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गाजीपुर में लगा स्वास्थ्य शिविर: छह दिन में 35000 से ज्यादा मरीजों की हुई जांच, 346 सर्जरी भी की गई
Sat, 03 Oct 2026 08:41 PM IST
पवन पांडेय
गाजीपुर, उत्तर प्रदेश
गाजीपुर, उत्तर प्रदेश
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 03 Oct 2026 08:41 PM IST
सार
गाजीपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत छह दिवसीय स्वास्थ्य शिविर में 35,200 मरीजों की जांच और 35,828 लैब टेस्ट किए गए। इस दौरान 346 सर्जरी हुईं, जिनमें 140 आंखों की सर्जरी शामिल हैं। 498 डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने 15 विशेषज्ञ सेवाओं के जरिए मरीजों का इलाज किया।
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गाजीपुर में लगा स्वास्थ्य शिविर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में आयोजित छह दिवसीय स्वास्थ्य शिविर में 35,200 मरीजों की जांच की गई। इस दौरान 346 मरीजों की सर्जरी भी की गई। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर को वर्ष 2026 में प्रदेश के बड़े स्वास्थ्य शिविरों में से एक बताया गया है। स्वास्थ्य शिविर का आयोजन युवा भाजपा नेता अभिनव सिन्हा के नेतृत्व में किया गया।
स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन 26 सितंबर को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया था। 26 से 28 सितंबर तक ओपीडी सेवाएं चलीं, जबकि 28 सितंबर से 1 अक्तूबर तक मरीजों की सर्जरी की गई। कैंप में एम्स दिल्ली, जसलोक अस्पताल मुंबई, अपोलो अस्पताल दिल्ली और हेरिटेज अस्पताल वाराणसी समेत कई बड़े संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हुए।
आयोजकों के मुताबिक, स्वास्थ्य शिविर में कुल 498 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सेवाओं में जुटे रहे। तीन दिनों की ओपीडी के दौरान 35,200 मरीजों की जांच के साथ 35,828 लैब टेस्ट किए गए। 346 सर्जरी में 140 आंखों की सर्जरी और 206 अन्य सर्जरी शामिल रहीं। इनमें हड्डी, सामान्य सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी के 22 जटिल मामले भी थे।
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स्वास्थ्य शिविर में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग, स्त्री रोग, बाल रोग, त्वचा रोग, मानसिक रोग, यूरोलॉजी, ईएनटी और एंडोक्राइनोलॉजी समेत 15 विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। आयोजकों के अनुसार, 350 से अधिक स्वयंसेवकों ने मरीजों के पंजीकरण, मार्गदर्शन और देखभाल में सहयोग किया। अभिनव सिन्हा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय प्रशासन का आभार जताया।
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स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन 26 सितंबर को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया था। 26 से 28 सितंबर तक ओपीडी सेवाएं चलीं, जबकि 28 सितंबर से 1 अक्तूबर तक मरीजों की सर्जरी की गई। कैंप में एम्स दिल्ली, जसलोक अस्पताल मुंबई, अपोलो अस्पताल दिल्ली और हेरिटेज अस्पताल वाराणसी समेत कई बड़े संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हुए।
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आयोजकों के मुताबिक, स्वास्थ्य शिविर में कुल 498 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सेवाओं में जुटे रहे। तीन दिनों की ओपीडी के दौरान 35,200 मरीजों की जांच के साथ 35,828 लैब टेस्ट किए गए। 346 सर्जरी में 140 आंखों की सर्जरी और 206 अन्य सर्जरी शामिल रहीं। इनमें हड्डी, सामान्य सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी के 22 जटिल मामले भी थे।
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स्वास्थ्य शिविर में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग, स्त्री रोग, बाल रोग, त्वचा रोग, मानसिक रोग, यूरोलॉजी, ईएनटी और एंडोक्राइनोलॉजी समेत 15 विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। आयोजकों के अनुसार, 350 से अधिक स्वयंसेवकों ने मरीजों के पंजीकरण, मार्गदर्शन और देखभाल में सहयोग किया। अभिनव सिन्हा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय प्रशासन का आभार जताया।