न आदेश का पालन, न कोई सुधार; दूसरे सीजन में भी फूहड़ता परोस रहे समय रैना! जानें क्यों पड़ी कोर्ट की फटकार?
Samay Raina Show Indias Got Latent Controversy: कॉमेडियन और यू्ट्यूबर समय रैना इन दिनों अपने विवादित शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के दूसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं। इस बीच इसी शो के पहले सीजन के आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने समय को फटकार लगाई है और साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें अपने किए का अंजाम अब भुगतना होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समय रैना फिर चर्चा में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनके प्रति सख्त रवैया अपनाया है। तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए साफ शब्दों में कहा है, 'अब उन्हें भुगतने दीजिए'। सुप्रीम कोर्ट की यह नाराजगी समय रैना के सालभर से चल रहे रवैये को लेकर है। मामले की शुरुआत बीते साल हुई थी और वजह था यूट्यूबर-कॉमेडियन का विवादित शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट'। मामले को जरा शुरू से समझते हैं-
'इंडियाज गॉट लेटेंट' के पहले सीजन से हुई शुरुआत
बीते साल समय रैना के शो में यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया आए थे। उन्होंने माता-पिता को लेकर बेहद ही आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणी की थी। मामला अदालत तक पहुंचा। रणवीर की टिप्पणी के इतर समय के शो में मजाक की आड़ में दूसरों पर तंज कसने वाली और असंवेदनशील बातें कही गईं। शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में होस्ट समय रैना और कुछ अन्य इन्फ्लुएंसर्स पर दिव्यांगों और दुर्लभ जेनेटिक बीमारियों से पीड़ित लोगों का मजाक उड़ाए जाने का आरोप लगा। इसे लेकर कोर्ट ने सख्ती दिखाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाया तीन लाख रुपये का जुर्माना?
'इंडियाज गॉट लेटेंट' के पहले सीजन में की गई अश्लील टिप्पणी वाला समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। आज मंगलवार इस पर सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने उन्हें पिछले आदेश का पालन न करने पर फटकार लगाई है। अदालत ने समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि-
- अगर यह रकम जमा नहीं की गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है, 'ये खुद को 'यूथ आइकन' कहते हैं। मुझे नहीं पता कि वह किस तरह का यूथ आइकन है। यह सोचकर ही मुझे घबराहट होती है'।
- कोर्ट ने आगे कहा, 'हमें लगता है कि (कॉमेडियन) समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया है और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है।'
दूसरे सीजन में भी नहीं कोई सुधार
आपत्तिजनक कंटेंट के बाद समय रैना का शो बंद हो गया था। अब उन्होंने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के दूसरे सीजन के साथ वापसी की है। इस बार यह शो यूट्यूब के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भी स्ट्रीम हो रहा है। इसके अलावा समय रैना का 'समय रैना स्टिल अलाइव' कॉमेडी शो भी खूब वायरल हुआ और चर्चा में रहा है। 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो के नए सीजन का दो-दो प्लेटफॉर्म पर शो का प्रसारण और अच्छी खासी फैन फॉलोइंग..., क्या समय रैना को इन्हीं बातों का अहंकार हो गया है?
- ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि दूसरे सीजन के कंटेंट में भी फूहड़ता परोसी जा रही है।
- समय के शो के दूसरे सीजन के पहले एपिसोड में बॉलीवुड अदाकारा आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट आई थीं।
- 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के दूसरे सीजन में भी आपत्तिजनक टिप्पणियों का दौर जारी है।
'एपस्टीन फाइल्स' पर फूहड़ टिप्पणी पर विवाद
समय रैना के शो के पहले एपिसोड में 'एपस्टीन फाइल्स' को लेकर अभद्र मजाक किया गया था। इस पर आलिया भट्ट और शरवरी काफी असहज होती दिखी थीं। वहीं, शो में शामिल हुए समय सहित कई लोग ठहाके लगाकर हंस रहे थे। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने खूब आलोचना की और कॉमेडियन को खरी-खरी सुनाई थी।
क्या सफलता ने बना दिया समय को अहंकारी?
समय रैना ने एक तो पिछले सीजन के विवादित मामले पर कोर्ट का कहा माना नहीं है। दूसरा, शो के दूसरे सीजन में भी कंटेंट को लेकर न कोई सावधानी बरत रहे हैं न सुधार नजर आ रहा है। ऐसे में क्या यह मान लेना चाहिए कि उन पर सफलता इतनी हावी हो गई है कि अहंकार का रूप ले लिया है। आज 14 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने भी समय को लेकर कहा, 'अब उन्हें भुगतने दीजिए। अगर यह अहंकार नहीं है, तो हमें ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी भी बदलनी होगी।' अब देखना होगा कि जुर्माना देने और कोर्ट की सख्ती के बाद क्या समय कुछ सुधार करते हैं या यही तरीका आगे भी जारी रहेगा!
दिव्यांगों पर की गई टिप्पणी का मामला क्या है?
समय रैना के शो से जुड़ा यह विवाद एक तो रणवीर अल्लाहबादिया की टिप्पणी वाला है। दूसरा, यह है कि एक गैर-सरकारी संगठन 'क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन' ने याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के होस्ट समय रैना और कुछ अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने दिव्यांगों और दुर्लभ जेनेटिक बीमारियों से पीड़ित लोगों का मजाक उड़ाया।
- पिछले साल अगस्त में, सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और उनके साथी कॉमेडियनों को विकलांगता और दुर्लभ आनुवंशिक विकारों वाले लोगों का मजाक उड़ाने के लिए बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया था।
- साथ ही कोर्ट ने कहा था 'ऐसी हरकतों के लिए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत सजा हो सकती है। अपने पॉडकास्ट वगैरह पर जाकर माफी मांगें। फिर हमें बताएं कि आप कितना जुर्माना या हर्जाना भरने को तैयार हैं।'
- साथ ही यह भी निर्देश दिया खा कि वे दिव्यांगों (PwDs) की सफलता की कहानियों पर हर महीने दो कार्यक्रम या शो आयोजित करें, ताकि दिव्यांगों, खासकर SMA से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाया जा सके।