विष्णु पुराण (Vishnu Puran) में अब तक आपने देखा असुरराज हिरण्यकश्यपु के घर विष्णु भक्त प्रह्लाद का जन्म हो चुका है। हिरण्यकश्यपु की पत्नी कयादु उससे नारद मुनि के आश्रम में ही रहने की आज्ञा मांगती है। हिरण्यकश्यपु नारद मुनि को इस शर्त पर अपनी पत्नी और बेटे को आश्रम में छोड़ने को राजी होता है कि उनके मुख से कभी भगवान विष्णु का नाम नहीं निकलेगा।
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विष्णु पुराण
- फोटो : सोशल मीडिया
एपिसोड 22 में आपने देखा नारदमुनि के आश्रम मे प्रह्लाद बड़ा होने लगता है। नारदमुनि उसे शिक्षा देते हैं और भगवान विष्णु की कथा सुनाते हैं। प्रह्लाद का पिता हिरण्यकश्यपु स्वयं को ही ईश्वर मानता था। उसने समस्त प्रजा से कह रखा था कि सभी उसकी ही पूजा करेंगे, विष्णु की नहीं। हिरण्यकश्यपु के आतंक के कारण लोग भगवान विष्णु की आराधना नहीं कर पाते थे।
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लेकिन उसे कहां पता था कि पूरी दुनिया को वह भगवान विष्णु का नाम लेने से मना कर रहा है और उसी के घर उनका सबसे बड़ा भक्त जन्मा है। दैत्यराज का पुत्र होते हुए भी प्रह्लाद बचपन से ही बड़ा भक्तिपरायण था। जब वह नारदमुनि के आश्रम से अपने राजमहल लौटा तो दानवराज ने उसे आसुरी शिक्षा के लिए दैत्य गुरु शुक्राचार्य के पास भेज दिया।
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हिरण्यकश्यपु ने प्रह्लाद को हर प्रकार से ईश्वर भक्ति से विचलित करने के लिए अनेक उपाय किए तथा उसको तरह-तरह की यातनाएं दीं, किंतु वह अपने पथ पर दृढ़ रहा। कहा जाता है, प्रह्लाद ने अपनी माता के गर्भ में ही सभी उपदेश सुने और याद रखे। अपनी भक्ति के कारण आगे चलकर वह भगवान विष्णु के प्रिय भक्त के रूप में विख्यात हुआ।
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बता दें विष्णु पुराण शो 23 जनवरी 2000 को टेलीकास्ट हुआ था। इसके 126 एपिसोड थे। इसे बी.आर. चोपड़ा के बेटे रवि चोपड़ा ने बनाया था। 'विष्णुपुराण' में किंशुक वैद्य ने प्रह्लाद का किरदार निभाया था। इस सीरियल में एक्टर नीतीश भारद्वाज ने भगवान विष्णु का रोल प्ले किया था।