फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   jhajjar news, devrat, jhajjar

युवाओं में संस्कार के बिन विकाश अधूरा : डॉ देवव्रत

Mon, 14 Mar 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर Updated Mon, 14 Mar 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
jhajjar news, devrat, jhajjar
पहल - फोटो : Bureau
आज युवाओं को संस्कारवान बनाने की आवश्यकता है। आप चाहे कितना ही विकास कर लें, यदि युवा पीढ़ी संस्कारवान नहीं है तो विकास किसी काम का नहीं है। हिमाचल के राज्यपाल आचार्य डॉ देवव्रत ने रविवार को गुरुकुल झज्जर के स्थापना शताब्दी समारोह में यह बात कही। कार्यक्रम के दूसरे दिन वे बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि गुरुकुलों में शिक्षा पद्धति के साथ संस्कार दिए जाते हैं और ये प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्य समाज देश की संस्कृति व विरासत को संजोकर रखते हुए आपसी सौहार्द के साथ भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का संदेश देता है। गुरुकुल शिक्षा पद्धति वेद प्रचार अभियान के साथ अपने उद्देश्यों में खरी उतर रही है। झज्जर गुरुकुल में मनाया जा रहा यह शताब्दी समारोह इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने गुरुकुल झज्जर को दो लाख अनुदान देने की भी घोषणा की।
विज्ञापन


युवा पीढ़ी को संस्कृत का ज्ञान जरूरी
डॉ. देवव्रत ने कहा कि वैदिक परंपराओं को गूंजायमान करते हुए समाज को सही दिशा दिखाना ही आर्य समाज का उद्देश्य है। आज बदलते परिवेश में ढांचागत विकास के तब तक कोई मायने नहीं हैं जब तक युवा पीढ़ी को संस्कारवान न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि देश की एकता व अखंडता संस्कृत भाषा में निहित है और इसी कारणवश हमारी भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति का ज्ञान हो, शिक्षा विभाग के माध्यम से उच्च स्तर तक संस्कृत भाषा को अनिवार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में सरकार की ओर से पहले 8वीं कक्षा तक ही संस्कृत भाषा अनिवार्य थी किंतु उन्होंने राज्यपाल पद संभालने उपरांत यहां के मुख्यमंत्री से बातचीत कर सभी राजकीय व निजी विद्यालयों में 10वीं कक्षा तक संस्कृत को अनिवार्य करवाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गाय को खेती से जोड़ने की जरूरत
राज्यपाल डॉ. देवव्रत ने कहा कि गाय के पालन और गाय को खेती से जोड़ने से गाय का संवर्धन होगा और किसान की खेती का खर्च जीरो होगा। उन्होंने महाराष्ट्र के  पद्मश्री वैज्ञानिक सुभाष पालेकर का उदाहरण देते हुए बताया कि दक्षिण में 40 लाख किसान आज उनका अनुसरण कर रहे हैं। यदि यहां भी किसान एक देशी गाय अपने खेत के लिए पालेगा तो वह जीरो खर्च पर खेती कर पाएगा। इससे उसकी भूमि की उर्वरा शक्ति बढे़गी और किसान आत्महत्या के रास्ते पर नहीं जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार के गो संवर्धन कानून की सराहना। बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ से उनकी बात हुई है और मंत्री ने हरियाणा में गाय को खेती से जोड़ने के प्रयोग को बढ़ावा देने की बात कही है।


ये रहे मौजूद
शताब्दी समारोह दूसरे दिन के कार्यक्रमों की अध्यक्षता स्वामी धर्मानंद महाराज ने की। इस मौके पर गुरुकुल महाविद्यालय झज्जर के कुलपति डॉ. योगानंद शास्त्री, आचार्य विजयपाल, पूर्ण सिंह देशवाल, डॉ. महाबीर अग्रवाल, विरजानंद दैवकरणी, मा. रामपाल आर्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed