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सम्मान: कौन है शांतनु मोइत्रा? जिन्हें राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार से किया गया सम्मानित
Tue, 29 Sep 2026 12:12 PM IST
राजश्री वर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: राजश्री वर्मा
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:12 PM IST
सार
Music Director Shantanu Moitra: मध्य प्रदेश सरकार ने संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा को संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया।
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शांतनु मोइत्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा को संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
बता दें कि यह पुरस्कार इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया। इंदौर लता मंगेशकर की जन्मस्थली है। यह कार्यक्रम उनकी 97वीं जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए।
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बता दें कि यह पुरस्कार इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया। इंदौर लता मंगेशकर की जन्मस्थली है। यह कार्यक्रम उनकी 97वीं जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए।
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शांतनु मोइत्रा
- फोटो : अमर उजाला
क्या बोले मोहन यादव?
लता मंगेशकर को याद करते हुए मोहा यादव ने कहा कि उनके गीतों में जीवन के हर रंग की झलक मिलती थी। इनमें ईश्वर की भक्ति, देशभक्ति, दोस्ती, खुशी, प्रेम और विरह जैसे भाव शामिल थे। शास्त्रीय और हल्के संगीत से लेकर लोक संगीत तक, उनके गायन में विविधता देखने को मिलती थी।'
लता मंगेशकर को याद करते हुए मोहा यादव ने कहा कि उनके गीतों में जीवन के हर रंग की झलक मिलती थी। इनमें ईश्वर की भक्ति, देशभक्ति, दोस्ती, खुशी, प्रेम और विरह जैसे भाव शामिल थे। शास्त्रीय और हल्के संगीत से लेकर लोक संगीत तक, उनके गायन में विविधता देखने को मिलती थी।'
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शांतनु मोइत्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
शांतनु मोइत्रा के लिए कही ये बात
मोहन यादव ने शांतनु मोइत्रा के भारतीय संगीत में योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मोइत्रा ने अपनी प्रतिभा से देश के संगीत जगत को समृद्ध किया है। वहीं, संगीतकार मोइत्रा ने सम्मान के लिए मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर के नाम पर उनकी जन्मस्थली में और उनकी जयंती के दिन पुरस्कार मिलना उनके लिए भावुक और गर्व का पल है।
मोहन यादव ने शांतनु मोइत्रा के भारतीय संगीत में योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मोइत्रा ने अपनी प्रतिभा से देश के संगीत जगत को समृद्ध किया है। वहीं, संगीतकार मोइत्रा ने सम्मान के लिए मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर के नाम पर उनकी जन्मस्थली में और उनकी जयंती के दिन पुरस्कार मिलना उनके लिए भावुक और गर्व का पल है।
शांतनु मोइत्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
कौन हैं शांतनु मोइत्रा?
शांतनु मोइत्रा भारतीय सिनेमा के प्रमुख संगीतकार और बैकग्राउंड स्कोर कम्पोजर हैं। 'परिणीता', 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी', 'लगे रहो मुन्नाभाई', '3 इडियट्स', 'मद्रास कैफे', 'पीकू', 'अक्टूबर' और '12वीं फेल' जैसी फिल्मों में उनके संगीत को पहचान मिली। वर्ष 2014 में तेलुगु फिल्म 'ना बंगारू तल्ली' के लिए शांतनु को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था।
कब शुरू हुआ था यह पुरस्कार?
शांतनु मोइत्रा भारतीय सिनेमा के प्रमुख संगीतकार और बैकग्राउंड स्कोर कम्पोजर हैं। 'परिणीता', 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी', 'लगे रहो मुन्नाभाई', '3 इडियट्स', 'मद्रास कैफे', 'पीकू', 'अक्टूबर' और '12वीं फेल' जैसी फिल्मों में उनके संगीत को पहचान मिली। वर्ष 2014 में तेलुगु फिल्म 'ना बंगारू तल्ली' के लिए शांतनु को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था।
कब शुरू हुआ था यह पुरस्कार?
- राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार की शुरुआत मध्य प्रदेश के संस्कृति विभाग ने 1984 में की थी।
- यह पुरस्कार हर साल हल्के संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है।
- अब तक नौशाद, किशोर कुमार, सोनू निगम, एआर रहमान, अनु मलिक, उदित नारायण और आशा भोसले समेत कई प्रसिद्ध कलाकारों को यह पुरस्कार मिल चुका है।