिवक्ता जीवन सिंह नैन, संदीप पुनिया, कृष्णा सीड़ा व प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे।
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गुहला-चीका। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार मंगलवार को एक बार फिर से गुहला के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में गांव रत्ता खेड़ा लुकमान में पहुंचे और वहां पर ग्रामीणों का हाल जाना। उन्होंने बाढ़ से खराब हुई फसलों की जानकारी ली। सीजेएम ने बाढ़ के दौरान रिहायशी क्षेत्र समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने बताया कि रिहायसी क्षेत्र में पानी तो नहीं आया लेकिन पूरे गांव की फसलें बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं। सीजेएम ने मौके पर नायब तहसीलदार बंसी लाल को निर्देश दिया कि इस गांव की सारी फसल को खराब दर्शाया जाए ताकि किसानों को उचित राहत प्रदान हो सके।
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उन्होंने किसानों से भी आह्वान किया कि वे अपनी फसल की जानकारी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाएं। यदि किसी तरह की परेशानी आती है तो विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सदस्यों की मदद ले सकते हैं। इसके बाद सीजेएम ने टटियाना पुल पर जाकर घग्गर नदी के जलस्तर की जानकारी ली।
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मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि घग्गर का जलस्तर कई दिनों से स्थिर बना हुआ है और पीछे से मारकंडा व घग्गर नदी में जलस्तर कम होने की सूचना आ रही है जो राहत की बात है। यहां पर लोगों ने घग्गर का पानी हांसी बुटाना नहर में छोड़े जाने का मुद्दा सीजेएम के समक्ष रखा।
सीजेएम ने कहा कि इस संबंध में वह जिले के उच्च अधिकारियों से बात करेंगे और विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में जो भी कार्य आते है उन्हें पूरा करवाया जाएगा।
उनके साथ पैनल अधिवक्ता जीवन सिंह नैन, संदीप पुनिया, कृष्णा सीड़ा व प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे।