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विचार: दुनिया के सामने योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड है यूपीआईटीएस
Sat, 26 Sep 2026 06:43 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डॉ. पवन जायसवाल
डॉ. पवन जायसवाल
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 26 Sep 2026 06:43 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : UP Gov. YT.
उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (यूपीआईटीएस) वह मंच है जो यह दिखाता है कि 'ब्रांड योगी' केवल राजनीतिक कड़ाई या भाषणों का नाम नहीं, बल्कि सुशासन, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, स्थानीय कला के सम्मान और वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ता हुआ एक मजबूत आर्थिक मॉडल है। उत्तर प्रदेश आज वैश्विक निवेशकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए 'ड्रीम डेस्टिनेशन' बन चुका है।
जन-कल्याण व कारोबार का अनूठा समन्वय
उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (यूपीजीआईएस) ने दुनिया भर के आर्थिक दिग्गजों को यह संदेश दिया कि यूपी अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग व इनोवेशन का सबसे सुरक्षित व उत्पादक केंद्र है, यूपीआईटीएस ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को एक नया आयाम दिया है। इन दोनों आयोजनों की सफलता के पीछे सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग समर्थित नीतियां तथा 'निवेश मित्र' व 'निवेश सारथी' जैसे पारदर्शी सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम की बड़ी भूमिका है। यूपीआईटीएस में जापान, सिंगापुर, वियतनाम, रूस, ऑस्ट्रिया व बेलारूस जैसे देशों की सक्रिय भागीदारी साबित करती है कि यूपी अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।
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जन-कल्याण व कारोबार का अनूठा समन्वय
उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (यूपीजीआईएस) ने दुनिया भर के आर्थिक दिग्गजों को यह संदेश दिया कि यूपी अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग व इनोवेशन का सबसे सुरक्षित व उत्पादक केंद्र है, यूपीआईटीएस ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को एक नया आयाम दिया है। इन दोनों आयोजनों की सफलता के पीछे सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग समर्थित नीतियां तथा 'निवेश मित्र' व 'निवेश सारथी' जैसे पारदर्शी सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम की बड़ी भूमिका है। यूपीआईटीएस में जापान, सिंगापुर, वियतनाम, रूस, ऑस्ट्रिया व बेलारूस जैसे देशों की सक्रिय भागीदारी साबित करती है कि यूपी अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।
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अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ
'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना के तहत भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच, वाराणसी की सिल्क और मुरादाबाद के पीतल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के जरिए विदेशी खरीदार सीधे उपलब्ध हो रहे हैं। करोड़ों के निवेश से बनने वाली नई औद्योगिक इकाइयों, फूड प्रोसेसिंग पार्कों और डेटा सेंटरों से राज्य के लाखों युवाओं को अपने ही घर-गांव के पास प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योगों और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल रहा है, जबकि बड़ी वैश्विक कंपनियों के आने से स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को सहायक उद्योगों के रूप में बड़े पैमाने पर काम मिल रहा है। इस प्रकार, ग्रेटर नोएडा या लखनऊ में हस्ताक्षरित होने वाला एक एमओयू गांव के एक बुनकर, बढ़ई, कुशल-अकुशल श्रमिक और छोटे व्यवसायी के जीवन स्तर में सुधार का आधार बन रहा है।
'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना के तहत भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच, वाराणसी की सिल्क और मुरादाबाद के पीतल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के जरिए विदेशी खरीदार सीधे उपलब्ध हो रहे हैं। करोड़ों के निवेश से बनने वाली नई औद्योगिक इकाइयों, फूड प्रोसेसिंग पार्कों और डेटा सेंटरों से राज्य के लाखों युवाओं को अपने ही घर-गांव के पास प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योगों और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल रहा है, जबकि बड़ी वैश्विक कंपनियों के आने से स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को सहायक उद्योगों के रूप में बड़े पैमाने पर काम मिल रहा है। इस प्रकार, ग्रेटर नोएडा या लखनऊ में हस्ताक्षरित होने वाला एक एमओयू गांव के एक बुनकर, बढ़ई, कुशल-अकुशल श्रमिक और छोटे व्यवसायी के जीवन स्तर में सुधार का आधार बन रहा है।
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मजबूत अर्थव्यवस्था ही जन-कल्याण की नींव
अयोध्या, काशी और मथुरा के सांस्कृतिक पुनरुद्धार से न केवल पर्यटन में उछाल आया है, बल्कि इसने स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों से लेकर होटल उद्योग तक सभी को आर्थिक मजबूती दी है। सरकार की नीतियों में निरंतरता और पारदर्शी सुशासन ने निवेशकों की नजर में योगी आदित्यनाथ को एक विश्वसनीय ब्रांड बना दिया है। उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट केवल व्यापारिक आंकड़े जुटाने के आयोजन नहीं हैं, ये उस संकल्प के प्रतीक हैं जिसने यूपी की पुरानी छवि को सदा के लिए बदल दिया है। आज उत्तर प्रदेश न केवल भारत के विकास की धुरी बन रहा है, बल्कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है।
(अस्वीकरण: ये लेखक के निजी विचार हैं। लेख में दी गई जानकारी और तथ्यों के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। लेखक डॉ. पवन जायसवाल वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार और जीएसटी एडवाइजरी बोर्ड और सीएजी स्टेट ऑडिट एडवाइजरी बोर्ड में सदस्य हैं।)
अयोध्या, काशी और मथुरा के सांस्कृतिक पुनरुद्धार से न केवल पर्यटन में उछाल आया है, बल्कि इसने स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों से लेकर होटल उद्योग तक सभी को आर्थिक मजबूती दी है। सरकार की नीतियों में निरंतरता और पारदर्शी सुशासन ने निवेशकों की नजर में योगी आदित्यनाथ को एक विश्वसनीय ब्रांड बना दिया है। उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट केवल व्यापारिक आंकड़े जुटाने के आयोजन नहीं हैं, ये उस संकल्प के प्रतीक हैं जिसने यूपी की पुरानी छवि को सदा के लिए बदल दिया है। आज उत्तर प्रदेश न केवल भारत के विकास की धुरी बन रहा है, बल्कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है।
(अस्वीकरण: ये लेखक के निजी विचार हैं। लेख में दी गई जानकारी और तथ्यों के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। लेखक डॉ. पवन जायसवाल वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार और जीएसटी एडवाइजरी बोर्ड और सीएजी स्टेट ऑडिट एडवाइजरी बोर्ड में सदस्य हैं।)