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Kaithal News: आढ़त काटकर देने से आढ़तियों में रोष
Fri, 26 Jul 2024 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 26 Jul 2024 02:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। पाई मंडी के आढ़तियों में गेहूं खरीद एजेंसियों की ओर से उनकी शॉरटेज व आढ़त काटकर देने पर एजेंसियों के प्रति रोष है। मंडी के आढ़तियों एजेसियों से काटी शोरटेज के पैसे व आढ़त देरी से देने पर ब्याज देने की मांग की है।
मंडी प्रधान कृष्ण ढुल व पूर्व प्रधान रणधीर सिंह फौजी ने बताया कि उनकी मंडी में किसानों की गेहूं हैफेड व वेयर हाउस के द्वारा खरीद की गई थी। गेहूं खरीद करने के बाद इन एजेंसियों ने मंडी से खरीद की गई गेहूं का लदान काफी देरी से किया गया। जिस कारण से इसमें शॉरटेज बैठ गई। यह गलती आढ़तियों की नही , अपितु खरीद एजेंसियों व ट्रांसपोर्टर की है। इनका तुली हुई गेहूं की बोरियां तोल के 24 घंटे के अंदर उठानी थी, जिसमें वे विफल रहे।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा इस शॉरटेज की बात चल भी रही है, लेकिन खरीद एजेंसियों की ओर से इस आढ़त को अब भेज गया। उन्होंने बताया कि आढ़तियों को यह आढ़त खरीद तीन माह बाद देरी से दी गई। इस कारण से एजेंसियां आढ़तियों को इस पर ब्याज दे।
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पाई। पाई मंडी के आढ़तियों में गेहूं खरीद एजेंसियों की ओर से उनकी शॉरटेज व आढ़त काटकर देने पर एजेंसियों के प्रति रोष है। मंडी के आढ़तियों एजेसियों से काटी शोरटेज के पैसे व आढ़त देरी से देने पर ब्याज देने की मांग की है।
मंडी प्रधान कृष्ण ढुल व पूर्व प्रधान रणधीर सिंह फौजी ने बताया कि उनकी मंडी में किसानों की गेहूं हैफेड व वेयर हाउस के द्वारा खरीद की गई थी। गेहूं खरीद करने के बाद इन एजेंसियों ने मंडी से खरीद की गई गेहूं का लदान काफी देरी से किया गया। जिस कारण से इसमें शॉरटेज बैठ गई। यह गलती आढ़तियों की नही , अपितु खरीद एजेंसियों व ट्रांसपोर्टर की है। इनका तुली हुई गेहूं की बोरियां तोल के 24 घंटे के अंदर उठानी थी, जिसमें वे विफल रहे।
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उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा इस शॉरटेज की बात चल भी रही है, लेकिन खरीद एजेंसियों की ओर से इस आढ़त को अब भेज गया। उन्होंने बताया कि आढ़तियों को यह आढ़त खरीद तीन माह बाद देरी से दी गई। इस कारण से एजेंसियां आढ़तियों को इस पर ब्याज दे।
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