Film Bazaar 2024: फिल्म बाजार 2024 में दिखी सिनेमाई उत्कृष्टता और वैश्विक सहयोग, कई विजेताओं को मिले पुरस्कार
Film Bazaar 2024: गोवा में आयोजित हुए 55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में फिल्म बाजार का आज, सोमवार को समापन हो गया। इस दौरान भारतीय सिनेमा में उन्नति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से भारतीय सिनेमा को और अधिक ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए फिल्म जगत के कई दिग्गज, उभरते फिल्म निर्माता और वैश्विक साझेदार एक साथ आए।
विस्तार
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित फिल्म बाजार कार्यक्रम कहानी कहने की कला का जश्न मनाने और नए रचनात्मक उपक्रमों को बढ़ावा देने के लिए पिछले कुछ वर्षों में, एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है।कार्यक्रम के दौरान एक बड़ी घोषणा में, मुकेश छाबड़ा ने दो को- प्रोडक्शन मार्केट परियजोनाओं का फिल्म बाजार के साथ सहयोग का खुलासा किया। पहली, बागी बेचारे, जो एक सीपीएम फीचर फिल्म है, जिसके लिए वे प्रतिभाओं को मुफ्त में कास्ट करेंगे। दूसरी, पोंडी चेरी, जो एक सीपीएम वेब सीरीज है, जिसे छाबड़ा की कास्टिंग में विशेषज्ञता से भी लाभ मिलेगा। यह सहयोग रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और इंडस्ट्री से साझेदारी को मजबूत करने के लिए फिल्म बाजार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इन्हें मिले वर्क इन प्रोग्रेस पुरस्कार
इस कार्यक्रम ने रोमांचक नई ऐतिहासिक साझेदारियों की भी घोषणा हुई, जैसे कि पटकथा लेखन विकास के लिए फाइनल ड्राफ्ट के साथ सहयोग, एपिसोडिक कहानी कहने को बढ़ावा देने के लिए फिल्म इंडिपेंडेंट एपिसोडिक राइटिंग वर्कशॉप के साथ जुड़ाव और सावा और एटीएफ आईफी एक्सेलेरेटर के साथ साझेदारी, जिसने सीपीएम में कोठियां- फिशर्स ऑफ मेन को मान्यता दी है। इन पहलों के अलावा, वर्क इन प्रोग्रेस पुरस्कार निम्नलिखित फिल्मों को दिए गए-
- रिधम जानवे की फिल्म कट्टी री रात्टी: हंटर्स मून को 50 घंटे मुफ्त 4के डी आई के लिए प्रसाद लैब्स पुरस्कार मिला।
- ट्रिबेनी राय की फिल्म शेप ऑफ मोमो को न्यूब स्टूडियो द्वारा 6 लाख का डी आई पैकेज दिया गया।
- द गुड, द बैड एंड द हंगरी और द रेड हिबिस्कस शामिल को प्रसाद लैब्स से 50 घंटे के डी आई पर 50% की छूट मिली।
इसके अलावा कार्यक्रम की जीवंत और समावेशी भावना को दर्शाते हुए, फिल्म बाजार अनुशंसा श्रेणी में शीर्ष तीन विजेताओं को स्पॉन्सरशिप और प्रचार के लिए प्रत्येक को 3 लाख रुपये दिए गए। वित्तीय पुरस्कारों के अलावा, विजेताओं को कई अतिरिक्त लाभ प्राप्त होंगे। इसमें 300 क्यूब सिनेमा थिएटरों में 2 लाख रुपये के ट्रेलर प्रचार के साथ-साथ अन्य प्रचार अवसर शामिल हैं, जिससे उनकी परियोजनाओं को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। ये विजेता हैं-
- अंगम्माल, विपिन राधाकृष्णन द्वारा निर्देशित
- हाउस ऑफ मणिकांता, पिनाकी जनार्दन द्वारा लिखित और निर्देशित
- फ्लेम्स, रविशंकर कौशिक द्वारा लिखित और निर्देशित
Taapsee Pannu: तापसी पन्नू ने शाहरुख खान के व्यक्तित्व पर की बात, कहा- ऐसे बहुत कम लोग हैं, जिनकी..
फिल्म निर्माताओं की उत्कृष्ट पिचों को मिली मान्यता
समारोह में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव और एनएफडीसी के एमडी पृथुल कुमार और सूचना और प्रसारण मंत्रालय में फिल्म्स की संयुक्त सचिव वृंदा मनोहर देसाई ने अपने संबोधन दिए। इस दौरान फिल्म बाजार के सलाहकार जेरोम पैलार्ड, प्रसिद्ध अभिनेता अविनाश तिवारी और प्रशंसित कास्टिंग निर्देशक मुकेश छाबड़ा भी मौजूद थे।स्टूडेंट प्रोड्यूसर वर्कशॉप पिच अवार्ड्स के विजेता डेडली डोसा रहे, जबकि रनर-अप पुरस्कार पुंजल जैन द्वारा लकड़हारा को दिया गया। फिल्म बाजार के लिए पहली बार, इस कार्यक्रम में सह-निर्माण बाजार फीचर नकद अनुदान श्रेणी की शुरुआत की गई, जिसमें फिल्म निर्माताओं की उत्कृष्ट पिचों को मान्यता दी गई।
- इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार पायल सेठी द्वारा निर्देशित और थानिकाचलम एसए द्वारा निर्मित कुरिंजी (द डिसैपियरिंग फ्लावर) को दिया गया।
- दूसरा पुरस्कार कोठियां - फिशर्स ऑफ मेन को मिला, जिसका निर्देशन संजू सुरेंद्रन ने किया और इसका निर्माण प्रमोद शंकर ने किया।
- तीसरा पुरस्कार प्रांजल दुआ द्वारा निर्देशित और बिच-क्वान ट्रान द्वारा निर्मित ऑल टेन हेड्स ऑफ रावण को दिया गया।
- इसके अतिरिक्त, सुमित पुरोहित द्वारा निर्देशित और चिप्पी बाबू और अभिषेक शर्मा द्वारा निर्मित बागी बेचारे को सर्वश्रेष्ठ पिच के लिए विशेष उल्लेख दिया गया।
- एक विशेष पहल में, फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को भी फिल्म बाजार में फ्रांसीसी प्रतिनिधियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के अपने निरंतर प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।