{"_id":"5a9ee3004f1c1b82408b5917","slug":"111520362240-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवनिर्मित अनाज मंडी के लिए अधिकृत जमीन का मुआवजा ने मिलने में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवनिर्मित अनाज मंडी के लिए अधिकृत जमीन का मुआवजा ने मिलने में रोष
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
नवनिर्मित अनाज मंडी के लिए अधिकृत जमीन का मुआवजा न मिलने से रोष
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में जींद रोड पर नई अनाज मंडी बनकर तैयार हो चुकी है। दयाराम, सुभाष, होशियार, ओमप्रकाश, सुखदेव, ज्ञानचंद, कालू राम, भीम सिंह, रामदयाल आदि किसानों ने सरकार के प्रति रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस मंडी के लिए मार्केट कमेटी की जमीन अधिकृत की गई थी। मंडी का एरिया पूरा करने के लिए शेष जमीन पास लगते किसानों के खेतों की अधिग्रहण की गई थी। पिछली हुड्डा सरकार के घोषणा के अनुसार किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा व 33 साल रॉयल्टी के तौर पर प्रतिवर्ष ठेका राशि किसानों को दी जानी थी। नई बनने वाली मंडी में प्रत्येक किसान जिसकी जमीन अधिग्रहण हुई है। एक दुकान देने की घोषणा की गई है। लेकिन जमीन अधिग्रहण के वर्षों बाद आज तक किसानों को ना तो उचित मुआवजा राशि मिल पाई है और ना ही आज तक किसी तरह की रॉयल्टी दी गई है। वर्तमान मनोहर लाल खट्टर सरकार ने भी किया गया अपना वादा जिसके अनुसार मंडी में एक दुकान आवंटित की जानी थी यह मामला भी विचाराधीन है जिसके कारण किसानों मे सरकार के खिलाफ भारी रोष पनप रहा है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में जींद रोड पर नई अनाज मंडी बनकर तैयार हो चुकी है। दयाराम, सुभाष, होशियार, ओमप्रकाश, सुखदेव, ज्ञानचंद, कालू राम, भीम सिंह, रामदयाल आदि किसानों ने सरकार के प्रति रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस मंडी के लिए मार्केट कमेटी की जमीन अधिकृत की गई थी। मंडी का एरिया पूरा करने के लिए शेष जमीन पास लगते किसानों के खेतों की अधिग्रहण की गई थी। पिछली हुड्डा सरकार के घोषणा के अनुसार किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा व 33 साल रॉयल्टी के तौर पर प्रतिवर्ष ठेका राशि किसानों को दी जानी थी। नई बनने वाली मंडी में प्रत्येक किसान जिसकी जमीन अधिग्रहण हुई है। एक दुकान देने की घोषणा की गई है। लेकिन जमीन अधिग्रहण के वर्षों बाद आज तक किसानों को ना तो उचित मुआवजा राशि मिल पाई है और ना ही आज तक किसी तरह की रॉयल्टी दी गई है। वर्तमान मनोहर लाल खट्टर सरकार ने भी किया गया अपना वादा जिसके अनुसार मंडी में एक दुकान आवंटित की जानी थी यह मामला भी विचाराधीन है जिसके कारण किसानों मे सरकार के खिलाफ भारी रोष पनप रहा है।