Dupahiya 2 Review: निरहुआ बने स्टेपनी, अभिनय ने लगाया सीजन 2 की गाड़ी में धक्का; फिर कहां हुआ इंजन फेल?
Dupahiya 2 Web Series Review: वेब सीरीज ‘दुपहिया 2’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है। इसमें झा परिवार की मुश्किलों में लिपटी कॉमेडी और निरहुआ का मजाकिया अंदाज नजर आ रहा है। जानें किसने किया दर्शकों का असली मनोरंजन?
विस्तार
‘दुपहिया 2’ का इंतजार फैंस को काफी वक्त से था, क्योंकि सीजन 1 में धड़कपुर गांव के कई सपने और कहानियां अधूरी रह गई थीं। दुपहिया के सीजन 2 की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां से दर्शकों ने इसे छोड़ा था। कमाल का अभिनय और सामान्य घरों की रोजमर्रा की परेशानियों में कॉमेडी को सैंडविच बना के परोसना, यही तो एक्स फैक्टर रहा है ‘दुपहिया’ का। पढ़िए इस बार क्या तूफान आया है धड़कपुर में…
कहानी
कहानी फिर धड़कपुर गांव में लौटती है। इस बार बनवारी की जमीन पर मोबाइल टावर लगाने की योजना गांव में नई अफवाहों और विवादों को जन्म देती है। इससे प्रभावित होकर गांव में सम्मानित पुष्पलता (रेणुका शहाणे) इस योजना को रोकने की कोशिश में लग जाती हैं। वहीं भूगोल सोशल मीडिया पर पहचान बना चुका है, मगर लड़की के भेष में डांस करने की वजह से उनके पिता बनवारी (गजराज राव) उससे काफी नाराज हैं। वहीं बनवारी की बेटी रोशनी (शिवानी रघुवंशी) की एसएससी परीक्षा करीब है। इसे पास करके उसे अपना पहले सीजन में लिया गया चैलेंज पूरा करना है। मेहनत करने के बाद भी उसके परीक्षा में सफल होने के बहुत कम चांस हैं। रोशनी की इस मुश्किल में उसका साथ देता है अमावस (भुवन अरोड़ा) इसके साथ ही इंस्पेक्टर मिथलेश (यशपाल शर्मा) को किसी गड़बड़ी की आशंका है। वहीं रोशनी अपने एसएससी के पेपर का जुगाड़ करने प्रथम कुमार (निरहुआ) के पास पहुंतचती है। अब आगे क्या होगा इसके लिए आपको सीरीज देखनी पड़ेगी। कहानी में परीक्षा, प्रेम, गांव की राजनीति और कथित घोटाले का तड़का है।
अभिनय
वेब सीरीज ‘दुपहिया 2’ की कहानी समाज और गांव की पृष्टभूमि पर है। सीरीज की कहानी के अनुसार सारे किरदारों का अभिनय काफी अच्छा और रियलिस्टिक लगता है। गजराज राव, रेणुका शहाणे, यशपाल शर्मा, दिनेश लाल यादव पहले से ही मंझे हुअ किरदार हैं। मगर स्पर्श श्रीवास्तव, शिवानी रघुवंशी, भुवन अरोड़ा सभी अपने किरदारों के साथ इंसाफ करते दिखाई देते हैं। मगर दूसरी तरफ यह कहना भी गलत नहीं होगा कि कहानी जह कहीं कहीं पटरी से उतरती है तो आपको कलाकारों के अभिनय में एक तरह की ओवरएक्टिंग दिखाई देती है।
निर्देशन
निर्देशक सोनम नायर बॉलीवुड की कई फिल्मों में असिस्टेंट डॉयरेक्टर के रूप में काम कर चुकी हैं। मगर असली पहचान उन्हें वेबसीरीज ‘दुपहिया’ से मिली है। ‘दुपहिया 2’ में कहानी अच्छी है निर्देशन अच्छा है मगर कहीं न कहीं कुछ कमी नजर आती है। कहानी में इतने सारे किरदार हो चुके हैं कि दर्शक जब तक किसी एक किरदार की कहानी और संघर्ष को मेहसूस करते हैं दूसरे किरदार की कहानी शुरू हो जाती है। इससे एक तरह से न आप हंस पाते हैं न ही किसी किरदार को करीब से मेहसूस कर पाते हैं। सीरीज शुरू में धीमी है आपको लगता है कि अब रफ्तार पकड़ेगी मगर बीच के एपिसोड में यह और ज्यादा धीमी हो जाती है। फिर आखिरी के कुछ एपिसोड में जब स्पीड पकड़ती है तो आपको एक रोलर कोस्टर जैसा फील होता है।
‘दुपहिया’ का पहला सीजन अगर देखा है तो दूसरा सीजन भी देखना बनता है। इस सीजन में निरहुआ का अंदाज पिछले दर्शकों के लिए काफी खास होगा। वीकेंड्स में इससे परिवार के साथ देखा जा सकता है। मगर आप वीकेंड में बाहर जाने या कोई मूवी प्लान कर रहे हैं तो नहीं भी देखेगें तो कुछ ज्यादा मिस नहीं करेंगे। हालांकि ‘दुपहिया’ के फैंस के लिए सीरीज वन टाइम वॉच डिजर्व करती है।