हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बोले, पलायन की खबरों के बीच एक लाख मजदूर काम पर लौटने को तैयार
- www.amarujala.com के कार्यक्रम में बोले, हरियाणा में अब तक लगभग एक लाख मजदूरों ने वापस आने में रुचि दिखाई, सरकार कर रही प्रयास
- गेहूं और सरसों की खरीद लगभग पूरी, दूध-सब्जी विक्रेताओं को हुए नुकसान की भरपाई करेगा राज्य
- हरियाणा ने 16 लाख लोगों को दिए तीन से पांच हजार रुपये, 2.25 करोड़ भोजन के पैकेट बांटे
- युवाओं को दिया भरोसा, जल्द घोषित होंगे प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम, भर्ती प्रक्रिया होगी पूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश के अनेक हिस्सों से मजदूरों के पलायन की खबरें लगातार आ रही हैं। लेकिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा है कि अब भारी संख्या में मजदूर वापस आकर दोबारा कामकाज शुरू करना चाहते हैं।
अब तक लगभग एक लाख मजदूरों ने हरियाणा में वापस आने की इच्छा जताई है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है क्योंकि औद्योगिक गतिविधियों के शुरू होने से मजदूरों को काम मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। राज्य सरकार ने इसके लिए संबंधित राज्यों से बात कर श्रमिकों को हरियाणा तक भेजने के लिए उपाय सुनिश्चित करने को कहा है।
यह खबर ऐसे समय में आई है जब मजदूरों के पलायन की तस्वीरें मीडिया की सुर्खियां बनी हुई हैं और इनकी कमी की वजह से कई औद्योगिक जगहों पर उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
अमर उजाला डॉट कॉम (www.amarujala.com) के लाइव कार्यक्रम में शनिवार को विशेष बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अपने गृह राज्य जाने के लिए लगभग नौ लाख मजदूरों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
यह रजिस्ट्रेशन उस समय कराया गया था, जब कोरोना के कारण पूरा कामकाज ठप हो चुका था और निकट भविष्ट में इसके खुलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही थी। लेकिन जैसे ही औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज दोबारा शुरू हुआ है, अधिकांश मजदूरों ने घर वापस जाने की योजना त्याग दी है।
अब उनका अनुमान है कि इसमें से आधे भी मजदूर लौटकर अपने घर नहीं जाएंगे। हालांकि, राज्य इस समय भी लगभग 25 हजार मजदूरों को रोजाना उनके घर वापस भेज रहा है। इसके लिए रोजाना 200 बसें और चार ट्रेनें विभिन्न स्थानों के लिए रोजाना रवाना की जा रही हैं।
खट्टर ने बताया कि हरियाणा अब तक लगभग 1.5 लाख मजदूरों को उनके गृहराज्य भेज चुका है। इसके अलावा लगभग एक लाख लोग अपने स्तर पर राज्य से जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि मार्च के अंत में दिल्ली के आनंद विहार से श्रमिकों के पलायन के कारण लोगों में असमंजस और भय का माहौल बना, जिसके कारण श्रमिकों में भगदड़ जैसी स्थिति बनी।
उन्होंने स्वयं 700 बसें भेजकर आनंद विहार से उन्हें अपने घरों को भेजने की व्यवस्था बनाई थी। लेकिन अब मजदूरों के लौटने के कारण औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार होता दिख रहा है।
किसानों से 90 फीसदी खरीद पूरी
लॉकडाउन की वजह से किसान बहुल राज्य हरियाणा में किसानों के सामने आ रहे संकट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार अब तक सरसों की खरीद पूरी कर चुकी है। गेहूं की खरीद भी लगभग अंतिम चरण में है।
राज्य सरकार ने इसके लिए 20 अप्रैल से 31 मई की समयसीमा तय की थी, लेकिन यह समय से पहले अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कोरोना के कारण इस बार हर जिले में फसल खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई थी, जिससे किसानों को ज्यादा दूर जाने की आवश्यकता न पड़े।
उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण दूध, फलों और सब्जी उत्पादकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। लेकिन इस नुकसान की भरपाई हरियाणा सरकार करेगी। इसके लिए किसानों को फसल की लागत मूल्य और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर राज्य सरकार देगी।
दिल्ली के कारण बढ़े केस
हरियाणा में कोरोना के मामले बढ़ने के क्या कारणों को लेकर पूछे गए सवाल पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका राज्य दिल्ली से सटा हुआ है। पुलिस, स्वास्थ्यकर्मी, दूध-सब्जी और फल विक्रेताओं के अलावा अन्य अनेक लोग रोजाना दिल्ली से हरियाणा के बीच आवागमन करते हैं।
हरियाणा के दिल्ली से सटे इलाकों में संक्रमण फैलने की यह सबसे प्रमुख वजह रही। इसके अलावा तब्लीगी जमात के लगभग 130 लोग अनेक क्षेत्रों में गए, जिनके कारण भी हरियाणा में कोरोना के मामले बढ़े।
25 लाख पास जारी हुए
हरियाणा और दिल्ली के बीच आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों की आवाजाही रोक देने की वजह होने वाली परेशानी पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ऐसा किया गया था।
लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी बात करके उन्होंने यह तय किया कि शीर्ष पदों के लोगों के लिए पास जारी किये जाएंगे, जबकि सामान्य कर्मचारियों को दिल्ली में उनके काम करने की जगहों के आसपास रहने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
कामकाज शुरु होने के बीच उन्होंने कहा कि अब तक 25 लाख पास जारी कर लोगों को कामकाज की अनुमति दी जा रही है।
हवाईअड्डे से लेकर होम क्वारंटीन तक व्यवस्था
वंदे भारत अभियान के तहत विदेशों से आ रहे लोगों के संक्रमण से हरियाणा को बचाने की क्या व्यवस्था की जा रही है, इस सवाल पर खट्टर ने कहा कि ऐसे लोगों के आने के पहले ही कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। इसके अलावा एयरपोर्ट पर भी उनकी स्क्रीनिंग की जा रही है।
इसके बाद भी लोगों को सीधे उनके घरों को नहीं भेजा जा रहा है। घर जाने से पहले उन्हें 15 दिन क्वारंटीन सेंटरों में रहना होगा। इसके लिए निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए राज्य सरकार की तरफ से होटलों का इंतजाम किया गया है जबकि उच्च आयवर्ग के लोगों को अपने खर्च पर होटलों में सेल्फ क्वारंटीन रहना होगा।
रोजगार पर बोले मुख्यमंत्री
लॉकडाउन की वजह से बंद हुए काम धंधों की वजह से लोगों की नौकरी जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कोशिश है कि किसी भी कामगार की नौकरी न जाए और किसी को भी वेतन न देने की बातें न होने पाएं। लेकिन कुछ जगहों पर लोगों को वेतन नहीं मिलने की शिकायतें मिली हैं।
ऐसी जगहों पर कार्रवाई की जा रही है। सरकार लगभग 16 लाख लोगों को तीन से पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी है। लगभग 2.25 करोड़ भोजन के पैकेट बांटे गए हैं, जिससे लोगों को भुखमरी जैसी किसी स्थिति की शिकार न होना पड़े।
सोशल मीडिया के सवाल का दिया जवाब
वहीं अमर उजाला डॉट कॉम के इस लाइव कार्यक्रम में एक दर्शक अरमान पूनिया के सवाल का जवाब भी मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने दिया। उन्होंने सवाल किया था हरियाणा सिविल जेई परीक्षा का परिणाम कब तक घोषित किया जाएगा।
जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण हर जगह पर कामकाज ठप रहा। इसका सीधा असर हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के कामकाज पर भी पड़ा है और कई परीक्षाओं के परिणाम रुके हुए हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि रुकी परीक्षाओं के परिणाम जल्दी ही जारी किये जाएंगे और इसके बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।