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Kaithal News: मॉक ड्रिल में आपदा से निपटने का किया अभ्यास, आठ मरीजों को आइसोलेशन और 2 मरीज गंभीर स्थिति में मिले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:06 AM IST
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A mock drill was conducted to practice disaster response; eight patients were placed in isolation, and two were found to be in critical condition.
राजकीय विद्यालय में आपदा के बाद प्राथमिक उपचार देती टीमें। विज्ञ​प्ति
कैथल। एनडीएआरएफ व जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से कमेटी चौक स्थित राजकीय बॉयज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जैविक आपातकाल मॉक ड्रिल आयोजित की गई। कोरोना जैसी आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए पीड़ित मरीजों को रेस्क्यू किया गया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। ड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय को परखा गया।
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इस मॉक ड्रिल में सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनिंग) शिवानी पांचाल, सहायक कमांडेंट देवेंद्र सिंह, डीएसपी रमेश चंद्र, डीआरओ चंद्र मोहन, डिप्टी डीईओ राजेंद्र आजाद और इंस्पेक्टर यशबीर सिंह शामिल रहे। जैसे ही जैविक आपातकाल की सूचना मिली तुरंत ही एनडीआरएफ की टीम के साथ-साथ जिला प्रशासन से आपदा प्रबंधन विभाग, रेडक्रॉस, पुलिस विभाग की टीमें अलर्ट दिखाई दी। उन्होंने आपसी तालमेल से जैविक आपदा से पीड़ित मरीजों को रेस्क्यू किया और उन्हें मेडिकल पोस्ट में ले जाकर हेल्थ चेकअप किया और उसके बाद 14 मरीजों को मरटाईन क्षेत्र में भेजा गया। आठ मरीजों को आइसोलेशन और 2 मरीज गंभीर स्थिति में मिले, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। जैसे ही मरीजों को बाहर लाया गया, तुरंत स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस गाड़ी मौके पर पहुंची और उन्हें मरीजों को अस्पताल भेजा गया। इसके साथ-साथ मॉक ड्रिल में ईआरबी 112, दुर्गा शक्ति, यातायात पुलिस, राइडरों ने भी मोर्चा संभाला और आपात की स्थिति पूरी मदद की।
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एनडीआरएफ की टीम की ओर से कम्यूनिकेशन पोस्ट, एनडीआरएफ टीम, एनडीआरएफ स्टोर, मेडिकल पोस्ट, कमांड पोस्ट स्थापित की, जिसके माध्यम से उन्होंने जैविक आपात स्थिति से निपटने के लिए कार्य किया गया। इसमें लगभग 30 सदस्य थे। जिन्होंने क्षेत्र की मार्किंग की गई और टीम के संयुक्त तत्वावधान में कार्य करते हुए मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनिंग) शिवानी पांचाल ने कहा कि डीसी अपराजिता के मार्गदर्शन में जैविक आपातकाल मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। इस तरह की मॉक ड्रिल समय-समय पर होनी चाहिए, ताकि नागरिकों को जानकारी मिल सके कि यदि कोई आपदा आती है तो उसे कैसे निपटा जा सके। जिस तरह से एनडीआरएफ, पुलिस और रेडक्रॉस की टीम का तालमेल दिखाई दिया, ऐसा होना आवश्यक है।

राजकीय विद्यालय में आपदा के बाद प्राथमिक उपचार देती टीमें। विज्ञप्ति

राजकीय विद्यालय में आपदा के बाद प्राथमिक उपचार देती टीमें। विज्ञप्ति

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