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35 मिनट किसानों के अरमानों पर जमकर बरसे ओले
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Tue, 15 Mar 2016 01:22 AM IST
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ओलावृष्टि
- फोटो : अमर उजाला
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सुबह-सवेरे 35 मिनट तक जमकर ओले बरसे। पूरा शहर ओलावृष्टि के दौरान सफेद चादर में ढका नजर आया। शहर के आसपास 10-12 किलोमीटर के दायरे में भारी ओलावृष्टि हुई। भिवानी खंड के गांवों में हजारों एकड़ में खड़ी फसल खराब हो गई। शहर ही नहीं, बहल, चांग, बवानीखेड़ा, तोशाम क्षेत्रों में भी किसानों के अरमानों पर जमकर ओले गिरे। पिछले तीन से लगातार हो रही ओलावृष्टि की वजह से सवा लाख से अधिक एकड़ जमीन में खड़ी फसल ओलावृष्टि की वजह से नष्ट हो गई। ओलावृष्टि के बाद किसान चिंतित है तो कृषि विभाग के अधिकारी भी नुकसान का आंकलन करने में जुट गए है।
सोमवार सुबह छह बजे आसमान में काली घटाएं छाई और देखते ही देखते बरसात और ओले गिरने लगे। ओले बहुत तेज गिरे और साइज में सामान्य से ज्यादा रहा। करीब 35 मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई। जिससे जमीन पर ओलो की सफेद चादर बिछ गई। हर तरह ओले ही ओले नजर आ रहे थे। भिवानी शहर के आसपास के गांवों में चांग, बामला, फूलपुरा, सैय, खरक, प्रेमनगर, धनाना आदि में ओलावृष्टि बताई जा रही है। ओलावृष्टि से जिलेभर में करीब सवा लाख एकड़ में लगी गेहूं, सरसों की फसल में भारी नुकसान हुआ है।
तीसरी बार किसानों पर बरसती आफत
बहल। शुक्रवार, शनिवार के बाद सोमवार सुबह एक बार फिर किसानों पर आसमान से आफत बरसी। सोमवार को हुई ओलावृष्टि से सिधनवा, ओबरा, शहरयारपुर तथा सलेमपुर गांव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सलेमपुर निवासी कृष्ण, राजेश, रामचंद्र तथा पूर्व सरपंच सुरेश, सिधनवा के किसान महा सिंह, ओमप्रकाश, सलेमपुर के किसान कृष्ण राजेश, रामचंद्र ने बताया कि अब बताने को कुछ नहीं बचा है। सब कुछ प्रकृति ने ले लिया है। उधर नायब तहसीलदार संतराम तंवर, राम सिंह पहाड़ी तथा अन्य कर्मचारियों ने ओबरा, शहरयारपुर, सिधनवा, सलेमपुर गांवों में फसलों की तबाही देखी तथा किसानों से बात की। किसानों ने भी बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया तथा तुरंत प्रभाव से प्रति एकड़ 25 हजार रुपये मुआवजे की मांग की।
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डीसी से मिलने पहुंचे तीन गांवों के लोग
भिवानी। सोमवार को फसली नुकसान के बारे में बताने के लिए गांव तिगड़ाना, नाथुवास व पालुवास अलग-अलग सचिवालय पहुंचे। गांव तिगड़ाना के सरपंच प्रदीप की अगुआई में आए कृष्ण, मनोज, भीष्म, पृथ्वी, राजेंद्र, बजरंग, नरेंद्र, शिवकुमार, रामबीर, नरेश, नाथूवास के नरेंद्र रांगी, पदम, इंद्र सिंह, बलजीत, ईश्वर, राजेश, हवासिंह, जगदीश, रमेेश, गांव पालुवास के धर्मबीर, जयप्रकाश, सुखबीर, संजय, अहमद, जयभगवान, महावीर, राजबीर, राजू, धनीराम, राजकुमार, कंवर, सतबीर ने बताया कि इससे पहले फसलों में नुकसान नहीं था। लेकिन दो तीन दिनों से जमकर पड़े ओलों की मार ने किसानों के सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया।
विधायक ने किया दौरा
चांग। ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का नुकसान जांचने के लिए हलका बवानीखेड़ा विधायक बिशंबर वाल्मीकि खेतों में पहुंचे। विधायक ने अपने दौरे के दौरान गांव चांग, सैय, रेवाड़ी खेड़ा व खरक के खेतों में पहुंचकर फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया। विधायक ने किसानों को आश्वासन दिलाया कि फसलों में हुए नुकसान की जल्द ही विशेष गिरदावरी होगी व किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। उधर ग्रामीणों ने फसलों की गिरदावरी व मुआवजे की मांग के लिए उपायुक्त से मुलाकात कर प्रशासन से जल्द से जल्द फसलों की विशेष गिरदावरी मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। इस अवसर पर पंच सूबे, पंच रामकुमार, दीपक, समरजीत, हरिचंद, प्रवीन, आदि मौजूद रहे।
बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
चरखी दादरी। दादरी व आसपास के भागों में सोमवार को हवा के दवाब के साथ तेज बारिश हुई। बारिश की वजह से मौसम में ठंडक बढ़ गई। उधर इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से गेहूं और सरसों की अगेती फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्र में इससे पहले शनिवार को पांच एमएम, रविवार को छह एमएम बारिश और सोमवार को 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। उधर सोमवार सुबह बौन्दकलां, बौन्दखुर्द, रणकोली, निमड़ी, मालकोष, ऊण, सांजरवास, फौगाट, सांवड़, रानीला, अचीना, बास, भागेश्वरी, हिंडोल, लांबा, मिसरी, जयश्री, कोहलावास व सांकरोड समेत अन्य गांवों में जमकर ओलावृष्टि हुई। किसानों का कहना है कि सोमवार व रविवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को बर्बाद करके रख दिया है।
तोशाम में फिर ओलावृष्टि
तोशाम। शनिवार के बाद सोमवार को भी क्षेत्र में कुदरत ने कहर ढ़ाया। सोमवार को संडवा, साहलेवाला, हसान आदि गांवों में दूसरी बार ओलावृष्टि हुई। वहीं रोढां, ढ़ाणी कतवार, कतवार, ईशरवाल, खावा, सिढ़ाण, दरियापुर, मिरान, डाडम, बागनवाला, सरल, छपार जोगियान व रांगड़ान, पिंजोखरा व गारनपुरा आदि गांवों में ओलावृष्टि ने किसान की कमर तोड़ दी। रोढां से रणधीर, सिढ़ाण से पूर्व सरपंच रामफल, अजीत सांगवान, हसान से सज्जन सिंह आदि किसानों ने बताया कि शनिवार के बाद सोमवार सुबह आसमान से बरसी आफत में किसान तबाह हो गया है। किसान हरि सिंह के मुताबिक उसने साढ़े तीन लाख का लोन ले रखा है। ओलावृष्टि से मेथी की फसल 80 प्रतिशत तो गेहूं व सरसों की फसल 40 प्रतिशत से ज्यादा बर्बाद हो चुकी है। किसान सुरेंद्र ने 12 एकड़ पंचायती जमीन 12 हजार रुपयेे प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर ली थी। लेकिन शनिवार और फिर सोमवार को हुई ओलावृष्टि ने सुरेंद्र की उम्मीद पर पानी फेर दिया। गांव बुशान में पशुपालक रणवीर की गाय पर आसमानी बिजली टूट पड़ी। गाय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गांव बिड़ौला में कुलदीप की झोंपड़ी पर आसमानी बिजली ने कहर बरपाया। आसमानी बिजली गिरने से झोंपड़ी पूरी तरह से राख हो गई है। एसडीएम देवीलाल सिहाग किसानों से मिले और कहा कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का सही ढंग से जायजा लिया जाएगा तथा उसकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार के पास भिजवाई जाएगी ताकि किसानों के हितों के साथ ठगी न हो।
बवानीखेड़ा में 15 मिनट गिरे ओले
बवानीखेड़ा। सोमवार प्रात: बवानीखेड़ा व सिवाड़ा आदि गांवों में ओलावृष्टि हुई वहीं रविवार रात को भी बड़सी, दुर्जनपुर, रोहणात, सिकन्दरपुर आदि गांवों में भी ओलावृष्टि हुई। गांव सिवाड़ा के सरपंच मनफूल सिंह, किसान उमेद छाछिया, दीपक लोहाच, अनिल, सोमबीर, मांगेराम आदि ने बताया कि करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इससे फसलों में काफ ी नुकसान हुआ है।
किसानों ने ज्ञापन सौंपा
लोहारू। सोमवार को झांझड़ा, दमकोरा, बरालू, शेहर, पहाड़ी, सिंघानी, खरकड़ी, लोहारू, ढाणी टोडा, ढिगावा श्यामियान, बड़दू सहित सचिवालय पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज उठाई। किसानों ने मांग की है कि उनकी फसलों का प्रति एकड़ कम से कम 25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। इसी मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की लोहारू इकाई ने खंड प्रधान राम सिंह श्योराण की अध्यक्षता में एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन पत्र सौंपा।
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सोमवार सुबह छह बजे आसमान में काली घटाएं छाई और देखते ही देखते बरसात और ओले गिरने लगे। ओले बहुत तेज गिरे और साइज में सामान्य से ज्यादा रहा। करीब 35 मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई। जिससे जमीन पर ओलो की सफेद चादर बिछ गई। हर तरह ओले ही ओले नजर आ रहे थे। भिवानी शहर के आसपास के गांवों में चांग, बामला, फूलपुरा, सैय, खरक, प्रेमनगर, धनाना आदि में ओलावृष्टि बताई जा रही है। ओलावृष्टि से जिलेभर में करीब सवा लाख एकड़ में लगी गेहूं, सरसों की फसल में भारी नुकसान हुआ है।
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तीसरी बार किसानों पर बरसती आफत
बहल। शुक्रवार, शनिवार के बाद सोमवार सुबह एक बार फिर किसानों पर आसमान से आफत बरसी। सोमवार को हुई ओलावृष्टि से सिधनवा, ओबरा, शहरयारपुर तथा सलेमपुर गांव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सलेमपुर निवासी कृष्ण, राजेश, रामचंद्र तथा पूर्व सरपंच सुरेश, सिधनवा के किसान महा सिंह, ओमप्रकाश, सलेमपुर के किसान कृष्ण राजेश, रामचंद्र ने बताया कि अब बताने को कुछ नहीं बचा है। सब कुछ प्रकृति ने ले लिया है। उधर नायब तहसीलदार संतराम तंवर, राम सिंह पहाड़ी तथा अन्य कर्मचारियों ने ओबरा, शहरयारपुर, सिधनवा, सलेमपुर गांवों में फसलों की तबाही देखी तथा किसानों से बात की। किसानों ने भी बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया तथा तुरंत प्रभाव से प्रति एकड़ 25 हजार रुपये मुआवजे की मांग की।
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डीसी से मिलने पहुंचे तीन गांवों के लोग
भिवानी। सोमवार को फसली नुकसान के बारे में बताने के लिए गांव तिगड़ाना, नाथुवास व पालुवास अलग-अलग सचिवालय पहुंचे। गांव तिगड़ाना के सरपंच प्रदीप की अगुआई में आए कृष्ण, मनोज, भीष्म, पृथ्वी, राजेंद्र, बजरंग, नरेंद्र, शिवकुमार, रामबीर, नरेश, नाथूवास के नरेंद्र रांगी, पदम, इंद्र सिंह, बलजीत, ईश्वर, राजेश, हवासिंह, जगदीश, रमेेश, गांव पालुवास के धर्मबीर, जयप्रकाश, सुखबीर, संजय, अहमद, जयभगवान, महावीर, राजबीर, राजू, धनीराम, राजकुमार, कंवर, सतबीर ने बताया कि इससे पहले फसलों में नुकसान नहीं था। लेकिन दो तीन दिनों से जमकर पड़े ओलों की मार ने किसानों के सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया।
विधायक ने किया दौरा
चांग। ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का नुकसान जांचने के लिए हलका बवानीखेड़ा विधायक बिशंबर वाल्मीकि खेतों में पहुंचे। विधायक ने अपने दौरे के दौरान गांव चांग, सैय, रेवाड़ी खेड़ा व खरक के खेतों में पहुंचकर फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया। विधायक ने किसानों को आश्वासन दिलाया कि फसलों में हुए नुकसान की जल्द ही विशेष गिरदावरी होगी व किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। उधर ग्रामीणों ने फसलों की गिरदावरी व मुआवजे की मांग के लिए उपायुक्त से मुलाकात कर प्रशासन से जल्द से जल्द फसलों की विशेष गिरदावरी मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। इस अवसर पर पंच सूबे, पंच रामकुमार, दीपक, समरजीत, हरिचंद, प्रवीन, आदि मौजूद रहे।
बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
चरखी दादरी। दादरी व आसपास के भागों में सोमवार को हवा के दवाब के साथ तेज बारिश हुई। बारिश की वजह से मौसम में ठंडक बढ़ गई। उधर इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से गेहूं और सरसों की अगेती फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्र में इससे पहले शनिवार को पांच एमएम, रविवार को छह एमएम बारिश और सोमवार को 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। उधर सोमवार सुबह बौन्दकलां, बौन्दखुर्द, रणकोली, निमड़ी, मालकोष, ऊण, सांजरवास, फौगाट, सांवड़, रानीला, अचीना, बास, भागेश्वरी, हिंडोल, लांबा, मिसरी, जयश्री, कोहलावास व सांकरोड समेत अन्य गांवों में जमकर ओलावृष्टि हुई। किसानों का कहना है कि सोमवार व रविवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को बर्बाद करके रख दिया है।
तोशाम में फिर ओलावृष्टि
तोशाम। शनिवार के बाद सोमवार को भी क्षेत्र में कुदरत ने कहर ढ़ाया। सोमवार को संडवा, साहलेवाला, हसान आदि गांवों में दूसरी बार ओलावृष्टि हुई। वहीं रोढां, ढ़ाणी कतवार, कतवार, ईशरवाल, खावा, सिढ़ाण, दरियापुर, मिरान, डाडम, बागनवाला, सरल, छपार जोगियान व रांगड़ान, पिंजोखरा व गारनपुरा आदि गांवों में ओलावृष्टि ने किसान की कमर तोड़ दी। रोढां से रणधीर, सिढ़ाण से पूर्व सरपंच रामफल, अजीत सांगवान, हसान से सज्जन सिंह आदि किसानों ने बताया कि शनिवार के बाद सोमवार सुबह आसमान से बरसी आफत में किसान तबाह हो गया है। किसान हरि सिंह के मुताबिक उसने साढ़े तीन लाख का लोन ले रखा है। ओलावृष्टि से मेथी की फसल 80 प्रतिशत तो गेहूं व सरसों की फसल 40 प्रतिशत से ज्यादा बर्बाद हो चुकी है। किसान सुरेंद्र ने 12 एकड़ पंचायती जमीन 12 हजार रुपयेे प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर ली थी। लेकिन शनिवार और फिर सोमवार को हुई ओलावृष्टि ने सुरेंद्र की उम्मीद पर पानी फेर दिया। गांव बुशान में पशुपालक रणवीर की गाय पर आसमानी बिजली टूट पड़ी। गाय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गांव बिड़ौला में कुलदीप की झोंपड़ी पर आसमानी बिजली ने कहर बरपाया। आसमानी बिजली गिरने से झोंपड़ी पूरी तरह से राख हो गई है। एसडीएम देवीलाल सिहाग किसानों से मिले और कहा कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का सही ढंग से जायजा लिया जाएगा तथा उसकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार के पास भिजवाई जाएगी ताकि किसानों के हितों के साथ ठगी न हो।
बवानीखेड़ा में 15 मिनट गिरे ओले
बवानीखेड़ा। सोमवार प्रात: बवानीखेड़ा व सिवाड़ा आदि गांवों में ओलावृष्टि हुई वहीं रविवार रात को भी बड़सी, दुर्जनपुर, रोहणात, सिकन्दरपुर आदि गांवों में भी ओलावृष्टि हुई। गांव सिवाड़ा के सरपंच मनफूल सिंह, किसान उमेद छाछिया, दीपक लोहाच, अनिल, सोमबीर, मांगेराम आदि ने बताया कि करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इससे फसलों में काफ ी नुकसान हुआ है।
किसानों ने ज्ञापन सौंपा
लोहारू। सोमवार को झांझड़ा, दमकोरा, बरालू, शेहर, पहाड़ी, सिंघानी, खरकड़ी, लोहारू, ढाणी टोडा, ढिगावा श्यामियान, बड़दू सहित सचिवालय पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज उठाई। किसानों ने मांग की है कि उनकी फसलों का प्रति एकड़ कम से कम 25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। इसी मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की लोहारू इकाई ने खंड प्रधान राम सिंह श्योराण की अध्यक्षता में एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन पत्र सौंपा।