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लुक्स से कॉन्फिडेंस तक: क्यों ग्रूमिंग पर खुलकर खर्च कर रहे जेन-जी लड़के? जानें क्यों तेजी से बढ़ रहा बाजार

Thu, 27 Aug 2026 03:37 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 27 Aug 2026 03:37 PM IST
सार

Gen-Z लड़कों में ग्रूमिंग का बढ़ता चलन सिर्फ बेहतर दिखने तक सीमित नहीं है। स्किनकेयर, हेयरकेयर और बियर्ड केयर अब आत्मविश्वास और पहचान का हिस्सा बन रहे हैं।
आईए जानते हैं कि पुरुषों का ग्रूमिंग बाजार को बढ़ाने की वजह क्या? 

 

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From looks to confidence Why are Gen-Z men spending freely on grooming Find out why market growing rapidly.
जेन-जी पुरुषों के ग्रूमिंग के तरीका - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत में पुरुषों के ग्रूमिंग का तरीका अब बदल रहा है। इस बदलाव में Gen-Z लड़के सबसे आगे हैं। वे बिना झिझक स्किनकेयर, हेयरकेयर और अपने लुक्स पर ध्यान दे रहे हैं। उनके लिए ग्रूमिंग सिर्फ अच्छा दिखने तक सीमित नहीं है। उनके लिए अब यह खुद को एक्सप्रेस करने और अपनी पहचान बनाने का तरीका भी है। 

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हर साल कितना बढ़ रहा बाजार? 
जिस तेजी से लड़के अपनी ओर ध्यान दे रहे हैं, उसके कारण पुरुषों की ग्रूमिंग और पर्सनल केयर का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। 2022 में यह बाजार 200 अरब डॉलर से ज्यादा का था। यही नहीं ये बाजार अब हर साल करीब 8% की दर से बढ़ रहा है। खासकर स्किनकेयर, हेयरकेयर और बियर्ड केयर की मांग बढ़ी है। सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर भी स्किनकेयर रूटीन, बालों की देखभाल और स्कैल्प हेल्थ के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं। इससे लड़कों के बीच ग्रूमिंग अब नॉर्मल और रोजमर्रा की आदत बनती जा रही है।

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जेन-जी लड़कों को कैसे प्रोडक्ट भा रहे? 
Gen-Z लड़के अब ऐसे प्रोडक्ट्स पसंद करते हैं जो सिंपल, असरदार और भरोसेमंद हों। वे प्रोडक्ट के अंदर क्या है, वह कैसे बना है और पर्यावरण पर उसका क्या असर पड़ता है, इस पर भी ध्यान देते हैं। साथ ही, वे ऐसे ब्रांड्स से जुड़ना चाहते हैं जो उनकी सोच और पहचान से मेल खाते हों। 

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2024 में Hims की एक स्टडी के मुताबिक, 84% Gen-Z लड़कों ने कहा कि वे बेहतर बालों के लिए लगभग कुछ भी करने को तैयार हैं। वहीं, ऐसा कहने वाली Gen-Z लड़कियों की संख्या 78% थी। Gen-Z लड़के अपने बालों को लेकर पिछली पीढ़ियों के मुकाबले भी ज्यादा सजग हैं। 90% Gen-Z पुरुष मानते हैं कि उनके बाल उनकी बड़ी खूबियों में से एक हैं, जबकि ऐसा मानने वाले मिलेनियल पुरुषों की संख्या 83% और Gen-X पुरुषों की संख्या 63% है। 

जेन-जी लड़कों में बदले ट्रेंड की क्या है वजह? 
  • सेल्फ-कॉन्फिडेंस सबसे बड़ी वजह: 40% पुरुष ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल खुद पर भरोसा बढ़ाने के लिए करते हैं, जबकि 35% का मकसद आकर्षक दिखना है।
  • फेस क्रीम का बढ़ता क्रेज: 49% Gen-Z पुरुष चेहरे पर क्रीम लगाने को लेकर काफी एक्टिव हैं।
  • दोस्तों का असर ज्यादा: 45% Gen-Z युवाओं ने कहा कि उन्हें ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने के लिए दोस्तों से ज्यादा प्रेरणा मिली, जबकि सेलिब्रिटीज से प्रभावित होने वालों की संख्या। 23% रही

सेल्फ-कॉन्फिडेंस पर कितना करता है असर? 
Mintel की रिसर्च के मुताबिक, 40% भारतीय पुरुषों के लिए ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने की सबसे बड़ी वजह सेल्फ-कॉन्फिडेंस बढ़ाना है, जबकि 35% पुरुष आकर्षक दिखने के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन Gen-Z पुरुषों की सोच थोड़ी अलग है। 40% जेनजी पुरुष के लिए अच्छा और आकर्षक दिखना ग्रूमिंग की बड़ी वजह है। वहीं, 49% Gen-Z पुरुष फेस क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। करीब 34% Gen-Z पुरुषों के लिए मुंहासे और चेहरे के काले दाग जैसी स्किन प्रॉब्लम भी बड़ी चिंता हैं।

मार्केट को बढ़ाने की वजह क्या? 
बढ़ती कमाई और शहरीकरण (Urbanization): भारत में मिडिल क्लास की आय बढ़ने से पुरुषों के ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स पर खर्च भी बढ़ रहा है। खासकर 5 से 25 लाख रुपये सालाना कमाने वाले परिवार इस बाजार के बड़े ग्राहक हैं। Tier-2 और Tier-3 शहरों से नौकरी के लिए बड़े शहरों में आने वाले युवा भी अब ब्रांडेड ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स और आधुनिक शॉपिंग का हिस्सा बन रहे हैं।

सोशल मीडिया और फिटनेस कल्चर का असर: Instagram Reels, YouTube के ग्रूमिंग वीडियो और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स ने लड़कों के बीच स्किनकेयर और ग्रूमिंग को काफी सामान्य बना दिया है। अब लड़के भी मल्टी-स्टेप स्किनकेयर रूटीन फॉलो कर रहे हैं। वहीं, सेलिब्रिटीज और इन्फ्लुएंसर्स से जुड़े ब्रांड्स युवाओं को नए प्रोडक्ट आजमाने और ब्रांड को याद रखने के लिए प्रभावित कर रहे हैं।

ई-कॉमर्स और D2C का बढ़ता असर: भारत में ऑनलाइन शॉपिंग तेजी से बढ़ी है। पिछले पांच साल में ई-कॉमर्स बाजार दोगुने से ज्यादा हो गया है और ऑनलाइन खरीदारों की संख्या करीब 29-30 करोड़ तक पहुंच गई है। इससे पुरुषों के ग्रूमिंग ब्रांड्स को भी फायदा हुआ है। D2C प्लेटफॉर्म के जरिए ब्रांड्स सब्सक्रिप्शन किट, पर्सनलाइज्ड प्रोडक्ट्स और खास वैरिएंट्स दे रहे हैं। इससे ग्राहक बार-बार वही प्रोडक्ट खरीदने के लिए जुड़ रहे हैं।

पुरुषों का सैलून जाना बढ़ा: अब पुरुषों का सैलून और प्रोफेशनल ग्रूमिंग पर खर्च भी बढ़ रहा है। Looks Salon के मुताबिक, उसके कुल कारोबार में पुरुष ग्राहकों की हिस्सेदारी करीब 25% से बढ़कर 33-34% हो गई है। वहीं, कई सैलून चेन पुरुषों के लिए हेयरकट, स्किनकेयर और दूसरी ग्रूमिंग सेवाओं को बढ़ावा दे रही हैं।
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