{"_id":"5d6969158ebc3e017f1e4c89","slug":"anganbadi-centre-kaithal-news-rtk514976735","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह बाद 9 आंगनबाड़ी केंद्रों का खराब राशन बदला गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक माह बाद 9 आंगनबाड़ी केंद्रों का खराब राशन बदला गया
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्रों में भेज गए खराब राशन को आखिरकार शुक्रवार को बदल दिया गया। एक महीने से भी अधिक समय से खत्म हुए राशन के बाद पिछले सप्ताह ही आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन पहुंचा था। लेकिन आंबेडकर कालोनी में स्थित 9 केंद्रों का राशन खराब था। गेहूं भी खराब था। साथ में चावल में भी कीड़े चल रहे थे। इस शिकायत के बावजूद जब एक सप्ताह तक विभागीय अधिकारियों ने राशन नहीं बदला तो वर्कर थैलियों में राशन लेकर डीसी के पास पहुंची। जहां डीसी ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों को इस मामले में उचित कार्रवाई के आदेश दिए थे। अमर उजाला द्वारा भी यह मामला प्रमुखता से उठाया गया। शुक्रवार को सारा राशन बदल दिया गया।
उधर, आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की नेता शकुंतला ने कहा कि विभागीय अधिकारी अब उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। उसके सेंटर की अनावश्यक चेकिंग की जा रही है। उनकी मांग है कि पूरे जिले का राशन चेक किया जाए। जहां भी राशन खराब है, उसे बदल दिया जाए। साथ ही खराब राशन भेजने वाले के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में पीओआईसीडीएस का काम देख रहीं सीडीपीओ कमलेश गर्ग ने स्वीकार किया कि 4 कट्टे खराब थे। जिन्हेें बदलने के लिए कहा गया था। ठेकेदार इस बात का इंतजार कर रहा था कि किसी ओर सेंटर से तो शिकायत नहीं है। जिस कारण अब इन कट्टों को भी बदल दिया गया है। जब उनसे पूछा गया कि खराब राशन भेजने वाले के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है? तो उनका जवाब था कि 5 हजार कट्टों में से एकाध कट्टे में खराबी आ जाती है। जिसे बदल दिया जाता है। कार्रवाई करने जैसी कोई बात नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की नेता शकुंतला ने कहा कि विभागीय अधिकारी अब उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। उसके सेंटर की अनावश्यक चेकिंग की जा रही है। उनकी मांग है कि पूरे जिले का राशन चेक किया जाए। जहां भी राशन खराब है, उसे बदल दिया जाए। साथ ही खराब राशन भेजने वाले के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
इस संबंध में पीओआईसीडीएस का काम देख रहीं सीडीपीओ कमलेश गर्ग ने स्वीकार किया कि 4 कट्टे खराब थे। जिन्हेें बदलने के लिए कहा गया था। ठेकेदार इस बात का इंतजार कर रहा था कि किसी ओर सेंटर से तो शिकायत नहीं है। जिस कारण अब इन कट्टों को भी बदल दिया गया है। जब उनसे पूछा गया कि खराब राशन भेजने वाले के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है? तो उनका जवाब था कि 5 हजार कट्टों में से एकाध कट्टे में खराबी आ जाती है। जिसे बदल दिया जाता है। कार्रवाई करने जैसी कोई बात नहीं है।
विज्ञापन